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Banda News: पांच खरीदारों के नाम सामने आने की जानकारी
Mon, 05 Oct 2026 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 05 Oct 2026 11:48 PM IST
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बांदा। कोडीनयुक्त कफ सिरप को नशे में खपाने के मामले में सोमवार को कस्टडी रिमांड पर लिए गए तीन आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस ने नेटवर्क की जड़ें खंगालीं।
मुख्य आरोपी अतर्रा निवासी प्रियांशु गुप्ता, प्रवीण गुप्ता उर्फ लकी और रोहित पांडेय से करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ चली। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने कोडीन सिरप के पांच खरीदारों के नाम बताए हैं। इस दौरान नशे के कारोबार से हुई कमाई, उससे बनाई गई प्रॉपर्टी के बारे में अहम जानकारी हाथ लगने का दावा किया जा रहा है।
न्यायालय से तीनों आरोपियों की छह घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मिली थी। सोमवार सुबह नौ बजे पुलिस तीनों को जिला कारागार से लेकर पुलिस लाइन पहुंची। यहां सीओ बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी और मामले के विवेचक गौरव मिश्रा ने पूछताछ की। घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
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पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नशे के कारोबार से अर्जित रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया। पूछताछ में कथित तौर पर बनाई गई प्रॉपर्टी से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं। पुलिस अब इन संपत्तियों और रकम के स्रोत का सत्यापन करेगी।
पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान तीनों आरोपियों के परिजन और अधिवक्ता भी आसपास मौजूद रहे। जिला कारागार से मेडिकल के लिए जिला अस्पताल ले जाने से लेकर पुलिस लाइन पहुंचने तक वे आसपास ही रहे।
समय कम, अतर्रा नहीं ले जा सकी पुलिस
छह घंटे की रिमांड में पुलिस के पास पूछताछ के लिए सीमित समय था। पुलिस का फोकस था कि उपलब्ध समय में आरोपियों से नेटवर्क के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हासिल की जा सके। दोपहर तीन बजे रिमांड की अवधि समाप्त होने पर तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला कारागार में दाखिल कर दिया गया। पूछताछ के बाद जेल ले जाते समय दोनों बार आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया।
अनुमान से काफी बड़ा हो सकता है सिंडिकेट
सूत्रों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों ने पुलिस को भी चौंकाया है। अब तक सामने आई जानकारियों के आधार पर कोडीनयुक्त सिरप का नेटवर्क अनुमान से कहीं बड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस को खरीदारों के साथ-साथ कथित तौर पर नशे के कारोबार से अर्जित रकम और उससे बनाई गई संपत्तियों से जुड़े तथ्य भी मिले हैं।
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वर्जन
तीनों आरोपियों से न्यायालय के आदेश के अनुसार छह घंटे के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर लाया गया था। उनसे कोडीनयुक्त सिरप के व्यापार के संबंध में पूछताछ की गई है। उनसे मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।-कृषणकांत त्रिपाठी, सीओ बबेरू
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मुख्य आरोपी अतर्रा निवासी प्रियांशु गुप्ता, प्रवीण गुप्ता उर्फ लकी और रोहित पांडेय से करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ चली। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने कोडीन सिरप के पांच खरीदारों के नाम बताए हैं। इस दौरान नशे के कारोबार से हुई कमाई, उससे बनाई गई प्रॉपर्टी के बारे में अहम जानकारी हाथ लगने का दावा किया जा रहा है।
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न्यायालय से तीनों आरोपियों की छह घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मिली थी। सोमवार सुबह नौ बजे पुलिस तीनों को जिला कारागार से लेकर पुलिस लाइन पहुंची। यहां सीओ बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी और मामले के विवेचक गौरव मिश्रा ने पूछताछ की। घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
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पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नशे के कारोबार से अर्जित रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया। पूछताछ में कथित तौर पर बनाई गई प्रॉपर्टी से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं। पुलिस अब इन संपत्तियों और रकम के स्रोत का सत्यापन करेगी।
पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान तीनों आरोपियों के परिजन और अधिवक्ता भी आसपास मौजूद रहे। जिला कारागार से मेडिकल के लिए जिला अस्पताल ले जाने से लेकर पुलिस लाइन पहुंचने तक वे आसपास ही रहे।
समय कम, अतर्रा नहीं ले जा सकी पुलिस
छह घंटे की रिमांड में पुलिस के पास पूछताछ के लिए सीमित समय था। पुलिस का फोकस था कि उपलब्ध समय में आरोपियों से नेटवर्क के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हासिल की जा सके। दोपहर तीन बजे रिमांड की अवधि समाप्त होने पर तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला कारागार में दाखिल कर दिया गया। पूछताछ के बाद जेल ले जाते समय दोनों बार आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया।
अनुमान से काफी बड़ा हो सकता है सिंडिकेट
सूत्रों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों ने पुलिस को भी चौंकाया है। अब तक सामने आई जानकारियों के आधार पर कोडीनयुक्त सिरप का नेटवर्क अनुमान से कहीं बड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस को खरीदारों के साथ-साथ कथित तौर पर नशे के कारोबार से अर्जित रकम और उससे बनाई गई संपत्तियों से जुड़े तथ्य भी मिले हैं।
वर्जन
तीनों आरोपियों से न्यायालय के आदेश के अनुसार छह घंटे के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर लाया गया था। उनसे कोडीनयुक्त सिरप के व्यापार के संबंध में पूछताछ की गई है। उनसे मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।-कृषणकांत त्रिपाठी, सीओ बबेरू