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अमेरिका को खुश करने को नष्ट की जा रही भारतीय पोल्ट्री
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बांदा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत आगमन पर पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा है। इसमें आरोप लगाया कि अमेरिकी पोल्ट्री को बचाने के लिए भारतीय पोल्ट्री को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है। भारतीय पोल्ट्री सेक्टर का कारोबार एक लाख करोड़ का है। इसमें दो करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है।
सोमवार को पोल्ट्री फेडरेशन के स्थानीय प्रतिनिधियों ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा कि भारतीय पोल्ट्री फार्म को भारत सरकार ने आज तक कोई मदद नहीं दी। सब्सिडी, बीमा, इन्फ्रास्ट्रक्चर, मार्केटिंग, तकनीकी सहायता आदि कुछ नहीं मिला है। इसके बाद भी पोल्ट्री किसानों ने अपनी मेहनत के बलबूते इस व्यवसाय को इतना बढ़ा लिया है।
कहा है कि स्वनिर्मित व्यवसाय की सहायता के बजाय केंद्र की मोदी सरकार अमेरिकी टंगड़ी पर ड्यूटी घटाकर भारतीय पोल्ट्री को नष्ट करना चाहती है। यह सिर्फ राजनैतिक लाभ और एक व्यक्ति विशेष को लुभाने के लिए। फेडरेशन ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि भारतीय पोल्ट्री को बाहर के देशों जैसी सुविधाएं दी जाएं।
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यहां ड्यूटी कम की गई तो फील्ड में प्रयोग होने वाले मैटेरियल पर भी ड्यूटी कम हो। अमेरिकी इशारे पर ड्यूटी कम करने से न सिर्फ पोल्ट्री किसानों, बल्कि मक्का, बाजरा, सोया और तिलहन के किसानों को भी नुकसान होगा। इन अनाजों का पोल्ट्री सबसे बड़ा उपभोक्ता है।
प्रधानमंत्री से कहा है कि उनके वोटर भारतीय किसान हैं, अमेरिकी नहीं। बेवजह अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रेशर में आकर भारतीय किसानों का नुकसान न करें। पोल्ट्री किसानों को बराबर का मौका दिया जाए। उनसे पक्षपात न हो। ज्ञापन देने वालों में फेडरेशन के अध्यक्ष रमेशचंदर खत्री और सचिव रणपाल सिंह शामिल हैं।
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सोमवार को पोल्ट्री फेडरेशन के स्थानीय प्रतिनिधियों ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा कि भारतीय पोल्ट्री फार्म को भारत सरकार ने आज तक कोई मदद नहीं दी। सब्सिडी, बीमा, इन्फ्रास्ट्रक्चर, मार्केटिंग, तकनीकी सहायता आदि कुछ नहीं मिला है। इसके बाद भी पोल्ट्री किसानों ने अपनी मेहनत के बलबूते इस व्यवसाय को इतना बढ़ा लिया है।
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कहा है कि स्वनिर्मित व्यवसाय की सहायता के बजाय केंद्र की मोदी सरकार अमेरिकी टंगड़ी पर ड्यूटी घटाकर भारतीय पोल्ट्री को नष्ट करना चाहती है। यह सिर्फ राजनैतिक लाभ और एक व्यक्ति विशेष को लुभाने के लिए। फेडरेशन ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि भारतीय पोल्ट्री को बाहर के देशों जैसी सुविधाएं दी जाएं।
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यहां ड्यूटी कम की गई तो फील्ड में प्रयोग होने वाले मैटेरियल पर भी ड्यूटी कम हो। अमेरिकी इशारे पर ड्यूटी कम करने से न सिर्फ पोल्ट्री किसानों, बल्कि मक्का, बाजरा, सोया और तिलहन के किसानों को भी नुकसान होगा। इन अनाजों का पोल्ट्री सबसे बड़ा उपभोक्ता है।
प्रधानमंत्री से कहा है कि उनके वोटर भारतीय किसान हैं, अमेरिकी नहीं। बेवजह अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रेशर में आकर भारतीय किसानों का नुकसान न करें। पोल्ट्री किसानों को बराबर का मौका दिया जाए। उनसे पक्षपात न हो। ज्ञापन देने वालों में फेडरेशन के अध्यक्ष रमेशचंदर खत्री और सचिव रणपाल सिंह शामिल हैं।