{"_id":"85cc4a35495145440fae640099ced1d7","slug":"immersion-jawara-on-navami-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवमी पर जवारा विसर्जन में भक्तों की भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवमी पर जवारा विसर्जन में भक्तों की भीड़
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 28 Mar 2015 11:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवमी पर शनिवार को देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने जवारे विसर्जित किए। महेश्वरी देवी, काली देवी मंदिर में मेले जैसा नजारा रहा। परंपरागत देवी गीतों के साथ ढोल-मंजीरे की थाप पर बच्चे-बूढ़े भी देवी भक्ति से सराबोर रहे।
विज्ञापन
गांवों से आने वाली टोलियां उमाह गीत गाती रहीं। सिंहवाहिनी, कालका देवी, चौसठजोगिनी, महामाई, मरही माता मंदिरों में भी भक्तों का तांता लगा रहा। घरों और मंदिरों में कन्या भोज के आयोजन हुए। नौ दिन व्रत रखने वाले रविवार को पारण करेंगे।
विज्ञापन
उधर, खत्री पहाड़ स्थित विंध्यवासिनी मेले में जगह-जगह भंडारा और कन्या भोज चलते रहे। पहाड़ की तलहटी पर स्थित विंध्यवासिनी मंदिर में अष्टमी (शुक्रवार) की रात ‘महाआरती’ हुई। रासलीला व रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही।
विज्ञापन
बबेरू के मढ़ीदाई मंदिर में श्रद्धालुओं ने पान, बताशा, नारियल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। घरों में बोए गए जवारे विसर्जित किए और कन्या भोज कराया। यमुना किनारे प्राचीन बाकल की जोगिनी माता मेला में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
अतर्रा के गौराबाबा धाम, भद्रकाली मंदिर, शारदा मंदिर और चूड़ी गली स्थित बड़ी माता मंदिर, पहड़िया दाई अरोड़ी माता मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
आज से जलापूर्ति सुबह 6 बजे
बांदा। नवरात्र खत्म होते ही जल संस्थान ने शहर में जलापूर्ति का समय भी बदल दिया है। अब नलों से पानी की आपूर्ति पूर्व की भांति सुबह 6 बजे से होगी। यह नया शेड्यूल रविवार से लागू हो जाएगा। जल संस्थान अधिशासी अभियांत वीबी सिंह ने यह जानकारी दी।