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आपरेशन कायाकल्प से हटेंगे स्कूलों के अवैध कब्जे
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तिंदवारी क्षेत्र के छिरौंटा गांव में बिना बाउंड्री का पूर्व माध्यमिक विद्यालय।
- फोटो : BANDA
बांदा। परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के खेल मैदान और भूमि पर किए गए अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। साथ ही इन स्कूलों का 11 कार्यों से कायाकल्प किया जाएगा। पंचायती राज विभाग और सर्व शिक्षा अभियान विभाग मिलकर आपरेशन कायाकल्प को अंजाम देंगे। ये निर्देश पंचायती राज विभाग के सचिव और प्रदेश के सर्व शिक्षा अभियान निदेशक ने दिए हैं। बांदा जिले में लगभग 164 परिषदीय स्कूलों की भूमि में अतिक्रमण है। इनमें 102 प्राइमरी और 62 जूनियर हाईस्कूल हैं।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में अपर सचिव और सर्व शिक्षा अभियान परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने कहा है कि आपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय स्कूलों की भूमि पर अवैध कब्जे हटाए जाने के साथ ही चहारदिवारी निर्माण, मरम्मत, पेयजल, किचेन शेड, बिजली, शौचालय व रंग रोगन आदि 11 कराए कराए जाएं। ये कार्य ग्राम पंचायतों से कराया जाए। इन स्कूलों की पहले पैमाइश कराएं। जिन स्कूलों की खाली पड़ी भूमि या खेल मैदानों में अवैध कब्जे या अतिक्रमण हों उन्हें हटवाया जाए।
जिलाधिकारी और बीएसए को निर्देश दिए कि 15 दिसंबर तक स्कूलों की फोटो सहित कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। अपर सचिव पंचायती राज ने डीपीआरओ को निर्देश दिया कि ये कार्य 14वें वित्त आयोग के बजट से ग्राम पंचायतें कराएं। उधर, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हरिश्चंद्र नाथ ने बताया कि बांदा जिले के 2035 परिषदीय स्कूलों में 164 में चहारदीवारी (बाउंड्री) नहीं है। इनमें से कुछ स्कूलों की आंशिक भूमि पर अवैध कब्जे भी हैं। इसमें 102 प्राइमरी व 62 जूनियर विद्यालय है।
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तिंदवारी क्षेत्र के 34 स्कूलों में नहीं चहारदिवारी
तिंदवारी। इस क्षेत्र में 34 ऐसे परिषदीय स्कूल हैं जिनमें चहारदीवारी नहीं है। यहां अन्ना पशु और अराजकतत्व अपना अड्डा बना लेते हैं। स्कूल के बरामदों व परिसर में गोबर व अन्य गंदगी रहती है। छिरौंटा गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में चहारदीवारी के लिए वर्ष 2015 में स्वीकृत पैसा प्रधान के खाते में आने के बाद भी वापस हो गया। निर्माण के नाम पर सिर्फ पायलिंग की गई। फिर वो भी ठप हो गई।
यहां के अलावा बिछवाही, भवानीपुर, तारा, भड़ौली, बरेठी कलां, लोहारी, बंशी डेरा, लकदेउरा डेरा, लाहा डेरा, खैरीहार और बड़ेहा हार के स्कूलों में भी चहारदिवारी नहीं है। प्रधानाध्यापक प्रकाश मिश्रा ने बताया कि स्कूल बंद होने के बाद शराबी, अराजकतत्व और अन्ना पशु स्कूल में अड्डा जमा लेते हैं। अगले दिन सुबह शराब की बोतलें और डिस्पोजल गिलास और अन्ना पशुओं का गमोबर इत्यादि पड़ा मिलता है। हैंडपंप का सामान चोरी हो जाता है। खंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुशवाहा ने बताया कि बिना चहारदिवारी वाले स्कूलों की सूची शासन को भेजी गई है। स्वीकृति और बजट मिलते ही चहारदिवारी बनाई जाएगी।
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वीडियो कांफ्रेंसिंग में अपर सचिव और सर्व शिक्षा अभियान परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने कहा है कि आपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय स्कूलों की भूमि पर अवैध कब्जे हटाए जाने के साथ ही चहारदिवारी निर्माण, मरम्मत, पेयजल, किचेन शेड, बिजली, शौचालय व रंग रोगन आदि 11 कराए कराए जाएं। ये कार्य ग्राम पंचायतों से कराया जाए। इन स्कूलों की पहले पैमाइश कराएं। जिन स्कूलों की खाली पड़ी भूमि या खेल मैदानों में अवैध कब्जे या अतिक्रमण हों उन्हें हटवाया जाए।
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जिलाधिकारी और बीएसए को निर्देश दिए कि 15 दिसंबर तक स्कूलों की फोटो सहित कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। अपर सचिव पंचायती राज ने डीपीआरओ को निर्देश दिया कि ये कार्य 14वें वित्त आयोग के बजट से ग्राम पंचायतें कराएं। उधर, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हरिश्चंद्र नाथ ने बताया कि बांदा जिले के 2035 परिषदीय स्कूलों में 164 में चहारदीवारी (बाउंड्री) नहीं है। इनमें से कुछ स्कूलों की आंशिक भूमि पर अवैध कब्जे भी हैं। इसमें 102 प्राइमरी व 62 जूनियर विद्यालय है।
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तिंदवारी क्षेत्र के 34 स्कूलों में नहीं चहारदिवारी
तिंदवारी। इस क्षेत्र में 34 ऐसे परिषदीय स्कूल हैं जिनमें चहारदीवारी नहीं है। यहां अन्ना पशु और अराजकतत्व अपना अड्डा बना लेते हैं। स्कूल के बरामदों व परिसर में गोबर व अन्य गंदगी रहती है। छिरौंटा गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में चहारदीवारी के लिए वर्ष 2015 में स्वीकृत पैसा प्रधान के खाते में आने के बाद भी वापस हो गया। निर्माण के नाम पर सिर्फ पायलिंग की गई। फिर वो भी ठप हो गई।
यहां के अलावा बिछवाही, भवानीपुर, तारा, भड़ौली, बरेठी कलां, लोहारी, बंशी डेरा, लकदेउरा डेरा, लाहा डेरा, खैरीहार और बड़ेहा हार के स्कूलों में भी चहारदिवारी नहीं है। प्रधानाध्यापक प्रकाश मिश्रा ने बताया कि स्कूल बंद होने के बाद शराबी, अराजकतत्व और अन्ना पशु स्कूल में अड्डा जमा लेते हैं। अगले दिन सुबह शराब की बोतलें और डिस्पोजल गिलास और अन्ना पशुओं का गमोबर इत्यादि पड़ा मिलता है। हैंडपंप का सामान चोरी हो जाता है। खंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुशवाहा ने बताया कि बिना चहारदिवारी वाले स्कूलों की सूची शासन को भेजी गई है। स्वीकृति और बजट मिलते ही चहारदिवारी बनाई जाएगी।