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केन नदी में खनन जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Wed, 08 Jul 2015 11:38 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश भी नदियों से बालू का खनन नहीं रोक पाए हैं। जनपद की केन नदी में धड़ल्ले से मशीनों द्वारा बालू की खनन किया जा रहा है। इधर, 30 जून के बाद खनन बंद कर दिए जाने के नियम भी दम तोड़ते दिख रहे हैं। हद तो तब हो गई जब बुधवार को एनजीटी ने यहां के खनिज अधिकारी के हवाले से सफाई दी कि जनपद में कहीं भी खनन में मशीनों को इस्तेमाल नहीं हो रहा।
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इसी हफ्ते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बालू खनन में मशीनों के इस्तेमाल पर कड़ाई से रोक लगा दी है। इसके बाजवूद जनपद में उत्तर से दक्षिण तक केन नदी की खदानों में दिन रात जेसीबी और पोकलैंड मशीनों से खनन हो रहा है। रात दिन ट्रकों से बालू की ढुलाई करके जगह-जगह बालू डंप की जा रही है।
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इसके अलावा पूरे प्रदेश में बालू के ट्रक जा रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन रात के अंधेरे में नहीं बल्कि दिन दहाड़े भी हो रहा है। सदर और नरैनी तहसीलों में यह खनन रात दिन चल रहा है। यह तब हो रहा है जब पट्टा धारक को दी जाने वाले एनओसी में यह स्पष्ट लिखा होता है कि 30 जून के बाद खनन कार्य नहीं होगा, लेकिन यहां खदानों में इस शर्त की धज्जियां उड़ रही हैं।
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सदर तहसील के अलावा नरैनी तहसील में भी बालू के अवैध कारोबार का बाजार गर्म है। इस क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता राजा भइया ने अवैध खनन और मशीनों के प्रयोग की शिकायत मुख्यमंत्री को भेजी है। इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रमुख सचिव खनिज को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के यहां इस शिकायत का कंप्यूटर नंबर पीजी 05646294 है।
इस शिकायत को अधिकारियों ने दबा रखा है। कोलावल रायपुर के किसान कमलेश और राम गोपाल की भूमि से जबरन ट्रक निकाले जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि अभी तक उन्हें यह आशा थी कि 30 जून के बाद खनन बंद हो जाएगा।
तब वह अपनी खेती कर सकेंगे, लेकिन तारीख बीते एक हफ्ता हो गया है खनन जारी है। नदी की धारा में पुल बनाकर बालू के ट्रक निकाले जा रहे हैं। किसानों ने कहा कि विरोध करने पर बालू माफिया बंदूके तान देते हैं। उधर, एनजीटी में चल रही अवैध खनन की सुनवाई मामले में बुधवार को सरकारी वकील ने सफाई दी कि कहीं भी अवैध खनन या मशीनों का इस्तेमाल नहीं हो रहा है।