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Banda News: गेहूं क्रय केंद्रों पर बंद हो किसानों से अवैध उगाही
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बांदा। भारतीय किसान यूनियन ने गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर में पंचायत लगाई। डीएम को ज्ञापन देकर गेहूं खरीद केंद्रों में किसानों से हो रही अवैध उगाही पर रोक लगाने और जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। आरोप लगाया कि हैंडलिंग का ठेका होने के बावजूद खरीद में प्रति क्विंटल 50 रुपये कटौती की जाती है।
भाकियू मंडल अध्यक्ष बलराम तिवारी की अगुवाई में सौंपे ज्ञापन में किसान नेताओं ने कहा कि इस वर्ष वर्षा व ओलावृष्टि में किसानों के गेहूं की फसल खराब हो गई थी। उपज कम होने से वह तनाव में हैं। वहीं खरीद केंद्रों में केंद्र प्रभारी पल्लेदारी के नाम पर उनसे प्रति क्विंटल दो किलो गेहूं या फिर 50 रुपये की कटौती कर रहे हैं।
विपणन शाखा, एफसीआई, पीसीएफ, यूपीएसएस क्रय केंद्रों में हैंडलिंग का ठेका होने के बाद भी उतराई, सफाी, तौलाई, बोरा सिलाई, लोडिंग का पूरा खर्चा किसानों से काटा जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी इस बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। सरकार से 20 रुपये प्रति क्विंटल पल्लेदारी निर्धारित है। वहीं यूपीएसएस जिला प्रबंधक का कहना है कि हैंडलिंग का ठेका नहीं है। इसलिए 50 रुपये पल्लेदारी ली जा रही है। प्रकरण की जांच कर किसानों को शोषण रोका जाए। इस मौके पर रोहित द्विवेदी, मनोज निगम,रामपाल आदि उपस्थित रहे।
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भाकियू मंडल अध्यक्ष बलराम तिवारी की अगुवाई में सौंपे ज्ञापन में किसान नेताओं ने कहा कि इस वर्ष वर्षा व ओलावृष्टि में किसानों के गेहूं की फसल खराब हो गई थी। उपज कम होने से वह तनाव में हैं। वहीं खरीद केंद्रों में केंद्र प्रभारी पल्लेदारी के नाम पर उनसे प्रति क्विंटल दो किलो गेहूं या फिर 50 रुपये की कटौती कर रहे हैं।
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विपणन शाखा, एफसीआई, पीसीएफ, यूपीएसएस क्रय केंद्रों में हैंडलिंग का ठेका होने के बाद भी उतराई, सफाी, तौलाई, बोरा सिलाई, लोडिंग का पूरा खर्चा किसानों से काटा जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी इस बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। सरकार से 20 रुपये प्रति क्विंटल पल्लेदारी निर्धारित है। वहीं यूपीएसएस जिला प्रबंधक का कहना है कि हैंडलिंग का ठेका नहीं है। इसलिए 50 रुपये पल्लेदारी ली जा रही है। प्रकरण की जांच कर किसानों को शोषण रोका जाए। इस मौके पर रोहित द्विवेदी, मनोज निगम,रामपाल आदि उपस्थित रहे।
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