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बिजली मिले तो मिटे सूखे की काली छाया
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 19 Nov 2015 11:25 PM IST
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बांदा। सूखे से ग्रस्त बुंदेलखंड के लिए बिजली भी
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संजीवनी बूटी का काम कर सकती है। चित्रकूटधाम मंडल में अगर दो चरणों में
लगातार 24 घंटे बिजली मयस्सर करा दी जाए तो मंडल के 50 हजार से ज्यादा निजी
और सरकारी ट्यूबवेलों से छह लाख एकड़ से ज्यादा खेती की सिंचाई की जा
सकेगी।
इससे किसानों को फाकाकशी और आत्महत्या के हालात से बचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसी महीने हमीरपुर जिले में आकर बुंदेलखंड को भरपूर बिजली का भरोसा दिलाया था।
अब सूखा घोषित होने के बाद भी भरपूर बिजली देने की बात कही गई है। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा में 50,090 ट्यूबवेल हैं। इनमें 48,977 निजी और 1113 सरकारी हैं।
भरपूर बिजली मिले तो ये नलकूप चारों जिलों की लगभग छह लाख एकड़ खेतों को सींचते रहेंगे। ट्यूबवेल मालिक किसान अपनी खेती सींचने के साथ ही आसपास के किसानों को भी पानी दे सकेंगे।
चित्रकूटधाम मंडल के मुख्य अभियंता (पावर कारपोरेशन, दक्षिणांचल) एके सक्सेना का कहना है कि दो चरणों में अगर 24 घंटे लगातार बिजली उपलब्ध कराई जाए तो मंडल के चारों जिलों के फीडरों को 12-12 घंटे के शेड्यूल में बिजली दी जा सकती है।
इससे गांवों में किसानों के नलकूप पूरी क्षमता से चलेंगे। उन्होंने बताया कि इस बारे मेें वह पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक और लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम (शक्ति भवन) को पत्र भेजकर अनुरोध कर चुके हैं।
चित्रकूटधाम मंडल में बिजली सब स्टेशन ओवरलोड की स्थिति में हैं। यही वजह है कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में एक साथ आपूर्ति नहीं हो पा रही है। मंडल में 210 एमवीए की ओवरलोडिंग है।
मंडल के सब स्टेशनों की कुल क्षमता 340 एमवीए है, जबकि इस समय लोड 550 एमवीए पड़ रहा है। मुख्य अभियंता का कहना है कि अभी बमुश्किल 15-16 घंटे ही गांवों में बिजली दी जा रही है।
इसमें भी लो वोल्टेज की समस्या आ जाती है। अगर 24 घंटे बिजली मिले तो मंडल के सभी फीडरों को दो ग्रुपों मेें बांटकर 12-12 घंटे आपूर्ति दी जा सकती है।
मुख्य अभियंता ने दावा किया कि सब स्टेशन और लाइनें दुरुस्त हैं। बिजली मिलने पर अबाध रूप से आपूर्ति कर सकेंगे।
सूखे के हालात में भी चित्रकूटधाम मंडल में दो दर्जन से ज्यादा सरकारी ट्यूबवेल बिजली की गड़बड़ी से बंद पड़े हैं। इनमें 16 ट्यूबवेल बांदा जिले के हैं। 10 ट्यूबवेल हमीरपुर में बंद हैं।
इससे किसानों को फाकाकशी और आत्महत्या के हालात से बचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसी महीने हमीरपुर जिले में आकर बुंदेलखंड को भरपूर बिजली का भरोसा दिलाया था।
अब सूखा घोषित होने के बाद भी भरपूर बिजली देने की बात कही गई है। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा में 50,090 ट्यूबवेल हैं। इनमें 48,977 निजी और 1113 सरकारी हैं।
भरपूर बिजली मिले तो ये नलकूप चारों जिलों की लगभग छह लाख एकड़ खेतों को सींचते रहेंगे। ट्यूबवेल मालिक किसान अपनी खेती सींचने के साथ ही आसपास के किसानों को भी पानी दे सकेंगे।
चित्रकूटधाम मंडल के मुख्य अभियंता (पावर कारपोरेशन, दक्षिणांचल) एके सक्सेना का कहना है कि दो चरणों में अगर 24 घंटे लगातार बिजली उपलब्ध कराई जाए तो मंडल के चारों जिलों के फीडरों को 12-12 घंटे के शेड्यूल में बिजली दी जा सकती है।
इससे गांवों में किसानों के नलकूप पूरी क्षमता से चलेंगे। उन्होंने बताया कि इस बारे मेें वह पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक और लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम (शक्ति भवन) को पत्र भेजकर अनुरोध कर चुके हैं।
चित्रकूटधाम मंडल में बिजली सब स्टेशन ओवरलोड की स्थिति में हैं। यही वजह है कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में एक साथ आपूर्ति नहीं हो पा रही है। मंडल में 210 एमवीए की ओवरलोडिंग है।
मंडल के सब स्टेशनों की कुल क्षमता 340 एमवीए है, जबकि इस समय लोड 550 एमवीए पड़ रहा है। मुख्य अभियंता का कहना है कि अभी बमुश्किल 15-16 घंटे ही गांवों में बिजली दी जा रही है।
इसमें भी लो वोल्टेज की समस्या आ जाती है। अगर 24 घंटे बिजली मिले तो मंडल के सभी फीडरों को दो ग्रुपों मेें बांटकर 12-12 घंटे आपूर्ति दी जा सकती है।
मुख्य अभियंता ने दावा किया कि सब स्टेशन और लाइनें दुरुस्त हैं। बिजली मिलने पर अबाध रूप से आपूर्ति कर सकेंगे।
सूखे के हालात में भी चित्रकूटधाम मंडल में दो दर्जन से ज्यादा सरकारी ट्यूबवेल बिजली की गड़बड़ी से बंद पड़े हैं। इनमें 16 ट्यूबवेल बांदा जिले के हैं। 10 ट्यूबवेल हमीरपुर में बंद हैं।