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पशु आश्रय केंद्र पर एचटी लाइन गिरी, 21 गोवंशों की मौत
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गायों के शवों को दफनाने के लिए जेसीबी से खोदा जा रहा गड्ढा।
- फोटो : BANDA
बांदा/खप्टिहा कलां। बिजली विभाग की जर्जर हाईटेंशन लाइन ने 21 अन्ना गोवंशों की जान ले ली। मौके पर पहुंचे डीएम हीरालाल ने पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। इस पशु आश्रय केंद्र में ठंड और बीमारी से पूर्व में लगभग 24 गोवंश मर चुके हैं।
पैलानी तहसील के खप्टिहा कलां गांव में पशु आश्रय केंद्र स्वयंसेवी संगठन द्वारा चलाया जा रहा है। इस संगठन को शासन से इसके लिए पैसा मिलता है। लगभग 100 बीघा ऊबड़-खाबड़ क्षेत्र में बनाए गए आश्रय केंद्र के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन (एचटी) लाइन भी गुजरी है। शुक्रवार को तड़के एचटी लाइन के खंभे में लगा इंसुलेटर बर्स्ट हो गया। इस पर बंधी एचटी लाइन टूटकर नीचे आ गिरी।
इसकी चपेट में आकर पशु आश्रय केंद्र के 21 गोवंशों की मौत हो गई। इसकी खबर मिलते ही मुख्यालय से डीएम हीरालाल और पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा मौके पर पहुंचे। साथ में सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा और पैलानी एसडीएम मंसूर अहमद और सदर एसडीएम सुरजीत सिंह भी थे। वहां मौजूद बिजली विभाग के अभियंताओं ने सफाई दी कि रात में बिजली आपूर्ति बंद थी। सुबह चालू करते ही इंसुलेटर बर्स्ट हो जाने से लाइन टूट गई। उनका कहना था कि पिछले वर्ष यह लाइन डाली गई थी।
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डीएम हीरा लाल ने घटना को दुखद बताते हुए पैलानी थाना पुलिस को अज्ञात के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए। जांच में जो दोषी पाया जाए उस पर कार्रवाई करें। साथ ही पशु आश्रय केंद्र से तत्काल एचटी लाइन हटाकर सांड़ी लाइन से जोड़ने के निर्देश दिए। बिजली विभाग के अभियंताओं को फटकारा भी।
इस मौके पर सीओ राघवेंद्र सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. आईएन सिंह, बीडीओ, पैलानी थानाध्यक्ष बलजीत सिंह, खप्टिहा कलां चौकी प्रभारी राधा मोहन द्विवेदी सहित अपर जिला सूचना अधिकारी कुमारी शारदा और बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता भी मौजूद रहे। उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि सभी 21 गायों का पोस्टमार्टम किया गया है। गायों की मौत करंट (इलेक्ट्रिक शॉक) से हुई है। गायों के शवों को आश्रय स्थल के पास ही जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर दफन कर दिया गया।
एचटी लाइन के नीचे डाला गया था पुआल
खप्टिहा कलां। पशु आश्रय केंद्र में छह सौ से ज्यादा गोवंश हैं। यहां लापरवाही शुरू से ही बरती जा रही है, जबकि शासन से लाखों रुपये भुगतान किए जा रहे हैं। 21 गोवंशों की मौत को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि आश्रय केंद्र संचालक सतर्कता बरतते तो गायों को मरने से बचाया जा सकता था। ग्रामीणों के मुताबिक लगभग 1100 मीटर परिधि में बने पशु आश्रय केंद्र में एचटी लाइन के नीचे पुआल डाला गया था। गाय इसे खाने के लिए ही वहां इकट्ठा हुई थीं।
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पैलानी तहसील के खप्टिहा कलां गांव में पशु आश्रय केंद्र स्वयंसेवी संगठन द्वारा चलाया जा रहा है। इस संगठन को शासन से इसके लिए पैसा मिलता है। लगभग 100 बीघा ऊबड़-खाबड़ क्षेत्र में बनाए गए आश्रय केंद्र के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन (एचटी) लाइन भी गुजरी है। शुक्रवार को तड़के एचटी लाइन के खंभे में लगा इंसुलेटर बर्स्ट हो गया। इस पर बंधी एचटी लाइन टूटकर नीचे आ गिरी।
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इसकी चपेट में आकर पशु आश्रय केंद्र के 21 गोवंशों की मौत हो गई। इसकी खबर मिलते ही मुख्यालय से डीएम हीरालाल और पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा मौके पर पहुंचे। साथ में सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा और पैलानी एसडीएम मंसूर अहमद और सदर एसडीएम सुरजीत सिंह भी थे। वहां मौजूद बिजली विभाग के अभियंताओं ने सफाई दी कि रात में बिजली आपूर्ति बंद थी। सुबह चालू करते ही इंसुलेटर बर्स्ट हो जाने से लाइन टूट गई। उनका कहना था कि पिछले वर्ष यह लाइन डाली गई थी।
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डीएम हीरा लाल ने घटना को दुखद बताते हुए पैलानी थाना पुलिस को अज्ञात के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए। जांच में जो दोषी पाया जाए उस पर कार्रवाई करें। साथ ही पशु आश्रय केंद्र से तत्काल एचटी लाइन हटाकर सांड़ी लाइन से जोड़ने के निर्देश दिए। बिजली विभाग के अभियंताओं को फटकारा भी।
इस मौके पर सीओ राघवेंद्र सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. आईएन सिंह, बीडीओ, पैलानी थानाध्यक्ष बलजीत सिंह, खप्टिहा कलां चौकी प्रभारी राधा मोहन द्विवेदी सहित अपर जिला सूचना अधिकारी कुमारी शारदा और बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता भी मौजूद रहे। उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि सभी 21 गायों का पोस्टमार्टम किया गया है। गायों की मौत करंट (इलेक्ट्रिक शॉक) से हुई है। गायों के शवों को आश्रय स्थल के पास ही जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर दफन कर दिया गया।
एचटी लाइन के नीचे डाला गया था पुआल
खप्टिहा कलां। पशु आश्रय केंद्र में छह सौ से ज्यादा गोवंश हैं। यहां लापरवाही शुरू से ही बरती जा रही है, जबकि शासन से लाखों रुपये भुगतान किए जा रहे हैं। 21 गोवंशों की मौत को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि आश्रय केंद्र संचालक सतर्कता बरतते तो गायों को मरने से बचाया जा सकता था। ग्रामीणों के मुताबिक लगभग 1100 मीटर परिधि में बने पशु आश्रय केंद्र में एचटी लाइन के नीचे पुआल डाला गया था। गाय इसे खाने के लिए ही वहां इकट्ठा हुई थीं।

खप्टिहा कलां पशु केंद्र में मृत पड़ी गायें।- फोटो : BANDA