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रसोइयों का मानदेय पहली से खाते में
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 06 Aug 2015 11:06 PM IST
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मिड डे मील बनाने वालीं रसोइयों को अब उनका मानदेय सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा। पहली सितंबर से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। आदेश के मुताबिक यह भुगतान मिड डे मील निधि वाले खाते से सीधे बैंकों मेें पहुंचाया जाना है।
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जिले के 1392 प्राथमिक और 640 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 5531 रसोइया कार्यरत हैं। एक हजार रुपये मानदेय पर रखे गए रसोइयों को भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
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कई बार तो 6-7 माह तक मानदेय नहीं मिलता। अब बैंकों को निर्देश दिया जा रहा है कि एमडीएम निधि के खाते से रसोइयों का मानदेय उनके खाते में हर माह पहली तारीख को ट्रांसफर कर दें। रसोइयों को यह मानदेय साल में 10 माह तक मिलेगा।
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संबंधित प्रधानाध्यापक विद्यालय के एमडीएम निधि के खाते वाले बैंक में ही रसोइयों का खाता खुलवाएंगे। यदि दूसरे बैंकों में खाता है तो नेफ्ट के जरिए उनके खाते में धनराशि भेजी जाएगी। इसके अलावा विद्यालयों में अलग से एक रजिस्टर भी तैयार किया जाएगा। इसमें रसोइयों को दिए जाने वाले मानदेय का संपूर्ण विवरण बैंक पासबुक के आधार पर अंकित किया जाएगा।
मार्च माह तक का मानदेय जल्द
परिषदीय स्कूलों में कार्यरत 5531 रसोइयों को दिसंबर माह से मानदेय नहीं मिला है। शासन ने मार्च माह तक का बजट भेजा है। शीघ्र ही एमडीएम निधि खातों में यह धनराशि रसोइयों के बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी। मिड डे मील जिला समन्वयक ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत रसोइयों के मानदेय से संबंधी काफी समस्याएं खुद दूर हो जाएंगी।