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पानी के लिए हर तरफ हायतौबा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 21 May 2016 12:18 AM IST
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पेयजल संकट के बारे में जल संस्थान अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र से बातचीत करते भाजपा नेता।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। भीषण गर्मी से जूझ रहे शहर के बाशिंदों को पेयजल संकट से छुटकारा नहीं मिल रहा। कलेक्ट्रेट से लेकर शहर की सड़कों तक पेयजल संकट के नारे गूंज रहे हैं। शुक्रवार को भी पानी के लिए हायतौबा मची रही।
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भाजपा नेताओं ने गायत्री नगर के निवासियों के साथ जल संस्थान कार्यालय में प्रदर्शन कर अधिशासी अभियंता सुरेशचंद्र को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि यहां लगे पांचों हैंडपंप फेल हो गए हैं। जल संस्थान इक्का-दुक्का टैंकर भेजता है तो पानी की लूट मच जाती है।
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चमरौटी चौराहा से गिरिजा बाबा के डेरा और मातम डेरा तक पाइप लाइन बिछ जाए तो यहां की समस्या हल हो सकती है। पूर्व जिलाध्यक्ष बालमुकुंद शुक्ला, महामंत्री धर्मेंद्र त्रिपाठी, उमाकांत त्रिपाठी, पंकज रैकवार, रामआसरे गुप्ता और राकेश गुप्ता भी शामिल रहे।
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उधर, क्योटरा के लोगों ने डीएम को दी अर्जी में कहा कि क्योटरा और पुराने चीरघर के पास पड़ी लगभग 40 वर्ष पुरानी दो इंची पाइप लाइन जगह-जगह टूट जाने से घरों में गंदा पानी आ रहा है। यहां दो-तीन दिनों में एक बार पानी आता है। अधिक क्षमता वाली पाइप लाइन डलवाने की मांग विष्णुदत्त, रमाकांत, इंद्रपाल शेखर, मधु पांडेय, उर्मिला ने भी की है।
उधर, भारतीय किसान यूनियन (भानु) के युवा जिलाध्यक्ष महेश सिंह परिहार के नेतृत्व में डीएम को दिए गए ज्ञापन में जरैली कोठी मोहल्ले में पेयजल संकट की गुहार लगाई गई। बताया कि यहां के लोग सुबह से देर रात तक पानी के लिए भटकते हैं। दूर से पानी ला रहे हैं। टैंकर कभी-कभार आता है। यह भी कहा कि गुरुवार को जेल रोड पर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो जाने से पेयजल आपूर्ति बाधित होने के साथ ही सड़क भी बाधित है। मरम्मत के लिए खोदे गए गड्ढे की मिट्टी में वाहन फंस रहे हैं और दुर्घटनाएं हो रही हैं।