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हमदर्दी का दिखावटी ढोल पीट रहीं सरकारें
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 28 Dec 2014 12:13 AM IST
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भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत में किसानों को
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सुविधाएं और रियायतें देने की केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग की गईं। 10
सूत्रीय मांग पत्र प्रशासन के जरिये प्रधानमंत्री को भेजा है।
शनिवार को जीआईसी ग्राउंड मेें आयोजित यूनियन की महापंचायत में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसान आए। प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान ने कहा कि बुंदेलखंड में किसानों के जो हालात हैं, वह देश और दुनिया को पता है। आए दिन किसान आत्महत्या कर रहे हैं।
केंद्र और राज्य सरकारें सिर्फ दिखावटी हमदर्दी का ढोल पीट रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दे ठंडे नहीं पड़ेंगे। सरकारों को इन्हें हल करना ही पड़ेगा।
किसान एकजुट रहें। महापंचायत में मंडल अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी, जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी, रमन कुमार वाजपेई, महेश्वरी प्रसाद दीक्षित, रसिक बिहारी खरे, कलावती, जानकी, रामदास साहू, निरंजन सिंह राजपूत, विशेखा राजपूत (हमीरपुर), धर्मराज सिंह इत्यादि शामिल रहे।
ज्ञापन मेें बुंदेलखंड के सभी किसानों की कर्ज माफी, अन्ना प्रथा पर रोक, उत्पादन की उचित कीमत, 24 घंटे बिजली, बिजली की बढ़ी दर वापस लेने, कृषि निवेश अनुदान, किसान आयोग का गठन, किसान विश्राम गृह निर्माण जैसी मांगे शामिल रहीं।
शनिवार को जीआईसी ग्राउंड मेें आयोजित यूनियन की महापंचायत में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसान आए। प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान ने कहा कि बुंदेलखंड में किसानों के जो हालात हैं, वह देश और दुनिया को पता है। आए दिन किसान आत्महत्या कर रहे हैं।
केंद्र और राज्य सरकारें सिर्फ दिखावटी हमदर्दी का ढोल पीट रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दे ठंडे नहीं पड़ेंगे। सरकारों को इन्हें हल करना ही पड़ेगा।
किसान एकजुट रहें। महापंचायत में मंडल अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी, जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी, रमन कुमार वाजपेई, महेश्वरी प्रसाद दीक्षित, रसिक बिहारी खरे, कलावती, जानकी, रामदास साहू, निरंजन सिंह राजपूत, विशेखा राजपूत (हमीरपुर), धर्मराज सिंह इत्यादि शामिल रहे।
ज्ञापन मेें बुंदेलखंड के सभी किसानों की कर्ज माफी, अन्ना प्रथा पर रोक, उत्पादन की उचित कीमत, 24 घंटे बिजली, बिजली की बढ़ी दर वापस लेने, कृषि निवेश अनुदान, किसान आयोग का गठन, किसान विश्राम गृह निर्माण जैसी मांगे शामिल रहीं।