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Banda News: शासन के निर्देशों को ठेंगा, बिना सत्यापन जारी कर दी 37 लाख की राशि

Sat, 24 May 2025 11:13 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 24 May 2025 11:13 PM IST
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Government's instructions were flouted and an amount of Rs. 37 lakh was released without verification
बांदा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शासन से पुराने व्यक्तिगत शौचालयों की मरम्मत (रेट्रो फिटिंग) के लिए जनपद को 37 लाख 58 हजार 750 रुपये की धनराशि जारी की गई थी, लेकिन यह धनराशि सिर्फ चयन के आधार पर ग्राम पंचायतों को जारी कर दी गई, जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश थे कि रेट्रो फिटिंग के लाभार्थी चयन में खासी गड़बड़ी की गई है।
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लिहाजा, आवंटित धनराशि पंचायत सचिवों से भौतिक सत्यापन के बाद ही जारी की जाए, लेकिन आवंटित धनराशि प्रभारी डीपीआरओ को अंधेरे में रखकर ग्राम पंचायतों को जारी करा दी गई। इससे रेट्रो फिटिंग की धनराशि के दुरुपयोग की खासी संभावना बढ़ गई है। उप निदेशक चित्रकूटधाम मंडल ने जिला कंसल्टेंट को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा।
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चित्रकूटधाम मंडल के उप निदेशक (पंचायत) परवेज आलम ने बताया कि शासन ने रेट्रो फिटिंग यानि पुराने व्यक्तिगत शौचालयों की मरम्मत के लिए पंचायत सहायकों से सर्वे कराया था। सर्वे के बाद बजट जारी किया था, लेकिन पंचायत सहायकों ने सर्वे के दौरान लाभार्थी चयन का काम मानक व सरकार के निर्देशों के तहत नहीं किया। इस पर शासन ने पुन: आदेश जारी किए थे कि ग्राम पंचायतों को रेट्रो फिटिंग की धनराशि पंचायत सचिवों के भौतिक सत्यापन के बाद जारी की जाए। शासन के निर्देशों का मंडल के जनपद महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर ने अनुपालन किया, लेकिन जनपद बांदा ने शासन के निर्देशों के विपरीत रेट्रो फिटिंग की धनराशि लाभार्थी चयन के आधार पर ग्राम पंचायतों को आवंटित कर दी।
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मजे की बात तो यह है कि यह धनराशि प्रभारी डीपीआरओ व परियोजना निदेशक डीआरडीए प्रवीणानंद को अंधेरे में रखकर करवा दी गई। इसका खुलासा होने पर उप निदेशक चित्रकूटधाम मंडल परवेज आलम ने जिला कंसल्टेंट मनोज द्विवेदी को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में कहा कि संतोषजनक उत्तर न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। आदेशों में कहा गया कि यह धनराशि जानबूझकर दुरुपयोग करने की नियत से छह माह पूर्व जारी कर दी गई है। शासन को गुमराह करने के लिए कहा गया कि ग्राम पंचायतों में लाभार्थीवार सर्वे कराया जा रहा है। धनराशि जारी करने का कोई जिक्र नहीं किया गया। एक बार धनराशि प्राप्त होने के बाद क्या ग्राम पंचायत अपने लाभार्थियों को अपात्र कहेगी और आसानी से धनराशि वापस करेगी।
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