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सरकारें एक दल कीं, लेकिन पानी बंटवारे में सुर अलग
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बांदा/करतल। दो दशकों से दो राज्यों यूपी-एमपी के बीच चला आ रहा केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना में पानी के बंटवारे का झमेला खत्म नहीं हो रहा। केंद्र और दोनों राज्यों में एक ही पार्टी की सरकारें होने के बाद भी सहमति नहीं बन पा रही। कुछ दिनों की खामोशी के बाद अब फिर यह मुद्दा गर्माया है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शनिवार (9 जनवरी) को भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल्द ही दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठकर पानी के बंटवारे का हल निकाला जाएगा।
उधर, मध्य प्रदेश पानी बंटवारे को लेकर अपने रुख पर अड़ा हुआ है। भोपाल की बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने कहा कि वह इस परियोजना के जल आवंटन में मध्य प्रदेश का अहित नहीं होने देंगे। साथ ही उत्तर प्रदेश के हितों की भी पूरी रक्षा की जाएगी।
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जल्द ही वह एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और यूपी के योगी आदित्यनाथ के साथ संयुक्त बैठक कर अंतिम हल निकालेंगे। एमपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश हमेशा से दूसरे राज्यों के हितों की परवाह करता रहा है। लेकिन अपने प्रदेश का अहित न हो इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। मध्य प्रदेश केन-बेतवा लिंक में यूपी को 700 एमसीएम पानी देने को सहमत है।
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केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शनिवार (9 जनवरी) को भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल्द ही दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठकर पानी के बंटवारे का हल निकाला जाएगा।
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उधर, मध्य प्रदेश पानी बंटवारे को लेकर अपने रुख पर अड़ा हुआ है। भोपाल की बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने कहा कि वह इस परियोजना के जल आवंटन में मध्य प्रदेश का अहित नहीं होने देंगे। साथ ही उत्तर प्रदेश के हितों की भी पूरी रक्षा की जाएगी।
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जल्द ही वह एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और यूपी के योगी आदित्यनाथ के साथ संयुक्त बैठक कर अंतिम हल निकालेंगे। एमपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश हमेशा से दूसरे राज्यों के हितों की परवाह करता रहा है। लेकिन अपने प्रदेश का अहित न हो इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। मध्य प्रदेश केन-बेतवा लिंक में यूपी को 700 एमसीएम पानी देने को सहमत है।