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सरकार पसीजी, बुंदेलखंड को अब 24 घंटे बिजली

Wed, 25 Nov 2015 10:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा Updated Wed, 25 Nov 2015 10:58 PM IST
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Government Pasiji , Bundelkhand now 24 hours power
बांदा। ‘बिजली मिले तो मिटे सूखे की काली छाया’।
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अमर उजाला ने 20 नवंबर के अंक में यह खबर छापकर प्रदेश सरकार और पावर कारपोरेशन को बुंदेलखंड में सूखे से उपजे विकट हालात बताए थे, जिस पर सरकार पसीज गई और बुंदेलखंड को 24 घंटे बिजली मुहैया कराने की मंजूरी दे दी है।


मंगलवार से यह शेड्यूल लागू भी हो गया। अब चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में 24 घंटे बिजली रहेगी। गांवों में बारी-बारी से 12-12 घंटे बिजली दी जाएगी।

अभी तक बुंदेलखंड के गांवों को बमुश्किल पांच घंटे ही बिजली मिल पा रही थी। पावर कारपोरेशन चित्रकूटधाम मंडल के मुख्य अभियंता एके सक्सेना ने भी सरकार से बुंदेलखंड को भरपूर बिजली का अनुरोध किया था।

उन्होंने बताया कि अगर सभी गांवों में एक साथ बिजली आपूर्ति की जाती है तो वोल्टेज लो हो जाता है। इसलिए अलग-अलग फीडरवार गांवों को 12-12 घंटे बिजली दी जाएगी, ताकि ओवरलोड न हो और पर्याप्त वोल्टेज मिल सके। ट्यूबवेल आदि चल सकें। यह व्यवस्था तत्काल लागू हो गई है।

अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन) उमेश वर्मा ने बताया कि फीडरों और उनसे जुड़े गांवों को12-12 घंटे बिजली आपूर्ति करने का जिम्मा वितरण खंड (डिस्ट्रीब्यूशन) का है।

मंडल के चारों जिलों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध रहने के बाद भी शहरी क्षेत्रों के आपूर्ति शेड्यूल में कोई इजाफा नहीं किया गया है। मंडल मुख्यालय को 20 घंटे और जिला मुख्यालय को 18 घंटे आपूर्ति की जाएगी। अलबत्ता गांवों को 12-12 घंटे बिजली मिलेगी। यह शेड्यूल खेतों में पलेवा होने तक 31 दिसंबर तक लागू रहेगा।

चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल लागू होते ही बुधवार को चिल्ला रोड स्थित 132 केवी सब स्टेशन धड़ाम हो गया। सुबह करीब 6:35 बजे सब स्टेशन के आठ एमवीए और पांच एमवीए ट्रांसफार्मरों के फ्यूज उड़ गए।

उसके बाद आग लग गई। बिजलीकर्मियों ने जैसे-तैसे आग पर काबू पा लिया। इस अव्यवस्था से पूरे जिले की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मरम्मत के बाद दोपहर को आपूर्ति बहाल हुई।

सूखे से मुरझाते किसानों को सरकार ने बिजली का सहारा दिया है। अगर नए शेड्यूल के मुताबिक बिजली मिलती रही तो किसान ट्यूबवेल चलाकर काफी हद तक फसलें बचा सकते हैं।

पावर कारपोरेशन के अधिकारी भी इससे सहमत थे कि भरपूर बिजली के जरिए सूखे के हालात से कुछ हद तक निपटा जा सकता है। 20 नवंबर को अमर उजाला ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए खबर प्रकाशित की थी, जिस पर प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड को 24 घंटे बिजली मुहैया कराने को मंजूरी दे दी। लेकिन यहां पहले ही दिन व्यवस्था औंधे मुंह नजर आई।

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