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जंगल से खुशखबरी आई, बाघिन के घर बजी बधाई
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पन्ना रिजर्व टाइगर पार्क में शावकों के साथ बैठी बाघिन। संवाद
- फोटो : BANDA
बांदा/करतल। बुंदेलखंड में स्थित मशहूर पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क में हाल ही में दो बाघों की मौत के बाद अब एक अच्छी खबर आई है। यहां एक बाघिन ने अपने पहले प्रसव में दो शावकों को जन्म दिया है। ये शावक पूरी तरह चंगे हैं। रिजर्व पार्क प्रशासन की ओर से लगाए गए ट्रैप कैमरे में दोनों शावक मां के साथ चहलकदमी करते नजर आए हैं। अब पार्क में बाघों का कुनबा 70 की संख्या पार कर गया है।
पार्क के रिकार्ड में दो शावकों को जन्म देने वाली बाघिन का नाम पी-213 है। यह तीन वर्ष की है और इसका पहला प्रसव है। पार्क के जंगल में लगे ट्रैप कैमरे में चार दिन पहले दोनों शावकों और उसकी मां की तस्वीरें कैद हुईं तो नए मेहमानों के आने की जानकारी पता चली। पार्क प्रशासन का मानना है कि शावक दो से तीन माह के हैं। रिजर्व पार्क के डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि शावकों को जन्म देने वाली बाघिन भी पार्क की एक बाघिन की संतान है। पार्क प्रबंधन उन पर लगातार नजर रखे हुए है।
सुरक्षा के लिए पहनाए गए हैं जीपीएस कालर
पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क में बाघों की संख्या हाल के कुछ सालों से बढ़ी है। क्षेत्रीय संचालक का कहना है कि बाघों की सुरक्षा के लिए उन्हें जीपीएस कालर पहनाए गए हैं। इनसे पार्क प्रशासन बाघों पर लगातार नजर रख रहा है। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के दौरान केंद्रीय वन मंत्रालय ने बाघों की सुरक्षा के लिए गाइड लाइन जारी की थी। उसी पर अमल करते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। हालांकि हाल ही के दिनों में दो बाघों की मौत पर पार्क प्रशासन की काफी किरकिरी हुई थी।
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नए साल में पार्क पर्यटकों से आबाद
नए वर्ष की शुरुआत से ही पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क में पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। साल के पहले दिन तो यहां बड़ी संख्या में लोगों का जमघट रहा। अभी भी पर्यटकों के आने का सिलसिला जारी है। खास बात यह है कि इन पर्यटकों को बाघों के दीदार भी हो रहे हैं। दोनों पालियों में पार्क पर्यटकों से भरा रहता है। कुल 85 पर्यटक एक समय में यहां के वाहन से पार्क में भ्रमण कर सकते हैं।
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पार्क के रिकार्ड में दो शावकों को जन्म देने वाली बाघिन का नाम पी-213 है। यह तीन वर्ष की है और इसका पहला प्रसव है। पार्क के जंगल में लगे ट्रैप कैमरे में चार दिन पहले दोनों शावकों और उसकी मां की तस्वीरें कैद हुईं तो नए मेहमानों के आने की जानकारी पता चली। पार्क प्रशासन का मानना है कि शावक दो से तीन माह के हैं। रिजर्व पार्क के डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि शावकों को जन्म देने वाली बाघिन भी पार्क की एक बाघिन की संतान है। पार्क प्रबंधन उन पर लगातार नजर रखे हुए है।
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सुरक्षा के लिए पहनाए गए हैं जीपीएस कालर
पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क में बाघों की संख्या हाल के कुछ सालों से बढ़ी है। क्षेत्रीय संचालक का कहना है कि बाघों की सुरक्षा के लिए उन्हें जीपीएस कालर पहनाए गए हैं। इनसे पार्क प्रशासन बाघों पर लगातार नजर रख रहा है। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के दौरान केंद्रीय वन मंत्रालय ने बाघों की सुरक्षा के लिए गाइड लाइन जारी की थी। उसी पर अमल करते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। हालांकि हाल ही के दिनों में दो बाघों की मौत पर पार्क प्रशासन की काफी किरकिरी हुई थी।
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नए साल में पार्क पर्यटकों से आबाद
नए वर्ष की शुरुआत से ही पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क में पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। साल के पहले दिन तो यहां बड़ी संख्या में लोगों का जमघट रहा। अभी भी पर्यटकों के आने का सिलसिला जारी है। खास बात यह है कि इन पर्यटकों को बाघों के दीदार भी हो रहे हैं। दोनों पालियों में पार्क पर्यटकों से भरा रहता है। कुल 85 पर्यटक एक समय में यहां के वाहन से पार्क में भ्रमण कर सकते हैं।