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गणपति की विदाई...हर आंख रोई
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Ganpati's farewell...every eye cried
- फोटो : BANDA
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बांदा/अतर्रा/खप्टिहा कलां। गणेश प्रतिमाओं को केन नदी में विसर्जन करने के साथ ही 10 दिनों तक चले गणेश महोत्सव का समापन हो गया। ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस जल्दी आ’ उद्घोष और गाजे-बाजे व डीजे की गूंज देर शाम तक गूंजती रही।
रास्तों और नदी घाट में प्रशासन व पुलिस तैनात रही। मुख्यालय में देर शाम तक एक सैकड़ा से ज्यादा प्रतिमाएं केन नदी में विसर्जित की गईं। इनमें घरों में स्थापित की गईं छोटी गणेश प्रतिमाएं ज्यादा रहीं।
विसर्जन के दौरान तमाम भक्त भावुक हो गए थे। गणेश महोत्सव की शुरुआत 10 सितंबर को हुई थी। कोविड प्रोटोकाल का हवाला देकर शासन और जिला प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों में पंडाल सजाकर प्रतिमाएं स्थापित करने पर रोक लगा रखी थी।
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इसके बावजूद शहर की कई गलियों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। ज्यादातर घरों में गणेश प्रतिमाएं रखी गई थीं। रोजाना इनकी पूजा अर्चना का सिलसिला चलता रहा।
रविवार को अंतिम दिन कुछेक बड़ी प्रतिमाओं को झांकी के रूप में सजाकर श्रद्धालु कई साधनों से अलग-अलग जत्थों में विसर्जन के लिए केन नदी घाट पहुंचे। घरों में स्थापित प्रतिमाओं को भी जत्थों के साथ नदी पहुंचाया गया। गाजे-बाजे और डीजे की धुन के बीच महिला-पुरुष श्रद्धालु जमकर थिरके।
अबीर-गुलाल से लोग सराबोर रहे। यहां सभी प्रतिमाओं को नाव के जरिए नदी में विसर्जित किया गया। उधर, अतर्रा में घरों में स्थापित की गईं गणेश प्रतिमाओं को हवन पूजन के बाद विसर्जित किया गया। हरेक जत्थों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
घरों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। लखन कालोनी में भोली गौतम के घर में विराजमान गणेश प्रतिमा का विधिवत पूजन किया और गाजे-बाजे के साथ गौराबाबा धाम मंदिर पहुंचे।
बांदा रोड स्थित केन नहर में नम आंखों से प्रतिमा विसर्जित कर दी। अमलेश त्रिवेदी, बबीता गौतम, नीलम चौरसिया, माया नामदेव, विजयलक्ष्मी, रिचा सिंह, श्वेता शुक्ला, शकुंतला, विमला त्रिपाठी, सानवी, अंशिका, नंदिनी, चांदनी, राकेश गौतम मेजर आदि मौजूद रहे।
इसी तरह चौक बाजार में सब्जी व्यापारी आनंद राजा गुप्ता ने भी हवन-पूजन के बाद प्रतिमा नहर में विसर्जित कर दी गईं। जसपुरा और पैलानी में भी श्रद्धालुओं ने अलग-अलग जत्थों में जुलूस निकाला और गणेश प्रतिमा का केन नदी में विसर्जन किया।
कई प्रतिमाओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। जगह-जगह भक्तों ने आरती उतारी। विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
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रास्तों और नदी घाट में प्रशासन व पुलिस तैनात रही। मुख्यालय में देर शाम तक एक सैकड़ा से ज्यादा प्रतिमाएं केन नदी में विसर्जित की गईं। इनमें घरों में स्थापित की गईं छोटी गणेश प्रतिमाएं ज्यादा रहीं।
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विसर्जन के दौरान तमाम भक्त भावुक हो गए थे। गणेश महोत्सव की शुरुआत 10 सितंबर को हुई थी। कोविड प्रोटोकाल का हवाला देकर शासन और जिला प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों में पंडाल सजाकर प्रतिमाएं स्थापित करने पर रोक लगा रखी थी।
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इसके बावजूद शहर की कई गलियों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। ज्यादातर घरों में गणेश प्रतिमाएं रखी गई थीं। रोजाना इनकी पूजा अर्चना का सिलसिला चलता रहा।
रविवार को अंतिम दिन कुछेक बड़ी प्रतिमाओं को झांकी के रूप में सजाकर श्रद्धालु कई साधनों से अलग-अलग जत्थों में विसर्जन के लिए केन नदी घाट पहुंचे। घरों में स्थापित प्रतिमाओं को भी जत्थों के साथ नदी पहुंचाया गया। गाजे-बाजे और डीजे की धुन के बीच महिला-पुरुष श्रद्धालु जमकर थिरके।
अबीर-गुलाल से लोग सराबोर रहे। यहां सभी प्रतिमाओं को नाव के जरिए नदी में विसर्जित किया गया। उधर, अतर्रा में घरों में स्थापित की गईं गणेश प्रतिमाओं को हवन पूजन के बाद विसर्जित किया गया। हरेक जत्थों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
घरों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। लखन कालोनी में भोली गौतम के घर में विराजमान गणेश प्रतिमा का विधिवत पूजन किया और गाजे-बाजे के साथ गौराबाबा धाम मंदिर पहुंचे।
बांदा रोड स्थित केन नहर में नम आंखों से प्रतिमा विसर्जित कर दी। अमलेश त्रिवेदी, बबीता गौतम, नीलम चौरसिया, माया नामदेव, विजयलक्ष्मी, रिचा सिंह, श्वेता शुक्ला, शकुंतला, विमला त्रिपाठी, सानवी, अंशिका, नंदिनी, चांदनी, राकेश गौतम मेजर आदि मौजूद रहे।
इसी तरह चौक बाजार में सब्जी व्यापारी आनंद राजा गुप्ता ने भी हवन-पूजन के बाद प्रतिमा नहर में विसर्जित कर दी गईं। जसपुरा और पैलानी में भी श्रद्धालुओं ने अलग-अलग जत्थों में जुलूस निकाला और गणेश प्रतिमा का केन नदी में विसर्जन किया।
कई प्रतिमाओं की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। जगह-जगह भक्तों ने आरती उतारी। विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

Ganpati's farewell...every eye cried- फोटो : BANDA

Ganpati's farewell...every eye cried- फोटो : BANDA