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गंगऊ, बरियारपुर बांध उफनाए
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बांदा। सावन में सक्रिय हुए मानसून ने बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन भी चित्रकूटधाम मंडल को बारिश से तरबतर रखा। रुक-रुककर रात-दिन हो रही वर्षा से शहर और गांवों में जलभराव तथा खेत लबालब हो गए हैं। जनजीवन प्रभावित हुआ है। गंगऊ बांध/वियर से केन नदी में गिर रहे पानी की मात्रा और बढ़ गई है।
बृहस्पतिवार को गंगऊ बांध की क्रस्टवाल से 11,990 क्यूसेक पानी केन नदी में गिरता रहा। इसी तरह बरियारपुर बांध से 7898 क्यूसेक पानी नदी में डिस्चार्ज होता रहा। चित्रकूटधाम मंडल में मानसून लगभग डेढ़ माह देरी से सक्रिय हुआ। 15 जून से 25 जुलाई तक मौसम सूखा रहा।
सूखे के आशंका जताई जाने लगी थी, लेकिन सावन शुरू होते ही मौसम ने करवट ली और पिछले तीन दिनों से लगातार पूरे मंडल में बारिश का सिलसिला जारी है। इस दौरान चारों जिलों बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट की वर्षा का औसत 50 मिलीमीटर से अधिक मापा गया है। मंडल में मानसून सबसे ज्यादा बांदा में मेहरबान है।
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सावन में जमकर गरज और बरस रहे बदरा यहां अलग तेवर दिखा रहे हैं। पूरे चित्रकूटधाम मंडल में पहली जून से अब तक सबसे ज्यादा 522 मिलीमीटर बारिश बांदा में हुई है। सबसे कम मात्र 135 मिलीमीटर वर्षा महोबा में दर्ज की गई है। हमीरपुर में 429 और चित्रकूट में 240 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। यह आंकड़े सिंचाई विभाग के हैं।
मंडल के बांधों में पिछले 24 घंटे में हुई बारिश और पहली जून से अब तक हुई कुल वर्षा तथा जलस्तर---
गंगऊ (छतरपुर)- 8 मिमी (कुल 248 मिमी), जलस्तर- 223.81 मीटर।
रनगवां (छतरपुर)- 20 मिमी (कुल 185 मिमी), जलस्तर 223.27 मीटर।
बरियारपुर (पन्ना)- 15 मिमी (कुल 78 मिमी), जलस्तर- 185.50 मीटर।
ओहन (चित्रकूट)- 7 मिमी (कुल 110 मिमी), जलस्तर- 160.20 मीटर।
बरुआ (चित्रकूट)- 18 मिमी (कुल 116 मिमी), जलस्तर- 138.47 मीटर।
गुंता (चित्रकूट)- 3 मिमी (कुल 141 मिमी), जलस्तर- 118.50 मीटर।
रसिन (चित्रकूट)- 48 मिमी (कुल 138 मिमी), जलस्तर- 140.10 मीटर।
अर्जुन (महोबा)- 10 मिमी (कुल 105 मिमी), जलस्तर- 169.62 मीटर।
चंद्रावल (महोबा)- 7 मिमी (कुल 100 मिमी), जलस्तर- 147.91 मीटर।
कबरई (महोबा)- 12 मिमी (कुल 90 मिमी), जलस्तर- 149.04 मीटर।
मझगवां (महोबा)- 10 मिमी (कुल 98 मिमी), जलस्तर- 218.20 मीटर।
उर्मिल (महोबा)- 10 मिमी (कुल 160 मिमी), जलस्तर- 228.50 मीटर।
मौदहा (हमीरपुर)- 22 मिमी (कुल 282 मिमी), जलस्तर- 142.10 मीटर।
29 जुलाई को मंडल की नदियों का जलस्तर (मीटर में)---
केन (बांदा)- 94.83 (खतरे का निशान 104)
यमुना(चिल्ला)-86.82(खतरे का निशान 100)
बेतवा (हमीरपुर)- 89.48 (खतरे का निशान 104.54)
यमुना (हमीरपुर)- 90.34 (खतरे का निशान 103.63)
मंडल के चारों जिलों में बीते 24 घंटे की बारिश और पहली जून से अब तक कुल वर्षा (मिली मीटर) में---
बांदा-40 मिमी (कुल वर्षा 522.20)।
चित्रकूट-15 मिमी (कुल वर्षा 240)।
महोबा-10 मिमी (कुल वर्षा 140)।
हमीरपुर-60 मिमी (कुल वर्षा 429)।
जलस्तर और डिस्चार्ज पर रखी जा रही नजर
बांदा। गंगऊ बांध/वियर के उफना जाने के बाद भी फिलहाल केन नदी में बाढ़ का खतरा नहीं है। गंगऊ की क्रस्टवाल से 11,990 क्यूसेक और बरियारपुर बांध से 7898 क्यूसेक पानी उफनाकर नदी में गिर रहा है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता घनश्याम वर्मा, अवर अभियंता वेद प्रकाश गौड़ (गंगऊ बांध) और अवर अभियंता धीरेंद्र प्रताप सिंह (बरियारपुर) ने बताया कि जलस्तर और डिस्चार्ज पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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बृहस्पतिवार को गंगऊ बांध की क्रस्टवाल से 11,990 क्यूसेक पानी केन नदी में गिरता रहा। इसी तरह बरियारपुर बांध से 7898 क्यूसेक पानी नदी में डिस्चार्ज होता रहा। चित्रकूटधाम मंडल में मानसून लगभग डेढ़ माह देरी से सक्रिय हुआ। 15 जून से 25 जुलाई तक मौसम सूखा रहा।
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सूखे के आशंका जताई जाने लगी थी, लेकिन सावन शुरू होते ही मौसम ने करवट ली और पिछले तीन दिनों से लगातार पूरे मंडल में बारिश का सिलसिला जारी है। इस दौरान चारों जिलों बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट की वर्षा का औसत 50 मिलीमीटर से अधिक मापा गया है। मंडल में मानसून सबसे ज्यादा बांदा में मेहरबान है।
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सावन में जमकर गरज और बरस रहे बदरा यहां अलग तेवर दिखा रहे हैं। पूरे चित्रकूटधाम मंडल में पहली जून से अब तक सबसे ज्यादा 522 मिलीमीटर बारिश बांदा में हुई है। सबसे कम मात्र 135 मिलीमीटर वर्षा महोबा में दर्ज की गई है। हमीरपुर में 429 और चित्रकूट में 240 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। यह आंकड़े सिंचाई विभाग के हैं।
मंडल के बांधों में पिछले 24 घंटे में हुई बारिश और पहली जून से अब तक हुई कुल वर्षा तथा जलस्तर---
गंगऊ (छतरपुर)- 8 मिमी (कुल 248 मिमी), जलस्तर- 223.81 मीटर।
रनगवां (छतरपुर)- 20 मिमी (कुल 185 मिमी), जलस्तर 223.27 मीटर।
बरियारपुर (पन्ना)- 15 मिमी (कुल 78 मिमी), जलस्तर- 185.50 मीटर।
ओहन (चित्रकूट)- 7 मिमी (कुल 110 मिमी), जलस्तर- 160.20 मीटर।
बरुआ (चित्रकूट)- 18 मिमी (कुल 116 मिमी), जलस्तर- 138.47 मीटर।
गुंता (चित्रकूट)- 3 मिमी (कुल 141 मिमी), जलस्तर- 118.50 मीटर।
रसिन (चित्रकूट)- 48 मिमी (कुल 138 मिमी), जलस्तर- 140.10 मीटर।
अर्जुन (महोबा)- 10 मिमी (कुल 105 मिमी), जलस्तर- 169.62 मीटर।
चंद्रावल (महोबा)- 7 मिमी (कुल 100 मिमी), जलस्तर- 147.91 मीटर।
कबरई (महोबा)- 12 मिमी (कुल 90 मिमी), जलस्तर- 149.04 मीटर।
मझगवां (महोबा)- 10 मिमी (कुल 98 मिमी), जलस्तर- 218.20 मीटर।
उर्मिल (महोबा)- 10 मिमी (कुल 160 मिमी), जलस्तर- 228.50 मीटर।
मौदहा (हमीरपुर)- 22 मिमी (कुल 282 मिमी), जलस्तर- 142.10 मीटर।
29 जुलाई को मंडल की नदियों का जलस्तर (मीटर में)---
केन (बांदा)- 94.83 (खतरे का निशान 104)
यमुना(चिल्ला)-86.82(खतरे का निशान 100)
बेतवा (हमीरपुर)- 89.48 (खतरे का निशान 104.54)
यमुना (हमीरपुर)- 90.34 (खतरे का निशान 103.63)
मंडल के चारों जिलों में बीते 24 घंटे की बारिश और पहली जून से अब तक कुल वर्षा (मिली मीटर) में---
बांदा-40 मिमी (कुल वर्षा 522.20)।
चित्रकूट-15 मिमी (कुल वर्षा 240)।
महोबा-10 मिमी (कुल वर्षा 140)।
हमीरपुर-60 मिमी (कुल वर्षा 429)।
जलस्तर और डिस्चार्ज पर रखी जा रही नजर
बांदा। गंगऊ बांध/वियर के उफना जाने के बाद भी फिलहाल केन नदी में बाढ़ का खतरा नहीं है। गंगऊ की क्रस्टवाल से 11,990 क्यूसेक और बरियारपुर बांध से 7898 क्यूसेक पानी उफनाकर नदी में गिर रहा है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता घनश्याम वर्मा, अवर अभियंता वेद प्रकाश गौड़ (गंगऊ बांध) और अवर अभियंता धीरेंद्र प्रताप सिंह (बरियारपुर) ने बताया कि जलस्तर और डिस्चार्ज पर लगातार नजर रखी जा रही है।