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मित्र और परिवार वाले रोक सकते हैं आत्महत्याएं
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विधिक साक्षरता शिविर संबोधित करते डा.जनार्दन प्रसाद त्रिपाठी।
- फोटो : BANDA
बांदा। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने नरैनी सीएचसी में विधिक साक्षरता शिविर लगाया गया। प्राधिकरण के काउंसलर डॉ. जनार्दन प्रसाद त्रिपाठी ने बढ़ती आत्महत्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि आमतौर पर व्यापार में घाटा, परीक्षा में असफलता, बेरोजगारी, महत्वाकांक्षी या प्रेम में असफलता आदि में आत्महत्याएं ज्यादा हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन्हें रोकने के लिए जरूरी है कि पीड़ित व्यक्ति से बात की जाए। उसकी समस्या के समाधान के विकल्प बताए जाएं। उसका मनोबल बढ़ाएं। इसमें मित्र, परिवार के सदस्य, शुभचिंतक, काउंसलर और मनोचिकित्सक की भूमिका अहम हो सकती है। नोडल अधिकारी डॉ. एमसी पाल ने अस्पताल में उपलब्ध मनोचिकित्सा की सुविधाओं की जानकारी दी।
मनोचिकित्सक डॉ. हरदयाल ने मनोरोगियों का परीक्षण किया और उन्हें दवाएं दीं। काउंसलर डॉ. रिजवाना हाशमी ने महिलाओं से बातचीत कर काउंसलिंग की। फीजियोथेरेपिस्ट और पराविधिक स्वयंसेवक एमडी शरीफ ने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना भी जरूरी है। पराविधिक स्वयंसेवक डॉ. एसपी सिंह ने व्यथित दिनचर्या पर चर्चा की। शिविर में पराविधिक स्वयंसेवक चेतन बाबू, मोहम्मद आजम खां, रोहित कुमार, अशोक कुमार भी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि इन्हें रोकने के लिए जरूरी है कि पीड़ित व्यक्ति से बात की जाए। उसकी समस्या के समाधान के विकल्प बताए जाएं। उसका मनोबल बढ़ाएं। इसमें मित्र, परिवार के सदस्य, शुभचिंतक, काउंसलर और मनोचिकित्सक की भूमिका अहम हो सकती है। नोडल अधिकारी डॉ. एमसी पाल ने अस्पताल में उपलब्ध मनोचिकित्सा की सुविधाओं की जानकारी दी।
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मनोचिकित्सक डॉ. हरदयाल ने मनोरोगियों का परीक्षण किया और उन्हें दवाएं दीं। काउंसलर डॉ. रिजवाना हाशमी ने महिलाओं से बातचीत कर काउंसलिंग की। फीजियोथेरेपिस्ट और पराविधिक स्वयंसेवक एमडी शरीफ ने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना भी जरूरी है। पराविधिक स्वयंसेवक डॉ. एसपी सिंह ने व्यथित दिनचर्या पर चर्चा की। शिविर में पराविधिक स्वयंसेवक चेतन बाबू, मोहम्मद आजम खां, रोहित कुमार, अशोक कुमार भी मौजूद रहे।
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