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मुफ्त राशन पहले ही दिन बेदम
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 05 Jun 2016 11:38 PM IST
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कोटे की दुकानों में मुफ्त राशन लेते अंत्योदय कार्ड धारक।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। ‘बड़ा शोर सुनते थे सीने में दिल का, जो चीरा तो एक बूंद खून निकला’। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में गरीबों को मुफ्त राशन की योजना ऐसी ही रही। पहले ही दिन यह गरीबों को उनकी मददगार होने का एहसास नहीं करा पाई। तमाम कोटे की दुकानें खुली ही नहीं। कुछ ने आधा अधूरा बांटकर ताला जड़ दिया। मंडल मुख्यालय में न कहीं नोडल अफसर नजर आए, न आपूर्ति विभाग ने सुध ली। गांवों में और गई गुजरी हालत रही।
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रविवार (5 जून) से अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को मुफ्त राशन बांटने की योजना लागू हो गई। अंत्योदय कार्डधारकों को 15 किलो गेहूं और 20 किलो चावल मुफ्त दिया जाना है। दो किलो चीनी 13 रुपये 50 पैसे किलो और तीन लीटर मिट्टी का तेल 16 रुपये 65 पैसे प्रति लीटर की दर से दिया जाना है। इसी तरह पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को साढ़े तीन किलो प्रति यूनिट गेहूं और डेढ़ किलो प्रति यूनिट चावल मुफ्त मिलेगा। इन्हें चीनी चाहिए तो 900 ग्राम चीनी 12 रुपये 15 पैसे की मिलेगी। मिट्टी के तेल में कोई रियायत नहीं मिलेगी।
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योजना की शुरुआत मंडल मुख्यालय में ही बेदम नजर आई। अनाज जिनको मुफ्त अनाज मिला वह भी संतुष्ट नजर नहीं आए। स्वराज कालोनी में कोटेदार गया प्रसाद की दुकान से राशन लेने वाली सावित्री ने बताया कि गेहूं में कूड़ा करकट ज्यादा है। धोने साफ करने में काफी कचरा निकल जाएगा। इस कोटे में बड़ी संख्या में कार्ड धारकों की भीड़ थी। कोटेदार ने बताया कि 87 अंत्योदय और 582 पात्र गृहस्थी कार्ड धारक संबद्ध हैं। किरन कालेज चौराहे मेें बृजराज सिंह की दुकान में 448 पात्र गृहस्थी और 32 अंत्योदय कार्ड संबद्ध होने के बावजूद सन्नाटा पसरा रहा। इक्का-दुक्का लोग ही मुफ्त राशन लेने आए। यहां कार्ड धारक सुरेश कुमार का कहना था कि उसे मिट्टी के तेल की जरूरत है, पर नहीं मिला। कोटेदार ने उसे तीन दिन बाद आने को कहकर टरका दिया।
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डिग्री चौराहे में मीना सोनी की दुकान में ताला पड़ा रहा। शिद्दत की गर्मी में मुफ्त राशन की उम्मीद से आए गरीब कार्ड धारक बैरंग लौट गए। कुछ ने घंटों दुकानदार का इंतजार भी किया। आसपास वालों ने बताया कि सुबह कुछ घंटे दुकान खोली गई थी। खुटला में कोटेदार संतोष गुप्ता के यहां 88 अंत्योदय और 741 पात्र गृहस्थी (829) कार्ड संबद्ध है। लेकिन यहां राशन सिर्फ 495 कार्डों का आवंटित हुआ है। योजना के पहले ही दिन 246 गरीबों का पत्ता साफ कर दिया गया। ऐसे कई कार्ड धारकों की खरीखोटी कोटेदार को सुननी पड़ी। छोटी बाजार में कोटेदार सावित्री देवी को भी कम आवंटन से कार्डधारकों का विरोध झेलना पड़ा। यहां 71 अंत्योदय और 521 पात्र गृहस्थी (कुल 592) कार्ड संबद्ध हैं। राशन का आवंटन सिर्फ 502 कार्ड धारकों का हुआ है। शेष का पत्ता साफ कर दिया गया। ऐसे ही पात्र गृहस्थी कार्ड धारक शंकर लाल गुप्ता ने रोष जताते हुए कहा कि 300 रुपये खर्च करने के बाद भी उसे सूची से बाहर कर दिया गया। इतने में तो वह बाजार से खरीदकर पेट भर लेता।