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बुंदेलखंड के हर जिले में बढ़ाए जाएं एफपीओ
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FPO should be increased in every district of Bundelkhand
- फोटो : BANDA
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बांदा। किसानों की उपज की मार्केटिंग और उचित कीमत के लिए बुंदेलखंड के हर जिले में ज्यादा से ज्यादा एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर आर्गनाइजेशन) खोले जाएं। कृषि विभाग के अधिकारी रबी फसलों का आच्छादन बढ़ाने का ेप्रयोस करें। खाद, बीज आदि समय से उपलब्ध कराएं।
ये निर्देश प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने ेचित्रकूटधाम और झांसी मंडल के अधिकारियों को दिए। शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से रबी उत्पादकता गोष्ठी संबोधित करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि बुंदेलखंड के चित्रकूटधाम और झांसी मंडलों में जल संरक्षण के काम प्राथमिकता से कराए जाएं। यह काम मनरेगा से भी हों। निर्देश दिए कि धान की खरीद समय से शुरू की जाए।
उन्होंने कहा कि कार्ययोजना बनाकर रबी का आच्छादन क्षेत्र बढ़ाया जाए। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए स्थानीय प्रमुख उत्पादों की ब्रांडिंग होनी चाहिए। किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जाए। गोष्ठी में अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि दलहन व तिलहन का आच्छादन बढ़ाएं। खेत-तालाब योजना पर भी जोर दिया। कहा कि उर्वरकों का रियल टाइम इक्नॉलिजमेंट अनिवार्यता से लागू हो।
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प्रमुख सचिव बीएल मीणा ने बताया कि लक्ष्य की 30 फीसदी खाद सहकारिता के माध्यम से बांटी जाती है। गोष्ठी को निदेशक उद्यान आरके तोमर, निदेशक पशुपालन एसके मलिक, निदेशक मत्स्य डॉ. एसके सिंह, निदेशक कृषि अभियंत्रण नीरज श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। प्रदेश के कृषि निदेशक वीके सिंह ने सभी का आभार जताया।
खेत-तालाब में अनुदान 75 फीसदी हो
रबी गोष्ठी में मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने शासन के अधिकारियों से अनुरोध किया कि खेत-तालाब योजना में अनुदान राशि 75 फीसदी की जाए। डीएम अनुराग पटेल ने कहा कि अन्ना मवेशियों से फसल बचाने के लिए किसानों को खेत में जाली लगाने के लिए अनुदान दिया जाए। साथ ही अन्ना पशुओं के चारे आदि के लिए भी शीघ्र धनराशि दी जाए। आयुक्त ने कहा कि चित्रकूट मंडल में खाद व बीज की कोई कमी नहीं है। रबी उत्पादन बढ़ाने के लिए व्यवस्थाएं कर लीं गईं हैं। उन्होंने बताया कि खेत-तालाब योजना में मंडल में 4480 तालाब खोदने का लक्ष्य है। अब तक 2100 तालाब खोदे जा चुके हैं। सबसे ज्यादा 1200 तालाब महोबा में खुदे हैं।
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ये निर्देश प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने ेचित्रकूटधाम और झांसी मंडल के अधिकारियों को दिए। शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से रबी उत्पादकता गोष्ठी संबोधित करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि बुंदेलखंड के चित्रकूटधाम और झांसी मंडलों में जल संरक्षण के काम प्राथमिकता से कराए जाएं। यह काम मनरेगा से भी हों। निर्देश दिए कि धान की खरीद समय से शुरू की जाए।
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उन्होंने कहा कि कार्ययोजना बनाकर रबी का आच्छादन क्षेत्र बढ़ाया जाए। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए स्थानीय प्रमुख उत्पादों की ब्रांडिंग होनी चाहिए। किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जाए। गोष्ठी में अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि दलहन व तिलहन का आच्छादन बढ़ाएं। खेत-तालाब योजना पर भी जोर दिया। कहा कि उर्वरकों का रियल टाइम इक्नॉलिजमेंट अनिवार्यता से लागू हो।
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प्रमुख सचिव बीएल मीणा ने बताया कि लक्ष्य की 30 फीसदी खाद सहकारिता के माध्यम से बांटी जाती है। गोष्ठी को निदेशक उद्यान आरके तोमर, निदेशक पशुपालन एसके मलिक, निदेशक मत्स्य डॉ. एसके सिंह, निदेशक कृषि अभियंत्रण नीरज श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। प्रदेश के कृषि निदेशक वीके सिंह ने सभी का आभार जताया।
खेत-तालाब में अनुदान 75 फीसदी हो
रबी गोष्ठी में मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने शासन के अधिकारियों से अनुरोध किया कि खेत-तालाब योजना में अनुदान राशि 75 फीसदी की जाए। डीएम अनुराग पटेल ने कहा कि अन्ना मवेशियों से फसल बचाने के लिए किसानों को खेत में जाली लगाने के लिए अनुदान दिया जाए। साथ ही अन्ना पशुओं के चारे आदि के लिए भी शीघ्र धनराशि दी जाए। आयुक्त ने कहा कि चित्रकूट मंडल में खाद व बीज की कोई कमी नहीं है। रबी उत्पादन बढ़ाने के लिए व्यवस्थाएं कर लीं गईं हैं। उन्होंने बताया कि खेत-तालाब योजना में मंडल में 4480 तालाब खोदने का लक्ष्य है। अब तक 2100 तालाब खोदे जा चुके हैं। सबसे ज्यादा 1200 तालाब महोबा में खुदे हैं।