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Banda News: इस्राइल को संवारेंगे मंडल के चार हजार राजमिस्त्री
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बांदा। करीब तीन माह से चल रही हमास से जंग के कारण इस्राइल की सूरत बिड़ गई है। हर तरफ मलबा ही मलबा दिखाई दे रहा है। हजारों लोगों के सिर से छतें छिन गईं हैं। सड़कों पर भी इमारतों के मलबे का ढेर सा लगा है। ऐसे में वहां कोई इन इमारतों को दोबारा से बनाने वाला भी नहीं है।
लिहाजा इस्राइल की मांग पर यहां (भारत से) से कुशल राजमिस्त्री, टाइल्स, शटरिंग कारीगर व पत्थर लगाने के कारीगर और मजदूर भेजे जाने का निर्णय लिया गया है। इसकी जिम्मेदारी श्रम विभाग को दी गई है। सहायक श्रमायुक्त डाॅ. एके अग्रहरि ने बताया कि प्रत्येक जनपद से करीब एक हजार कुशल कारीगर भेजे जाने का निर्णय हुआ है। बांदा के अलावा चित्रकूट, महोबा और हमीरपुर मिलाकर चार हजार लोगों का चयन किया जाएगा। इसके लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं। श्रम विभाग इजरायल जाने वाले श्रमिकों का पासपोर्ट बनवाने में मदद करेगा।
एक समझौते के तहत इजरायल ने भारत से एक लाख श्रमिकों की मांग की है। ऐसे में जनपद से भी श्रमिकों के इजरायल भेजने की तैयारी की जा रही है। श्रम विभाग ने यहां श्रमिकों से सहमति पत्र व आवेदन मांगा है। सहायक श्रमायुक्त के मुताबिक जनपद से एक हजार श्रमिकों के भेजने का प्लान तैयार किया गया है।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी महेंद्र शुक्ला का कहना है कि दक्ष श्रमिकों को इजरायल में प्रतिमाह 1.25 लाख रुपये वेतन दिया जाएगा। 15 हजार रुपये प्रतिमाह बोनस मिलेगा। जो कंपनी के खाते में जमा रहेगा। कार्य की समाप्ति के बाद उन्हें सौंपा जाएगा। श्रमिकों को इजरायल जाने का कम से कम एक वर्ष व अधिकतम पांच वर्ष सेवा देने का अनुबंध देना होगा। श्रमिक की आयु 21 से 25 वर्ष के मध्य होनी चाहिए।
श्रमिक के पास कम से कम तीन वर्ष कार्य करने का अनुभव हो। अधिकारियों का मानना है कि वे पंजीकृत कुशल कारीगरों से संपर्क साध रहे हैं। उनके परीक्षण के बाद उन्हें रवाना करने की तैयारी की जाएगी। इजरायल में कारीगरों को पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।
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लिहाजा इस्राइल की मांग पर यहां (भारत से) से कुशल राजमिस्त्री, टाइल्स, शटरिंग कारीगर व पत्थर लगाने के कारीगर और मजदूर भेजे जाने का निर्णय लिया गया है। इसकी जिम्मेदारी श्रम विभाग को दी गई है। सहायक श्रमायुक्त डाॅ. एके अग्रहरि ने बताया कि प्रत्येक जनपद से करीब एक हजार कुशल कारीगर भेजे जाने का निर्णय हुआ है। बांदा के अलावा चित्रकूट, महोबा और हमीरपुर मिलाकर चार हजार लोगों का चयन किया जाएगा। इसके लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं। श्रम विभाग इजरायल जाने वाले श्रमिकों का पासपोर्ट बनवाने में मदद करेगा।
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एक समझौते के तहत इजरायल ने भारत से एक लाख श्रमिकों की मांग की है। ऐसे में जनपद से भी श्रमिकों के इजरायल भेजने की तैयारी की जा रही है। श्रम विभाग ने यहां श्रमिकों से सहमति पत्र व आवेदन मांगा है। सहायक श्रमायुक्त के मुताबिक जनपद से एक हजार श्रमिकों के भेजने का प्लान तैयार किया गया है।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी महेंद्र शुक्ला का कहना है कि दक्ष श्रमिकों को इजरायल में प्रतिमाह 1.25 लाख रुपये वेतन दिया जाएगा। 15 हजार रुपये प्रतिमाह बोनस मिलेगा। जो कंपनी के खाते में जमा रहेगा। कार्य की समाप्ति के बाद उन्हें सौंपा जाएगा। श्रमिकों को इजरायल जाने का कम से कम एक वर्ष व अधिकतम पांच वर्ष सेवा देने का अनुबंध देना होगा। श्रमिक की आयु 21 से 25 वर्ष के मध्य होनी चाहिए।
श्रमिक के पास कम से कम तीन वर्ष कार्य करने का अनुभव हो। अधिकारियों का मानना है कि वे पंजीकृत कुशल कारीगरों से संपर्क साध रहे हैं। उनके परीक्षण के बाद उन्हें रवाना करने की तैयारी की जाएगी। इजरायल में कारीगरों को पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।