{"_id":"65cc690b27a81cd184b451f9ee985d71","slug":"four-hours-later-15-hours-later-commissioned-bhuragdh-feeder-broken-again-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 घंटे बाद चालू हुआ भूरागढ़ फीडर चार घंटे बाद फिर धड़ाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 घंटे बाद चालू हुआ भूरागढ़ फीडर चार घंटे बाद फिर धड़ाम
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 02 Jan 2015 11:48 PM IST
विज्ञापन
फाल्ट से 15 घंटे बंद रहने के बाद चालू हुआ भूरागढ़ फीडर सिर्फ चार घंटे में ही फिर धड़ाम हो गया। आधी रात के बाद शहर का एक चौथाई हिस्सा अंधेरे में डूब गया। शुक्रवार दोपहर आपूर्ति शुरू भी हुई तो लो-वोल्टेज से।
विज्ञापन
नतीजे में कुओं में लगे जल संस्थान के पंप नहीं चले। आधा दर्जन से ज्यादा मोहल्लों में जलापूर्ति नहीं हो सकी। भूरागढ़ फीडर शहर का सबसे महत्वपूर्ण फीडर है। दर्जन भर मोहल्लों के अलावा जल संस्थान के दोनों इंटेकवेल और पंप स्टेशन इसी फीडर से जुड़े हैं।
विज्ञापन
यह फीडर आए दिन खराब होना आम बात है, लेकिन नए वर्ष और बारह वफात के मौके पर मुख्यमंत्री के आपूर्ति नियमित रखने के आदेशों के बावजूद यह फीडर बुरी तरह चरमरा गया है। 28 दिसंबर को भूरागढ़ स्थित सब स्टेशन की ओसीबी जल गई। तड़के से पूरा दिन आपूर्ति बंद रही। रात 8 बजे के बाद यह चालू हुई।
विज्ञापन
31 दिसंबर को सुबह करीब 5 बजे फिर यह फीडर धड़ाम हो गया। बताया गया कि केबिल बर्स्ट हो गई और ट्रांसफार्मर से तेल लीक हो गया। इसे दुरुस्त करने में नए साल का पहला पूरा दिन बीत गया। दिन भर बिजली गुल रही। रात 8 बजे आपूर्ति चालू हुई। लेकिन 4 घंटे बाद ही रात करीब 12 बजे फीडर फिर ठप हो गया।
आधा रात के बाद एक दर्जन इलाके फिर अंधेरे में डूब गए। सुबह पंप न चलने से पानी की आपूर्ति भी नहीं हुई। इस फीडर से मर्दननाका, छिपटहरी इत्यादि कई मुस्लिम बाहुल्य इलाके जुड़े हैं। यहां दो दिनों से पानी-बिजली न आने से रविवार को होने वाली बारह वफात की तैयारियों में भी रुकावटें आईं।
करीब 11 घंटे बाद शुक्रवार को दिन में 11 बजे फिर आपूर्ति शुरू हुई। लेकिन छिपटरही इलाके में वोल्टेज काफी लो होने से जल संस्थान के मोटर नहीं चले। पावर कारपोरेशन के सब डिवीजनल आफीसर (एसडीओ) पीलीकोठी डीपी सिंह और अवर अभियंता कामता प्रसाद ने बताया कि फीडर में दोबारा आई फाल्ट की वजह न्यूट्रल लाइन टूट जाना थी।
उधर, शहर काजी अकील मियां ने बिजली त्योहार के मौके पर बिजली-पानी के इस संकट से डीएम सुरेश कुमार को अवगत कराया। डीएम ने आश्वासन दिया कि वह पावर कारपोरेशन अधिकारियों को सुधार लाने के निर्देश दे रहे हैं।