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बिजली विभाग पर पांच हजार जुर्माना
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बांदा। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने बिजली विभाग पर 5000 रुपये जुर्माना किया है। स्थाई कनेक्शन काटने के बाद भी 11,789 का बिल जारी कर दिया। वाद दायर होने के बाद अधिशासी अभियंता (विद्युत नगर) ने बकाया राशि समाप्त की।
महोखर गांव निवासी अधिवक्ता साची चतुर्वेदी ने अधिशासी अभियंता और एसडीओ (विद्युत वितरण खंड) को पक्षकार बनाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने मार्च 2016 को शपथ पत्र व 150 रुपये शुल्क देकर कनेक्शन पीडी करा दिया था। पूरा बिल 1709 रुपये जमा कर दिया।
इसके बावजूद विभाग ने 11,789 रुपये का बिल भेज दिया। जिला आयोग ने विद्युत विभाग को नोटिस जारी किया। अधिवक्ता की ओर से जवाब दिया गया कि पांच अप्रैल 2018 को परिवादी का पूरा बकाया बिल समाप्त कर दिया गया है। यह गलती भ्रम वश हो गई थी।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अध्यक्ष तूफानी प्रसाद, सदस्य अनिल कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनीं और पत्रावली देखी। आयोग ने मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 3000 रुपये और व्यय खर्च 2000 रुपये एक माह के अंदर अदा करने का आदेश दिया है।
आयोग ने दो मामलों में वादकारियों को विद्युत विभाग से 5000 रुपये क्षतिपूर्ति के चेक दिए। शिव कुमारी पत्नी धरमराज मिश्रा (सोना मऊ, बांदा) व दिनेश सिंह (अंबेडकर चौराहा, बबेरू) के मामलों में आयोग द्वारा विद्युत विभाग पर 2-2 हजार क्षतिपूर्ति और 500-500 रुपये वादी को दिलाने का आदेश दिया। धनराशि बिजली विभाग द्वारा फोरम में जमा कर दी गई। आयोग अध्यक्ष तूफानी प्रसाद और सदस्य अनिल कुमार चतुर्वेदी ने वादकारियों को अधिवक्ता जगदीश प्रसाद तिवारी की मौजूदगी में चेक सौंपा। यह जानकारी रीडर स्वतंत्र रावत ने दी।
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महोखर गांव निवासी अधिवक्ता साची चतुर्वेदी ने अधिशासी अभियंता और एसडीओ (विद्युत वितरण खंड) को पक्षकार बनाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने मार्च 2016 को शपथ पत्र व 150 रुपये शुल्क देकर कनेक्शन पीडी करा दिया था। पूरा बिल 1709 रुपये जमा कर दिया।
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इसके बावजूद विभाग ने 11,789 रुपये का बिल भेज दिया। जिला आयोग ने विद्युत विभाग को नोटिस जारी किया। अधिवक्ता की ओर से जवाब दिया गया कि पांच अप्रैल 2018 को परिवादी का पूरा बकाया बिल समाप्त कर दिया गया है। यह गलती भ्रम वश हो गई थी।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अध्यक्ष तूफानी प्रसाद, सदस्य अनिल कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनीं और पत्रावली देखी। आयोग ने मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 3000 रुपये और व्यय खर्च 2000 रुपये एक माह के अंदर अदा करने का आदेश दिया है।
आयोग ने दो मामलों में वादकारियों को विद्युत विभाग से 5000 रुपये क्षतिपूर्ति के चेक दिए। शिव कुमारी पत्नी धरमराज मिश्रा (सोना मऊ, बांदा) व दिनेश सिंह (अंबेडकर चौराहा, बबेरू) के मामलों में आयोग द्वारा विद्युत विभाग पर 2-2 हजार क्षतिपूर्ति और 500-500 रुपये वादी को दिलाने का आदेश दिया। धनराशि बिजली विभाग द्वारा फोरम में जमा कर दी गई। आयोग अध्यक्ष तूफानी प्रसाद और सदस्य अनिल कुमार चतुर्वेदी ने वादकारियों को अधिवक्ता जगदीश प्रसाद तिवारी की मौजूदगी में चेक सौंपा। यह जानकारी रीडर स्वतंत्र रावत ने दी।