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Banda News: पांच नए ग्रीन पार्क से बदलेगी बिजली की तस्वीर
Sat, 17 Jan 2026 01:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 17 Jan 2026 01:18 AM IST
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फोटो- 29 गुढ़ा में तैयार हो रहा ग्रीन पार्क। संवाद
- फोटो : जिला अस्पताल में मशीन खराब होने से बंद सीटी स्कैन।
बांदा। जिले में बिजली की किल्लत को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए निजी कंपनियां पांच नए ग्रीन पार्क स्थापित करने जा रही हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जिला सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखेगा। जिससे 240 मेगावाट तक बिजली का उत्पादन होने का अनुमान है। यह पहल न केवल बिजली की आपूर्ति को मजबूत करेगी, बल्कि जिले के आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेगी।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुए समझौतों के तहत 57 उद्यमियों में से पांच विशेष रूप से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बांदा में ग्रीन पार्क स्थापित कर रहे हैं। इन परियोजनाओं में निजी कंपनियों द्वारा 2800 करोड़ रुपये से अधिक का भारी निवेश किया जाएगा। उद्यमियों ने जमीन की खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब वे आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं। उम्मीद है कि एनओसी मिलते ही ग्रीन पार्क के निर्माण कार्य में तेजी आएगी और ये परियोजनाएं जल्द ही धरातल पर नजर आएंगी।
वर्तमान में, जिले में दो ग्रीन पार्क पहले से ही संचालित हैं, जिनसे 75 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। यह बिजली विभाग को बेची भी जा रही है। इन नए पार्कों के जुड़ने से जिले की कुल बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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प्रमुख ग्रीन पार्क परियोजनाएं और उनका योगदान
प्रोजेक्ट
स्थान
लागत (करोड़ रुपये)
भूमि (हेक्टेयर)
उत्पादन (मेगावाट)
रिमझिम गुढ़ा
गुढ़ा
300
20
45
सनस्योर निभौर निभौर 183
15
35
सनस्योर खप्टिहाकला-2
खप्टिहाकला-2
124
20
30
अबाडा आलोना आलोना 350
50
70
अबाडा चहितारा चहितारा 300
20
60
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केस स्टडी 1: रिमझिम इस्पात प्लांट
रिमझिम इस्पात प्लांट के प्रतिनिधि मनमोहन ने बताया कि बांदा जनपद की नरैनी तहसील के गुढ़ा में 45 मेगावाट का सोलर पार्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवश्यक भूमि प्राप्त हो चुकी है और जल्द ही अन्य निर्माण कार्य भी शुरू किए जाएंगे।
केस स्टडी 2: अबाडा परियोजना
अबाडा के कर्मचारी विजय ने बताया कि आलोना स्थित परियोजना पर काम शुरू हो गया है। जमीन मिल चुकी है और एनओसी मिलने के बाद इसी साल ग्रीन पार्क तैयार हो जाएगा, जिससे बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
गैस प्लांट की भी योजना
सौर ऊर्जा परियोजनाओं के साथ-साथ, इंद्रप्रस्थ गैस (आईजीएल) कंपनी भी बांदा और चित्रकूट जिलों में गैस प्लांट स्थापित करने की तैयारी कर रही है। चित्रकूट में जमीन की तलाश पूरी हो चुकी है, जबकि बांदा में भी इसके लिए जमीन की खोज की जा रही है। जमीन उपलब्ध होते ही यहां भी गैस प्लांट की स्थापना की जाएगी।
भविष्य की ओर एक कदम
उपायुक्त उद्योग गुरुदेव ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में पांच ग्रीन पार्क स्थापित किए जाएंगे। कुछ परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है, जबकि अन्य जल्द ही शुरू होने वाली हैं। इन सभी ग्रीन पार्कों के चालू होने के बाद, जिले में कुल बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 325 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। इसके अतिरिक्त, एक गैस प्लांट का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। यह पहल बांदा को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुए समझौतों के तहत 57 उद्यमियों में से पांच विशेष रूप से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बांदा में ग्रीन पार्क स्थापित कर रहे हैं। इन परियोजनाओं में निजी कंपनियों द्वारा 2800 करोड़ रुपये से अधिक का भारी निवेश किया जाएगा। उद्यमियों ने जमीन की खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब वे आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं। उम्मीद है कि एनओसी मिलते ही ग्रीन पार्क के निर्माण कार्य में तेजी आएगी और ये परियोजनाएं जल्द ही धरातल पर नजर आएंगी।
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वर्तमान में, जिले में दो ग्रीन पार्क पहले से ही संचालित हैं, जिनसे 75 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। यह बिजली विभाग को बेची भी जा रही है। इन नए पार्कों के जुड़ने से जिले की कुल बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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प्रमुख ग्रीन पार्क परियोजनाएं और उनका योगदान
प्रोजेक्ट
स्थान
लागत (करोड़ रुपये)
भूमि (हेक्टेयर)
उत्पादन (मेगावाट)
रिमझिम गुढ़ा
गुढ़ा
300
20
45
सनस्योर निभौर निभौर 183
15
35
सनस्योर खप्टिहाकला-2
खप्टिहाकला-2
124
20
30
अबाडा आलोना आलोना 350
50
70
अबाडा चहितारा चहितारा 300
20
60
केस स्टडी 1: रिमझिम इस्पात प्लांट
रिमझिम इस्पात प्लांट के प्रतिनिधि मनमोहन ने बताया कि बांदा जनपद की नरैनी तहसील के गुढ़ा में 45 मेगावाट का सोलर पार्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवश्यक भूमि प्राप्त हो चुकी है और जल्द ही अन्य निर्माण कार्य भी शुरू किए जाएंगे।
केस स्टडी 2: अबाडा परियोजना
अबाडा के कर्मचारी विजय ने बताया कि आलोना स्थित परियोजना पर काम शुरू हो गया है। जमीन मिल चुकी है और एनओसी मिलने के बाद इसी साल ग्रीन पार्क तैयार हो जाएगा, जिससे बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
गैस प्लांट की भी योजना
सौर ऊर्जा परियोजनाओं के साथ-साथ, इंद्रप्रस्थ गैस (आईजीएल) कंपनी भी बांदा और चित्रकूट जिलों में गैस प्लांट स्थापित करने की तैयारी कर रही है। चित्रकूट में जमीन की तलाश पूरी हो चुकी है, जबकि बांदा में भी इसके लिए जमीन की खोज की जा रही है। जमीन उपलब्ध होते ही यहां भी गैस प्लांट की स्थापना की जाएगी।
भविष्य की ओर एक कदम
उपायुक्त उद्योग गुरुदेव ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में पांच ग्रीन पार्क स्थापित किए जाएंगे। कुछ परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है, जबकि अन्य जल्द ही शुरू होने वाली हैं। इन सभी ग्रीन पार्कों के चालू होने के बाद, जिले में कुल बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 325 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। इसके अतिरिक्त, एक गैस प्लांट का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। यह पहल बांदा को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।