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मौसम और भूख से पांच गायों की मौत
Fri, 15 Feb 2019 11:34 PM IST
ASIF ASIF
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Published by: ASIF ASIF
Updated Fri, 15 Feb 2019 11:34 PM IST
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मऊ गांव के गो आश्रय केंद्र में गाय का शव।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार के बजट में गो संरक्षण और गोशालाओं के लिए 6 अरब 12 करोड़ की व्यवस्था फिलहाल नजर नहीं आ रही। गोशालाओं में भूख-प्यास और मौसम की मार का सिलसिला जारी है। ताजी घटनाओं में कमासिन ब्लाक के मऊ गांव स्थित गोवंश आश्रय स्थल में गुरुवार को पांच गायों की मौत हो गई। एक हफ्ते के अंदर यहां तकरीबन 12 गायों की जान जा चुकी है।
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ग्रामीणों और किसानों ने आपसी सहयोग से मऊ गांव में पशु आश्रय केंद्र बनाया है। चारों तरफ कंटीले तार की घेराबंदी करके सौ से ज्यादा गायें यहां रखी हैं, लेकिन इनके चारा, भूसा, पानी की प्रशासन ने व्यवस्था नहीं की। गांव के लोग ही काम चलाऊ व्यवस्था कर रहे हैं। ऐसे में गायों का पेट नहीं भर रहा। उधर, खुले आसमान तले दिन-रात बिता रही गायों पर बारिश और ठंड की मार भी पड़ रही है। गांव के हरिओम तिवारी ने बताया कि गुरुवार को 5 और गायों की मौत हो गई। इसके पूर्व भी लगभग 12 गायों की मौत हो चुकी है। आश्रय स्थल के अंदर ही पड़े गायों के अस्थिपंजर इसके सबूत हैं। उन्होंने बताया कि गांव वालों ने चंदा करके कुछ पुआल की व्यवस्था की थी। सरकारी मदद नहीं मिल रही।
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इस बारे में तहसीलदार (बबेरू) सुनील कुमार का कहना था कि ग्राम प्रधान ने उन्हें एक गाय के बीमार होने की सूचना दी है। गाय के इलाज के लिए पशु चिकित्सक को शुक्रवार को भेजा गया है। तहसीलदार ने गायों की मौत से अनभिज्ञता जताई। कहा कि ग्राम प्रधान ने बताया था कि वह भूसा की व्यवस्था कर रहा है। प्रधान ने एक गाय की मौत की सूचना दी थी। उन्होंने बताया कि अब वह खुद आश्रय स्थल का जायजा लेने जा रहे हैं।
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