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पहले धक्का मार फिर मंगलमय यात्रा
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first push then happy journey
- फोटो : BANDA
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बांदा। ‘मंगलमय यात्रा’ का भरोसा दिलाने वाले परिवहन विभाग की बसें कहीं भी खड़ी हो सकती हैं। यहां की 25 फीसदी बसें जर्जर हो चुकी हैं। 10 फीसदी बसें फिटनेस और अन्य खराबी के कारण वर्कशाप में खड़ी हैं। रोज 21 हजार से अधिक यात्री इन बसों में यात्रा करते हैं। इसमें करीब 10 हजार लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
परिवहन निगम चित्रकूटधाम मंडल के बेडे़ में 366 बसें है। इनमें 33 बसें ऐसी हैं जो फिटनेस और खराबी के कारण महीनों से वर्कशाप में खड़ी हैं। इनमें किसी का इंजन खराब है तो किसी का ब्रेकडाउन है। फिटनेस के कारण भी बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है।
बसों की कमी का खामियाजा यात्रियों को भोगना पड़ रहा है। कई बसें इतनी जर्जर हैं कि से कभी भी कही भी खड़ी हो जाती हैं। यात्रियों के धक्का लगाने के बाद बमुश्किल स्टार्ट होती हैं और कुछ दूर जाने के बाद फिर बंद हो जाती हैं।
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खड़ी बसों से लाखों का नुकसान
मानक के अनुसार एक बस 400 किलोमीटर की यात्रा पर निगम को न्यूनतम 20 हजार रुपये राजस्व देती है, यानी निगम को वर्कशाप में खड़ी बसों से रोजाना सात लाख से अधिक के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
ये है मंडल में बसों की स्थिति
डिपो कुल बसें खराब सरेंडर
बांदा 121 7 0
महोबा 114 6 2
राठ 88 10 1
हमीरपुर 63 10 0
कुल 366 33 3
इनसेट-
शासन से जल्द ही 100 बसें वाली हैं। मानक पूरा कर चुकीं करीब 24 बसों को कंडम घोषित कर अलग कर दिया जाएगा। खराब अन्य बसों की मरम्मत कराई जा रही है। ब्रेकडाउन व दुर्घटना वाली बसों की अभी जांच पूरी नहीं हुई।-अशोक कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
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परिवहन निगम चित्रकूटधाम मंडल के बेडे़ में 366 बसें है। इनमें 33 बसें ऐसी हैं जो फिटनेस और खराबी के कारण महीनों से वर्कशाप में खड़ी हैं। इनमें किसी का इंजन खराब है तो किसी का ब्रेकडाउन है। फिटनेस के कारण भी बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है।
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बसों की कमी का खामियाजा यात्रियों को भोगना पड़ रहा है। कई बसें इतनी जर्जर हैं कि से कभी भी कही भी खड़ी हो जाती हैं। यात्रियों के धक्का लगाने के बाद बमुश्किल स्टार्ट होती हैं और कुछ दूर जाने के बाद फिर बंद हो जाती हैं।
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खड़ी बसों से लाखों का नुकसान
मानक के अनुसार एक बस 400 किलोमीटर की यात्रा पर निगम को न्यूनतम 20 हजार रुपये राजस्व देती है, यानी निगम को वर्कशाप में खड़ी बसों से रोजाना सात लाख से अधिक के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
ये है मंडल में बसों की स्थिति
डिपो कुल बसें खराब सरेंडर
बांदा 121 7 0
महोबा 114 6 2
राठ 88 10 1
हमीरपुर 63 10 0
कुल 366 33 3
इनसेट-
शासन से जल्द ही 100 बसें वाली हैं। मानक पूरा कर चुकीं करीब 24 बसों को कंडम घोषित कर अलग कर दिया जाएगा। खराब अन्य बसों की मरम्मत कराई जा रही है। ब्रेकडाउन व दुर्घटना वाली बसों की अभी जांच पूरी नहीं हुई।-अशोक कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।