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पहले दिन 20 किलो पकड़ी पॉलीथिन
Updated Fri, 22 Jan 2016 12:07 AM IST
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बांदा। हाईकोर्ट और शासन के आदेश पर पॉलीथिन की
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बिक्री पर रोक लग गई। बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में
सरकारी अमले ने शहर में पॉलीथिन के विरुद्ध छापेमारी की, लेकिन कुछ खास हाथ
नहीं लगा।
बड़े दुकानदार टीम को देखकर दुकानें बंद करके रफूचक्कर हो गए। उधर, फुटकर कारोबार में रोजमर्रा की तरह पॉलीथिन बैग्स का इस्तेमाल बरकरार रहा।
शासन ने 21 जनवरी से पॉलीथिन की खरीद फरोख्त, निर्माण आदि सभी पर रोक लगा दी है। इससे पॉलीथिन के कारोबारियों को तगड़ा झटका लगा है।
बांदा में पॉलीथिन का निर्माण तो नहीं होता पर कारोबार काफी बड़ा है। दुकानों में भारी भंडार है। प्रतिबंध के बाद पहले दिन शाम को सिटी मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव और पुलिस क्षेत्राधिकारी विनोद सिंह नगर पालिका कर्मचारियाें और पुलिस बल के साथ शहर में निकले। कुछ स्थानों पर पॉलीथिन बरामद की।
थोक कोई भी विक्रेता उनके हाथ नहीं आया। प्रशासनिक जत्थे ने लगभग 20 किलो पॉलीथिन बरामद करने के बाद अपनी वापसी की राह पकड़ ली।
पॉलीथिन पर रोक के बाद इसके कारोबार में जुड़े व्यापारियों को काफी चपत लगी है। उनका कहना है कि पूंजी फंस जाने से दूसरा कारोबार भी नहीं हो पाएगा।
पॉलीथिन व्यापारियों ने बताया कि बांदा में कैरी बैग्स कानपुर से आते हैं। 80 रुपये से लेकर 400 रुपये सैकड़ा इनकी कीमत है। बांदा शहर में लगभग 15 हजार रुपये के पॉलीथिन बैग्स रोज बिकते थे।
70 से 80 हजार पॉलीथिन का इस्तेमाल हो रहा था। उधर, झोले की आदत भूल बैठे उपभोक्ताओं को भी फिलहाल काफी असुविधा हो रही है। चाय, दूध, तेल, पानी से लेकर सब्जी, आटा, दाल तक हर सामान पॉलीथिन में ले जाना आसान था। अब कागज के लिफाफे और कपड़े के थैलों के दिन फिर लौटेंगे।
बड़े दुकानदार टीम को देखकर दुकानें बंद करके रफूचक्कर हो गए। उधर, फुटकर कारोबार में रोजमर्रा की तरह पॉलीथिन बैग्स का इस्तेमाल बरकरार रहा।
शासन ने 21 जनवरी से पॉलीथिन की खरीद फरोख्त, निर्माण आदि सभी पर रोक लगा दी है। इससे पॉलीथिन के कारोबारियों को तगड़ा झटका लगा है।
बांदा में पॉलीथिन का निर्माण तो नहीं होता पर कारोबार काफी बड़ा है। दुकानों में भारी भंडार है। प्रतिबंध के बाद पहले दिन शाम को सिटी मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव और पुलिस क्षेत्राधिकारी विनोद सिंह नगर पालिका कर्मचारियाें और पुलिस बल के साथ शहर में निकले। कुछ स्थानों पर पॉलीथिन बरामद की।
थोक कोई भी विक्रेता उनके हाथ नहीं आया। प्रशासनिक जत्थे ने लगभग 20 किलो पॉलीथिन बरामद करने के बाद अपनी वापसी की राह पकड़ ली।
पॉलीथिन पर रोक के बाद इसके कारोबार में जुड़े व्यापारियों को काफी चपत लगी है। उनका कहना है कि पूंजी फंस जाने से दूसरा कारोबार भी नहीं हो पाएगा।
पॉलीथिन व्यापारियों ने बताया कि बांदा में कैरी बैग्स कानपुर से आते हैं। 80 रुपये से लेकर 400 रुपये सैकड़ा इनकी कीमत है। बांदा शहर में लगभग 15 हजार रुपये के पॉलीथिन बैग्स रोज बिकते थे।
70 से 80 हजार पॉलीथिन का इस्तेमाल हो रहा था। उधर, झोले की आदत भूल बैठे उपभोक्ताओं को भी फिलहाल काफी असुविधा हो रही है। चाय, दूध, तेल, पानी से लेकर सब्जी, आटा, दाल तक हर सामान पॉलीथिन में ले जाना आसान था। अब कागज के लिफाफे और कपड़े के थैलों के दिन फिर लौटेंगे।