दो दुकानों में लगी आग, 20 लाख की संपत्ति राख
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मुख्य बाजार स्थित दो रेडीमेड कपड़ों की दुकानों में
उन्हें पड़ोसियों और फायर कर्मियों ने बमुश्किल सुरक्षित बाहर निकाला। आग बुझाने की कोशिश मेें गृह स्वामी मामूली रूप से झुलस गया। कई घंटे कड़ी मशक्कत कर फायर कर्मियों ने आग बुझाई। आग से लगभग 20 लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।
कोतवाली
और बलखंडीनाका चौकी के मध्य स्थित मुख्य बाजार में सोमवार की सुबह लगभग
साढ़े आठ बजे मनमोहन गुप्ता की रेडीमेड कपड़े की दुकान में आग लग गई। कुछ
ही देर मेें आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बगल में स्थित उसकी कपड़े की
दूसरी दुकान को भी चपेट में ले लिया।
रेडीमेड कपड़े और फर्नीचर
धू-धूकर जल उठे। धुआं दूर-दूर तक छा गया। दोनों दुकानों की छतें और दीवारें
टूट-टूटकर गिरने लगीं। दुकानों के ऊपर बने आवास में मालिक मनमोहन गुप्ता
सपरिवार सो रहे थे। धुआं भरने से उनकी आंख खुल गई, लेकिन तब तक उनका परिवार
आग और धुएं से घिर चुका था।
धुआं और शोरगुल पर बड़ी तादाद मेें
आसपास के लोग और राहगीर जमा हो गए। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड भी आ गई।
फायर कर्मियों ने सीढ़ी लगाकर गृहस्वामी के परिवार को घर के पिछवाड़े से
सुरक्षित निकाला।
साथ ही आग बुझाने में जुट गए। गृह स्वामी मनमोहन भी आग बुझाने में झुलस गया। जिला अस्पताल में इलाज कराया गया।
सिटी
मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव, पुलिस उपाधीक्षक विनोद सिंह, कोतवाली प्रभारी
आनंद कुमार सिंह कई दरोगा और पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़
को खदेड़कर दूर किया। दोनों दुकानों में रखे कपड़े, फर्नीचर और एक बाइक
जलकर राख हो गई।
चार दमकलों की मदद से लगभग तीन घंटे बाद आग पर
काबू पाया जा सका। गृहस्वामी ने बताया कि लगभग 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ
है। आग लगने की वजह शार्ट सर्किट बताई जा रही है।
पीड़ित मनमोहन
गुप्ता के पुत्र प्रमोद गुप्ता ने बताया कि आग लगने के तुरंत बाद उन्होंने
100 नंबर पर सूचना देनी चाही, लेकिन पुलिस कंट्रोल रूम का यह नंबर नहीं
उठा। फायर ब्रिगेड के 101 नंबर भी यही हाल रहा। पड़ोसी दुकानदारों ने भागकर
कोतवाली में सूचना दी तब फायर ब्रिगेड को वायरलेस से घटना की जानकारी दी
गई।