फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Fertilizers are full of claims, farmers are forced to buy from the market

दावों में खाद भरपूर, किसान बाजार से खरीदने को मजबूर

Sat, 13 Nov 2021 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 11:57 PM IST
विज्ञापन
Fertilizers are full of claims, farmers are forced to buy from the market
बांदा। लक्ष्य से ज्यादा खाद वितरण के दावों के बीच किसानों में खाद के लिए हायतौबा जारी है। उन्हें मांग के मुताबिक खाद नहीं मिल रही। सहकारी समितियों और खाद विक्रय केंद्रों में उमड़ रही किसानों की भीड़ खाद संकट के साफ संकेत दे रही है। फसल बचाने के लिए तमाम किसान बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

कृषि विभाग के मुताबिक चित्रकूटधाम मंडल में इस बार 31,452 मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य निर्धारित था। दावा है कि इसके सापेक्ष अब तक 36,324 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। यह लक्ष्य से चार हजार एमटी ज्यादा है।
विज्ञापन

बांदा में 8028 और चित्रकूट में 6450 एमटी खाद बांटा जाना बताया गया है। हमीरपुर में 13,561 एमटी और महोबा में 8195 एमटी खाद बांटी जा चुकी है। उधर, किसानों का कहना है कि जरूरत के मुताबिक यूरिया नहीं मिल रही। डीएपी ही दी जा रही है। मंडी समिति में यूपी कोआपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड का केंद्र खुला है। केंद्र में किसानों की भीड़ लग रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चित्रकूटधाम मंडल में खाद की कोई समस्या नहीं है। किसानों को समितियों के माध्यम से खाद का वितरण कराया जा रहा है। जरूरत के हिसाब से किसानों को खाद दी जा रही है। मंडल के बफर गोदामों में 39,905 मीट्रिक टन डीएपी खाद की व्यवस्था की गई है।
- पुष्पेंद्र कुशवाहा, क्षेत्रीय प्रबंधक पीसीएफ, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed