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Banda News: फतेहपुर-कालिंजर रेल लाइन का फिर होगा सर्वे
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कालिंजर (बांदा)। फतेहपुर से कालिंजर-सतना रेलवे लाइन का फिर सर्वे होगा। सांसद की पहल पर रेल मंत्री ने जल्द सर्वे कराने का भरोसा दिया है। ऐतिहासिक एवं पौराणिक पर्यटन स्थल कालिंजर से फतेहपुर के लिए प्रस्तावित रेलवे लाइन ठंडे बस्ते में है, जिससे यहां का विकास ठहर गया है। धार्मिक एवं पर्यटन नगरी को रेलवे से जोड़ने पर यहां का तेजी से सर्वांगीण विकास हो सकेगा।
धार्मिक एवं पर्यटन स्थल में शामिल कालिंजर से फतेहपुर की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है। अंग्रेजी शासनकाल में कालिंजर से फतेहपुर तक रेल लाइन प्रस्तावित हुई थी, लेकिन आजादी के बाद यह ठंडे बस्ते में चली गई। कालिंजर से नरैनी, अतर्रा, बबेरू होते हुए फतेहपुर तक रेलवे लाइन बनने से इस क्षेत्र का तीव्र विकास हो सकता है। लाखों लोगों को बेहतर आवागमन का साधन मिलने के साथ स्थानीय लोगों को सुविधाएं व रोजगार भी उपलब्ध होंगे। साथ ही धार्मिक व पौराणिक नगरी में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। लेकिन, रेलवे लाइन के निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण क्षेत्र का विकास रुक सा गया है।
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धार्मिक एवं पर्यटन स्थल में शामिल कालिंजर से फतेहपुर की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है। अंग्रेजी शासनकाल में कालिंजर से फतेहपुर तक रेल लाइन प्रस्तावित हुई थी, लेकिन आजादी के बाद यह ठंडे बस्ते में चली गई। कालिंजर से नरैनी, अतर्रा, बबेरू होते हुए फतेहपुर तक रेलवे लाइन बनने से इस क्षेत्र का तीव्र विकास हो सकता है। लाखों लोगों को बेहतर आवागमन का साधन मिलने के साथ स्थानीय लोगों को सुविधाएं व रोजगार भी उपलब्ध होंगे। साथ ही धार्मिक व पौराणिक नगरी में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। लेकिन, रेलवे लाइन के निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण क्षेत्र का विकास रुक सा गया है।
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