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खेती मजबूरी नहीं, मजबूती के लिए की जाए
Wed, 30 Jan 2019 11:42 PM IST
ASIF ASIF
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Published by: ASIF ASIF
Updated Wed, 30 Jan 2019 11:42 PM IST
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स्टार्टअप में सेमिनार को संबोधित किसान रामशरण वर्मा।
- फोटो : अमर उजाला
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खेती को मजबूरी में नहीं बल्कि मजबूती के लिए किया जाए। कुछ इसी तरह के प्रेरणादायक टिप्स और उद्बोधन के साथ तीन दिवसीय इनोवेशन स्टार्टअप समिट-2019 बुधवार को यहां खत्म हो गया। इनोवेशन में अपनी मेधा का प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं, युवाओं, किसानों, स्वयंसेवियों आदि को सम्मानित किया गया।
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मेडिकल कालेज परिसर में आयोजित इनोवेशन स्टार्टअप में अंतिम दिन और ज्यादा भीड़ जुटी। इस दिन मुख्य संबोधन पद्मश्री अवार्ड के लिए चयनित रामशरण वर्मा का हुआ। उन्होंने कहा कि जो कार्यक्रम दिल्ली, कलकत्ता में होते थे आज बुंदेलखंड (बांदा) में हुआ है। कहा खेती मजबूरी नहीं मजबूती है। अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नई तकनीक के जरिये वे 10 एकड़ जमीन से प्रति वर्ष 2 से 3 करोड़ रुपये की आमदनी अर्जित करते हैं।
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बुंदेलखंड के किसानों को सलाह दी कि वह भी यही तरीका अपनाएं। इसके लिए वह किसानों को अपने फार्म में नि:शुल्क प्रशिक्षण देने को तैयार हैं। इसके लिए 1500 किसानों को चयनित किया जाएगा। जर्मनी में टाटा मोटर्स के जनरल मैनेजर रहे मेहर सिंह ने कहा कि समस्या के सुधार के लिए सोच बदलने की जरूरत है। सेवानिवृत्त सीजेएम मुनीष कुमार ने इनोवेशन को अद्भुत व अतुलनीय बताया। पासपोर्ट अधिकारी (लखनऊ) पियूष वर्मा ने कहा कि इस आयोजन ने किसान, उद्यमी व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच की दूरियां मिटाने का काम किया है।
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डीएम हीरा लाल ने कहा कि इनोवेशन में यहां के मेधावी छात्र-छात्राओं ने जो कर दिखाया है, वह काबिले तारीफ है। उनमें सकारात्मक सोच पैदा हुई है। अब यह मेधावी इनवेटर्स बनने का काम करेंगे। इस आयोजन से हर कोई खुश है। नई सोच व उर्जा मिली है। देश के लगभग 150 विशेषज्ञों ने विकास और प्रगति की नई राह दिखाई है। स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है।
प्रदेश के 8 आईएएस, 3 पीसीएस भी शामिल हुए हैं। डीएम चित्रकूट विशाख जी अय्यर ने कहा कि इनोवेशन से यहां के युवाओं में नई ऊर्जा पैदा होगी। जालौन डीआईओएस भागवत पटेल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन एलआरएलएम के उपायुक्त केके पांडेय ने किया। एडीएम संतोष कुमार सिंह, एसडीएम थमीम अंसरिया (बांदा), अवधेश श्रीवास्तव (नरैनी), सौरभ शुक्ला (अतर्रा), राकेश कुमार (पैलानी), अरविंद तिवारी (बबेरू), उप कृषि निदेशक एके सिंह, उप निदेशक सूचना भूपेंद्र सिंह यादव, अर्थ संख्याधिकारी संजीव बघेल, डीआईओएस हिफजुर्रहमान, बीएसए हरिश्चंद्रनाथ, कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार प्रो. एनके वाजपेयी, जनसंपर्क अधिकारी डा. बीके गुप्ता, डा. देव, तहसीलदार बांदा अवधेश निगम, कृषि अधिकारी विकास शुक्ला, कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी सईद अहमद, शाकिर अजीम आदि मौजूद रहे।
आधा दर्जन मॉडल्स प्रदेश व राष्ट्र स्तर के लिए चयनित
बांदा। इन्नोवेशन एंड स्टार्टअप में प्रदर्शित किए आधा दर्जन मॉडल्स को प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के लिए चयनित किया गया है। पायनियर मेमोरियल विद्यालय, लखनऊ के छात्र दीवान शर्मा का कचरे से डीजल बनाने का मॉडल (बीएचयू द्वारा पेटेंट), बीआरएस पब्लिक स्कूल, गोंडा के छात्र जयवृत व पुष्पेंद्र दुबे की मेडीटेशन चेयर, इसी कालेज के सिद्धार्थ कुमार रामाराव की बॉयो डस्टविन, राजकीय इंजीनियरिंग कालेज, बांदा के अजय कुमार का सोलर पावर आटोमैटिक इरीगेशन सिस्टम आदि मॉडल्स शामिल हैं। इनके अलावा केंद्रीय विद्यालय, झांसी के छात्र धर्मेंद्र यादव ने प्रदूषण से बचने के लिए मात्र 10 रुपये में बनाया मास्क भी आकर्षण का केंद्र रहा।
इसके लिए उसे ग्रामीण विकास टेक्नोलॉजी विभाग हैदराबाद व अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव लखनऊ, राष्ट्रीय बाल विज्ञान सम्मेलन उत्तराखंड ने सम्मानित किया है। इसे पेटेंट भी किया गया है। मास्क बुंदेलखंड के पथरीले क्षेत्र, स्टोन क्रेशर, पहाड़ों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षा कवच है। पुखरांया कानपुर के पार्थ बंसल की वॉकिंग स्टिक फॉर पार्किसन पेशेंट मॉडल भी सराहा गया। फिजियोथेरेपिस्ट धर्मेंद्र सचान ने बताया कि पार्थ को राष्ट्रपति सम्मानित कर चुके हैं। इनोवेशन में प्रदेश के 23 जनपदों के 34 स्कूलों के बच्चों ने 75 किस्म के नई तकनीकि के माडल प्रस्तुत किए।
फिंगर प्रिंट से वोटिंग की मशीन
बांदा। राजकीय इंजीनियरिंग कालेज, बांदा के छात्र ऋषि पाठक ने फिंगर प्रिंट वोटिंग मशीन इजाद की है। इसमें अंगूठा लगाने पर वोट पड़ता है। लागत महज 1500 रुपये है। जब कि चुनाव में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम 50 हजार रुपये की है। नव प्रवर्तन विभाग इस मॉडल को परीक्षण के लिए कौशल साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी विभाग (सीएससी) सहित कई अन्य संस्थानों को भेजेगा।
स्वास्थ्य और उद्यान विशेषज्ञों ने भी दिखाई राह
बांदा। इनोवेशन के आखिरी सत्र में केजीएमयू, लखनऊ के वाइस डीन डा.शैलेंद्र, पीलीभीत के डा.अतुल बाबू, आयुवेर्दिक कालेज, अतर्रा के डा.विभुकांत, यूनीसेफ की गरिमा सिंह, राजकीय आयुर्वेदिक कालेज, लखनऊ के डा. अंनत कुमार और बांदा सीएमओ डा.संतोष कुमार ने स्वास्थ्य व स्वच्छता संबंधी टिप्स दिए। एकेडमिक इंचार्ज डा.सुभाष चंद्र सिंह ने उद्यान और उप निदेशक (नाबार्ड) बीपी सिंह ने व्यवसायिक किसानी पर जोर दिया।
विधा और मेधा के पुरोधाओं का सम्मान
बांदा। इनोवेशन एंड स्टार्टअप के समापन पर आयोजन में तीनों दिन विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विधा और मेधा का प्रदर्शन कर दर्शकों और आगंतुकों को प्रशस्तिपत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। डीएम हीरा लाल ने नारायण मिश्रा लोकगीत पार्टी, नटराज संगीत महाविद्यालय, कामता प्रसाद रैकवार, जुगनू प्रसाद (गोधनी), गुंजन कला मंच, श्रेया आकर्ष इंस्टीट्यूट और जीजीआईसी की छात्राओं की प्रस्तुतियों को सराहा। जादूगर आरसी योगा, धनंजय सिंह, रामस्वरूप राही, राजेश, सभाजीत निषाद, दयाराम कुशवाहा, दीनदयाल सोनी, रमाशंकर नामदेव, रामप्रताप शुक्ला आदि को भी प्रशस्ति पत्र दिए। इस मौके पर उप निदेशक सूचना सहित अपर जिला सूचना अधिकारी कुमारी शारदा, अंगद शर्मा, प्रवीण सिंह चौहान, शाकिर अजीम आदि उपस्थित थे।