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आपदा से किसान हलाल, नुकसान के सर्वे पर सवाल

Wed, 12 Jan 2022 12:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jan 2022 12:30 AM IST
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Farmers halal due to disaster, question on damage survey
किसान अशोक सिंह - फोटो : BANDA
बांदा। बुंदेलखंड के हजारों किसान बीते दिनों पांच दिन तक हुई बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हो चुके हैं। खेतों में पानी भरने से फसलें चौपट हो गई हैं। बैंक से कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों पर सबसे ज्यादा संकट है। वे घर के रहे, न घाट के। जिनकी फसल 40 से 50 फीसदी नष्ट है, सर्वे में उन्हें पांच से 10 फीसदी नुकसान बताया गया है। ऐसे किसान अब दैवी आपदा के तहत मदद नहीं पा सकेंगे। राजस्व विभाग में 33 फीसदी से कम नुकसान पर मदद का प्रावधान नहीं है।
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राजस्व विभाग ने पैलानी तहसील के पांच गांव पलरा, अतरहट, खैरेही, गुगौली व खप्टिहा कलां में ओलावृष्टि स्वीकारी है, लेकिन नुकसान सिर्फ 6 फीसदी बताया है। गुगौली (पैलानी) के किसान इलियास की 80 फीसदी फसल ओलों ने तबाह कर दी। जो बची है वह खेत में भरे पानी से खत्म हो रही है। राजस्व विभाग के चश्मे से यह बर्बादी बाहर है। उसके अपने मानकों में न सिर्फ इलियास बल्कि जिले का कोई किसान दैवी आपदा में मदद पाने का हकदार नहीं है।
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सरकारी सर्वे में किसान बीमा के क्लेम से भी बाहर हो गए। राजस्व विभाग अपनी इस रिपोर्ट पर पूरी तरह संतुष्ट है। दूसरा सर्वे कराने से साफ इनकार किया जा रहा है। किसानों में हायतौबा मची है। उन्हें भरोसा था कि इस दैवी आपदा पर सरकार उन्हें मदद देकर कुछ राहत पहुंचाएगी। यह गलत साबित हुआ।
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कृषि विभाग के अनुसार जिले में इस वर्ष 3 लाख 15 हजार हेक्टेअर क्षेत्रफल में रबी की बुआई की गई है। इसमें 1 लाख 44 हजार में दलहनी व 10 हजार हेक्टेअर में तिलहनी फसलें बोई गईं। बारिश व ओलावृष्टि से क्षति का फौरी आकलन राजस्व व कृषि विभाग के अधिकारियों की ओर से किया गया है। जनपद में फसलों को 5 फीसदी से अधिक नुकसान नहीं हुआ है। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। अब अन्य कोई सर्वे की जरूरत भी नहीं है। - अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), बांदा उमाकांत त्रिपाठी ने कहा कि

सर्वे में तहसीलवार नुकसान
पैलानी : 6 प्रतिशत, नरैनी : 6 प्रतिशत, बबेरू : 5 प्रतिशत, बांदा : 4 प्रतिशत व अतर्रा : 5 प्रतिशत
किसानों का दर्द: गुगौली (पैलानी) गांव के किसान इलियास का कहना है कि ओलों ने 80 फीसदी फसल चौपट कर दी है। खेत में भरे पानी से बची-खुची मसूर, चना, मटर जमींदोज हो गई है। गेहूं का पौधा गिर गया है। लाही टूट गई है। खप्टिहा कलां गांव के किसान अशोक सिंह ने बताया कि बारिश व ओलावृष्टि से 70 फीसदी फसलों को नुकसान हुआ है। मसूर, मटर, अलसी, सरसों की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है।

किसान इलियास

किसान इलियास- फोटो : BANDA

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