{"_id":"679fb66d134a764e3907e43b","slug":"farmer-beaten-and-thrown-in-the-field-killed-two-days-later-when-he-was-still-alive-banda-news-c-212-1-sknp1006-121606-2025-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: किसान को पीटकर खेत में फेंका, जिंदा रहने पर दो दिन बाद की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: किसान को पीटकर खेत में फेंका, जिंदा रहने पर दो दिन बाद की हत्या
विज्ञापन
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : संवाद
बांदा। पार्टी करने के बहाने किसान को खेत में बुलाकर बेरहमी से पीटने के बाद उसे दो दिन तक सरसों के खेत में हाथ-पैर बांधकर डाल दिया था। जब किसान की खोजबीन होने लगी तो फिर हत्यारोपी खेत पहुंचे थे और किसान को जिंदा देखकर दोबारा उसको बेरहमी से लाठी डंडों से मारा पीटकर हत्या कर दी थी और उसका शव साइकिल में लाद कर केन नदी किनारे बालू में दफना दिया था। किसान की हत्या गांव की ही एक महिला से अवैध संबंधों के चलते की गई थी। पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए हत्या में शामिल दो महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
पूरे मामले का खुलासा करते हुए सीओ यातायात अजय कुमार सिंह ने बताया कि चकचटगन गांव निवासी जानकी ने 15 जनवरी को तहरीर देकर ससुर पुन्ना के गुम हाेने की सूचना दी थी। 18 जनवरी को पुन्ना का शव केन नदी में मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस ने गहनता से मामले की छानबीन की। उधर, पुन्ना के पुत्र ने 22 जनवरी को कोतवाली में गांव के फूलचंद्र व उसके साथियों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी थी। पुलिस ने दो फरवरी को घटना में शामिल हत्यारोपी महिला, उसके चचिया ससुर फूलचंद्र निषाद, कैलाश निषाद, व रानीबाई निषाद को दरदा गांव के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक के जले हुए मोबाइल फोन के अवशेष व घटना में शामिल साइकिल व चप्पल को बरामद किया है। मुख्य आरोपी फूलचंद्र ने पूछताछ में बताया कि उसके भतीजे की पत्नी से पुन्ना के अवैध संबंध थे। इसकी जानकारी होने पर उसने अपने साथी कैलाश, सविता व रानीबाई के साथ हत्या की योजना बनाई और 13 जनवरी को पार्टी के बहाने पुन्ना को बुलाया और मारपीट कर अधमरा कर उसके हाथ पैर बांधे और सरसों के खेत में फेंक दिया था।
विज्ञापन
दो दिन पुन्ना खेत में ही पड़ा रहा। जब पुन्ना की ज्यादा खोजबीन होने लगी तो चारों ने 15 जनवरी की रात खेत में जाकर देखा तो पुन्ना जिंदा था, तब उन्होंने उसे दोबारा पीटकर मार डाला और शव को साइकिल में रखकर केन नदी के किनारे बालू में दफनाकर उसका मोबाइल फोन व सदरी को जला दिया। गिरफ्तारी टीम में कोतवाली देहात प्रभारी आनन्द कुमार, एसआई राजेंद्र प्रसाद यादव, कांस्टेबिल दीपक, प्रवेश पटेल, रेनू देवी, आरती आदि शामिल रहे।
हत्यारोपी फूलचंद्र है सजायाफ्ता, कैलाश पर गैंगस्टर
मुख्य हत्यारोपी फूलचंद्र को वर्ष 2012 में अपनी पत्नी की हत्या में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। वह वर्तमान में उच्च न्यायालय से जमानत में बाहर था। आरोपी कैलाश पर वर्ष 2002 में हत्या व 2009 में गैंगस्टर एक्ट के मामले पहले से दर्ज हैं।
विज्ञापन
पूरे मामले का खुलासा करते हुए सीओ यातायात अजय कुमार सिंह ने बताया कि चकचटगन गांव निवासी जानकी ने 15 जनवरी को तहरीर देकर ससुर पुन्ना के गुम हाेने की सूचना दी थी। 18 जनवरी को पुन्ना का शव केन नदी में मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस ने गहनता से मामले की छानबीन की। उधर, पुन्ना के पुत्र ने 22 जनवरी को कोतवाली में गांव के फूलचंद्र व उसके साथियों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी थी। पुलिस ने दो फरवरी को घटना में शामिल हत्यारोपी महिला, उसके चचिया ससुर फूलचंद्र निषाद, कैलाश निषाद, व रानीबाई निषाद को दरदा गांव के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक के जले हुए मोबाइल फोन के अवशेष व घटना में शामिल साइकिल व चप्पल को बरामद किया है। मुख्य आरोपी फूलचंद्र ने पूछताछ में बताया कि उसके भतीजे की पत्नी से पुन्ना के अवैध संबंध थे। इसकी जानकारी होने पर उसने अपने साथी कैलाश, सविता व रानीबाई के साथ हत्या की योजना बनाई और 13 जनवरी को पार्टी के बहाने पुन्ना को बुलाया और मारपीट कर अधमरा कर उसके हाथ पैर बांधे और सरसों के खेत में फेंक दिया था।
विज्ञापन
दो दिन पुन्ना खेत में ही पड़ा रहा। जब पुन्ना की ज्यादा खोजबीन होने लगी तो चारों ने 15 जनवरी की रात खेत में जाकर देखा तो पुन्ना जिंदा था, तब उन्होंने उसे दोबारा पीटकर मार डाला और शव को साइकिल में रखकर केन नदी के किनारे बालू में दफनाकर उसका मोबाइल फोन व सदरी को जला दिया। गिरफ्तारी टीम में कोतवाली देहात प्रभारी आनन्द कुमार, एसआई राजेंद्र प्रसाद यादव, कांस्टेबिल दीपक, प्रवेश पटेल, रेनू देवी, आरती आदि शामिल रहे।
हत्यारोपी फूलचंद्र है सजायाफ्ता, कैलाश पर गैंगस्टर
मुख्य हत्यारोपी फूलचंद्र को वर्ष 2012 में अपनी पत्नी की हत्या में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। वह वर्तमान में उच्च न्यायालय से जमानत में बाहर था। आरोपी कैलाश पर वर्ष 2002 में हत्या व 2009 में गैंगस्टर एक्ट के मामले पहले से दर्ज हैं।