{"_id":"092156adb06e60c8f93f66a7a7ef9af3","slug":"fanfare-procession-taken-out-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूमधाम से निकाली शोभायात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूमधाम से निकाली शोभायात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 15 Nov 2015 11:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। कृपा पुरुषोत्तम सेवा समिति कालूकुआं के
विज्ञापन
तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कई जिलों से आए भक्तों ने
साहित्य वितरित कर आध्यात्मिक मार्ग पर चलने को प्रेरित किया।
शोभायात्रा रविवार को सुबह कालूकुआं से शुरू हुई। ओवरब्रिज होते हुए ईदगाह चौराहा, अमर टाकीज चौराहा, कैथी बाजार, चौक बाजार, महेश्वरी देवी मंदिर, बलखंडीनाका, पद्माकर चौराहा, स्टेशन रोड व पीली कोठी होते हुए शोभायात्रा कालूकुआं कार्यक्रम स्थल पहुंची।
अयोध्या के संत रामसेवक दास महाराज, राममंगल दास महाराज के विमान पर विराजित चित्रपट के साथ अयोध्या, काशी, प्रतापगढ़, लखनऊ, सुल्तानपुर, सीतापुर, दिल्ली, प्रयाग, बाराबंकी, कानपुर आदि जिलों से सैकड़ों भक्त शामिल हुए।
संत रामसेवक दास महाराज ने कहा कि आध्यात्मिक मार्ग में गुरु और नाम की विशेष महत्ता है। नाम साधना का सरल सुगम मार्ग केवल नाम प्राप्त संत सद्गुरु से ही प्राप्त होता है।
सुरति शब्द योग के मार्ग का परम लक्ष्य नाम प्राप्ति है। कृपा पुरुषोत्तम सेवा समिति के आरएनएल श्रीवास्तव समेत तमाम भक्त मौजूद रहे।
शोभायात्रा रविवार को सुबह कालूकुआं से शुरू हुई। ओवरब्रिज होते हुए ईदगाह चौराहा, अमर टाकीज चौराहा, कैथी बाजार, चौक बाजार, महेश्वरी देवी मंदिर, बलखंडीनाका, पद्माकर चौराहा, स्टेशन रोड व पीली कोठी होते हुए शोभायात्रा कालूकुआं कार्यक्रम स्थल पहुंची।
अयोध्या के संत रामसेवक दास महाराज, राममंगल दास महाराज के विमान पर विराजित चित्रपट के साथ अयोध्या, काशी, प्रतापगढ़, लखनऊ, सुल्तानपुर, सीतापुर, दिल्ली, प्रयाग, बाराबंकी, कानपुर आदि जिलों से सैकड़ों भक्त शामिल हुए।
संत रामसेवक दास महाराज ने कहा कि आध्यात्मिक मार्ग में गुरु और नाम की विशेष महत्ता है। नाम साधना का सरल सुगम मार्ग केवल नाम प्राप्त संत सद्गुरु से ही प्राप्त होता है।
सुरति शब्द योग के मार्ग का परम लक्ष्य नाम प्राप्ति है। कृपा पुरुषोत्तम सेवा समिति के आरएनएल श्रीवास्तव समेत तमाम भक्त मौजूद रहे।