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Banda News: हर दिन फुंक रहे पांच से छह ट्रांसफार्मर, जून में ही फुंके 207

Fri, 27 Jun 2025 11:56 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Jun 2025 11:56 PM IST
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Every day five to six transformers are blowing up, 207 blew up in June itself
बांदा। इस साल गर्मी में ट्रांसफार्मर फुंकने का भी रिकार्ड बन गया। अप्रैल से लेकर अब तक हर रोज तकरीबन पांच से छह ट्रांसफार्मर फुंके। गर्मी के 87 दिनों में 484 ट्रांसफार्मर जल गए। यह स्थिति तब है, जबकि विशेष व रिवैंप योजना से जिले में 200 से ज्यादा ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है। सबसे ज्यादा जून में 204 ट्रांसफार्मर फुकें। इस कारण स्टोर में रखे 200 ट्रांसफार्मर भी खप गए।
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जिले में इस वर्ष अप्रैल से ही बिजली व्यवस्था बेपटरी है। इसकी वजह भीषण गर्मी है। इससे बिजली की खपत भी बढ़ी है। गर्मी में पिछले 180 मेगावाट की जिले में डिमांड थी, जो इस साल बढ़कर 240 मेगावाट पहुंच गई। एसी और कूलरों की संख्या बढ़ने से ट्रांसफार्मरों पर लोड पड़ रहा है। ट्रांसफार्मरों से क्षमता से ज्यादा कनेक्शन दिए गए हैं।
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रिवैंप योजना से जनपद में अलग-अलग क्षमता के करीब 200 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा तिंदवारी रोड स्थित 220 केवी सब स्टेशन में 156 एमवीए का ट्रांसफार्मर बढ़ाया गया है। इसके बावजूद लोग बिजली के लिए तरस रहे हैं। बिजली विभाग के वर्कशाप के अधिकारियों के मुताबिक अप्रैल में इस बार 125 ट्रांसफार्मर फुंके, जबकि पिछले वर्ष अप्रैल में 84 ट्रांसफार्मर ही फुंके थे। इसी तरह मई में 152 ट्रांसफार्मर जल गए। पिछले वर्ष मई में 102 ट्रांसफार्मर जले थे। जून के 26 दिन में ही 207 ट्रांसफार्मर फुंक गए। पिछले वर्ष जून में 190 ट्रांसफार्मर फुंके थे।
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बिजली विभाग ने इस गर्मी से निपटने के लिए रिजर्व में 200 ट्रांसफार्मर रखे थे। ये भी गर्मी में खप गए। उधर, वर्कशाप में ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए एसडीओ और एक जेई व दो टीजी-2 कर्मचारियों के अलावा 20 मैकेनिकों की टीम लगाई गई है। जेई मनोज यादव का कहना है कि एक ट्रांसफार्मर की मरम्मत में करीब चार दिन लग जाता है। इस तरह माह भर में 50 से 60 ट्रांसफार्मर ही सही हो पाते हैं। इसकी कमी रिजर्व वाले ट्रांसफार्मरों से पूरी की जाती है। यही वजह है कि ट्रांसफार्मर फुंकने पर गांवों में 72 घंटे में बदलने का नियम है, पर यहां एक-एक हफ्ते तक लोगों को चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ट्रांसफार्मरों की स्थिति पर एक नजर :



माह रिपेयर फुंके



अप्रैल 143 125



मई 220 152



जून 164 207




केस-1, बड़ोखर खुर्द
20 दिन बाद बदला ट्रांसफार्मर

बड़ोखर खुर्द गांव में 14 अप्रैल को पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया था। ग्रामीणों ने जेई से लेकर एक्सईएन व मुख्य अभियंता तक चक्कर लगाए। तब कहीं जाकर चार जून को नया ट्रांसफार्मर लग सका। 20 दिन तक यहां करीब एक हजार आबादी को अंधेरे में रहना पड़ा।



केस-2, लड़ाका पुरवा
करीब 10 दिन बदला ट्रांसफार्मर



शहर में शामिल हुए लड़ाका पुरवा में 22 अप्रैल को ट्रांसफार्मर ओवरलोड के कारण जल गया था। मोहल्लेवासियों को ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए करीब दस दिन चक्कर लगाने पड़े। तब कहीं जाकर ट्रांसफार्मर बदला गया। मोहल्लेवासियों का कहना है कि इसके लिए लाइनमैन को सुविधा शुल्क भी देनी पड़ी।


वर्जन-

-गर्मी में इस बार ओवरलोडिंग और तापमान ज्यादा होने के कारण ट्रांसफार्मर ज्यादा फुंके हैं। लोगों को दिक्कत न हो इसलिए रिजर्व में 200 ट्रांसफार्मर रखे गए थे।-जितेंद्र कुमार, एक्सईएन वर्कशाप, बिजली विभाग, बांदा
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