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Banda News: पुलिस की बर्बरता भी नहीं डिगा पाई थी कारसेवकों का हौसला

Thu, 28 Dec 2023 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Thu, 28 Dec 2023 12:01 AM IST
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Even the brutality of the police could not shake the morale of the kar sevaks.
खप्टिहाकलां। पुलिस की बर्बरता भी कारसेवकों का हौसला नहीं तोड़ पाई, गोलियों की तड़तड़ाहट और चटकती लाठियों के बीच कारसेवकों का हुजूम रामलला की जन्मभूमि की ओर बढ़ता जा रहा था। कुछ कारसेवक पुलिस की लाठियों से लहूलुहान होकर गिर पड़े तो कुछ को पुलिस ने घसीटते हुए गाड़ियों में डालकर हमीरपुर जेल भेज दिया। अब मंदिर निर्माण का सपना सच हो रहा है तो उस संघर्ष की यादें जेहन में ताजा हो गईं। यह कहना है कि जिले के उन कारसेवकों का, जिनके योगदान से आज अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हो रही है।
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अक्तूबर 1990 को जब अयोध्या में गोलीकांड हुआ, उस समय खप्टिहाकलांं कस्बे से राजेंद्र द्विवेदी, राजा शुक्ला, राकेश गुप्ता, स्व. बलदेव प्रसाद वैद, हरि शरण द्विवेदी, दिनेश गुप्ता व उदय दीक्षित सहित कई कारसेवक अयोध्या राम जन्मभूमि के लिए यहां से कूच किए थे। पुलिस ने इन सभी को मंदिर के पास से पकड़ा और 18 दिनों के लिए हमीरपुर जेल में डाल दिया था।
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हरिशरण ने बताया कि भगवान का प्रेम ही था, जिसके आगे पुलिस की फौज भी हम कारसेवकों को बौनों की फौज सी लग रही थी। लिहाजा हम बिना किसी की परवाह किए बगैर आगे बढ़ते रहे। इतना ही नहीं जब जेल में डाला गया तो वहां भी कारसेवकों का जुनून देखते बन रहा था। रात क्या दिन आने वाले कारसेवक जेल में भी जय श्रीराम का उद्घोष कर रहे थे।
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कारसेवक उदय दीक्षित ने बताया कि इंटर कॉलेज के शिक्षक काशी प्रसाद द्विवेदी, काशी प्रसाद बाबूजी, दिलीप द्विवेदी व नहरी के गर्ग के साथ इलाहाबाद से प्रतापगढ़ होते हुए ओझापुर गांव में रुके। वहां दो दिन रुकने के बाद करीब 50 किलोमीटर पैदल चलकर अयोध्या पहुंचे। इसमें एक रात सरयू नदी के किनारे पयार ओढ़कर रात बिताई। सुबह सरयू स्नान करने के बाद मंदिर के लिए रवाना हुए। हनुमान गढ़ी के पास पहुंचे ही थे कि गोलियों की आवाज के साथ कारसेवकों की चीखें कानों को चीर गईं। वह मंजर आज भी नहीं भूलता है। कारसेवकों को धकियाते हुए पुलिस ने उन्हें बस में बैठाया और मानिकपुर लाकर छोड़ दिया।

कारसेवकों ने बताया कि कुछ दिन पहले अयोध्या से कुछ साधु-संत आए थे और प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का न्योता दे गए थे। खुशी तो बहुत है और जाना भी चाहते हैं, लेकिन इस उम्र में और हौसला नहीं रहा। प्रयास करेंगे कि अयोध्या पहुंचें, नहीं तो टेलीविजन पर ही रामलला के दर्शन कर लेंगे।


अयोध्या से आया सार्वजनिक निमंत्रण
फोटो- 05

नरैनी। राम भक्तों के लिए अयोध्या से सार्वजनिक निमंत्रण आया है। इसमें कार्ड के साथ अक्षत में पूजित पीले चावल , रामजी का चित्र है। इसके अलावा चावल से भरा एक अक्षत कलश भी है। कलश की शोभायात्रा गुरुवार को निकालकर सभी को निमंत्रित किया जाएगा। खंड संयोजक विपिन विनोद दीक्षित ने बताया है कि अयोध्या से अक्षत कार्ड भेजा गया है, जो सार्वजनिक है। शोभायात्रा विकासखंड परिसर से चलकर नगर में घूमने के बाद रामलीला मैदान में समाप्ति होगी इस यात्रा में खंड की पूरी टीम शामिल रहेगी। (संवाद)
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