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योजनाओं के 63 करोड़ नहीं खर्च कर पाए विभाग
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बांदा। जन सुविधाओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण विभाग योजनाओं को पूरा करने में जहां आए दिन बजट का रोना रोते हैं, तो दूसरी तरफ उपलब्ध बजट को खर्च नहीं कर पाते। इसकी बानगी वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को सामने आई।
पानी, बिजली, आवास, शिक्षा सहित दो दर्जन से अधिक विभाग अपना बजट पूरा खर्च नहीं कर पाए। 63 करोड़ से ज्यादा का बजट वापस कर दिया गया। 31 मार्च को देर शाम तक कई विभागों द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में खर्च न हो पाने वाले बजट को वापस करने की होड़ रही। कोषागार में पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, उद्यान, आवास, स्वास्थ्य, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, महिला बाल विकास समेत कई विभागों ने 63 करोड़ 58 लाख 25 हजार 544 की धनराशि सरेंडर करते हुए शासन को वापस भेज दी।
इन विभागों ने सरेंडर किया बजट
प्राथमिक शिक्षा 3.91 करोड़, राजकीय मेडिकल कालेज 2.71 करोड़, एलोपैथिक 2.76 करोड़, समाज कल्याण एससी/एसटी 2.38 करोड़, सिंचाई 1.79 करोड़, परिवहन विभाग 1.57 करोड़, उद्यान विभाग 37 लाख, कृषि 29 लाख, भूमि विकास जल संसाधन 42 लाख, ग्राम्य विकास 16 लाख, पंचायती राज विभाग 80 लाख, पशुपालन 32 लाख, खाद्य रसद 80 लाख, प्राविधिक शिक्षा 32 लाख, महिला एवं बाल विकास 94 लाख, राजस्व विभाग 93 लाख, श्रम विभाग 23 लाख, समाज कल्याण विभाग ने 90 लाख बजट शामिल हैं। इनके अलावा सूचना विभाग, सैनिक कल्याण, वाणिज्य कर, पर्यावरण, राजस्व परिषद, न्याय विभाग, निर्वाचन, शहरी विकास, लोक स्वास्थ्य, पुलिस, खेलकूद विभागों ने भी लाखों रुपये बजट समर्पित किया है।
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पानी, बिजली, आवास, शिक्षा सहित दो दर्जन से अधिक विभाग अपना बजट पूरा खर्च नहीं कर पाए। 63 करोड़ से ज्यादा का बजट वापस कर दिया गया। 31 मार्च को देर शाम तक कई विभागों द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में खर्च न हो पाने वाले बजट को वापस करने की होड़ रही। कोषागार में पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, उद्यान, आवास, स्वास्थ्य, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, महिला बाल विकास समेत कई विभागों ने 63 करोड़ 58 लाख 25 हजार 544 की धनराशि सरेंडर करते हुए शासन को वापस भेज दी।
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इन विभागों ने सरेंडर किया बजट
प्राथमिक शिक्षा 3.91 करोड़, राजकीय मेडिकल कालेज 2.71 करोड़, एलोपैथिक 2.76 करोड़, समाज कल्याण एससी/एसटी 2.38 करोड़, सिंचाई 1.79 करोड़, परिवहन विभाग 1.57 करोड़, उद्यान विभाग 37 लाख, कृषि 29 लाख, भूमि विकास जल संसाधन 42 लाख, ग्राम्य विकास 16 लाख, पंचायती राज विभाग 80 लाख, पशुपालन 32 लाख, खाद्य रसद 80 लाख, प्राविधिक शिक्षा 32 लाख, महिला एवं बाल विकास 94 लाख, राजस्व विभाग 93 लाख, श्रम विभाग 23 लाख, समाज कल्याण विभाग ने 90 लाख बजट शामिल हैं। इनके अलावा सूचना विभाग, सैनिक कल्याण, वाणिज्य कर, पर्यावरण, राजस्व परिषद, न्याय विभाग, निर्वाचन, शहरी विकास, लोक स्वास्थ्य, पुलिस, खेलकूद विभागों ने भी लाखों रुपये बजट समर्पित किया है।
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