आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी क्लास की कवायद तेज

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 05 Oct 2021 11:21 PM IST
education
विज्ञापन
ख़बर सुनें
बांदा। नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राइमरी विद्यालयों में समाहित कर प्री-प्राइमरी क्लास शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। प्री-प्राइमरी/स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम के तहत इसकी शुरूआत की जा रही है। इसके लिए शिक्षकों को संकुल स्तर पर प्रशिक्षित करने के लिए बाकायदा कार्यक्रम तय कर दिए गए हैं। लेकिन खास बात यह है कि सरकार के इस मंसूबे पर आंगनबाड़ी केंद्रों की मौजूदा हालत पानी फेर सकती है। निजी भवनों में संचालित ज्यादातर केंद्रों में ताले लटके हैं, जो खुल रहे हैं उनमें न बच्चे हैं और नहीं धात्री महिलाएं।
विज्ञापन

जिले में इस समय 1705 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें 1518 केंद्र ग्रामीण क्षेत्र और 187 शहर में हैं। इनमें पुष्टाहार, टीकाकरण सहित छह साल से कम उम्र के बच्चों को प्री-प्राइमरी का ज्ञान दिए जाने की जिम्मेदारी है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में मुख्य कार्यकर्ता के अतिरिक्त एक सहायिका भी कार्यरत है। मौजूदा समय में केंद्रों की हालत बेहद दयनीय है। जिले के 277 आंगनबाड़ी केंद्र खुद के भवन में संचालित हैं। 1428 आंगनबाड़ी केंद्र कार्यकर्ताओं के घरों या फिर निजी भवनों में चल रहे हैं। न तो इनमें बच्चे हैं और न ही सरकारी योजनाओं को ठीक प्रकार से क्रियान्वयन हो रहा है।

मंगलवार को इन केंद्रों का जायजा लिया गया तो शहर के अधिकांश केंद्र बंद पाए गए। जो केंद्र खुले थे तो वह बच्चों से सूने थे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने निजी कार्यों में व्यस्त थी। उनका कहना था कि कोरोना के कारण लोगों ने अपने बच्चों को केंद्र में भेजना बंद कर दिया है। सप्ताह में दो दिन ही वह आते हैं और पुष्टाहार लेकर चले जाते हैं।
निजी भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में फर्नीचर आदि की व्यवस्था नहीं है। शायद सरकार ने इसी वजह से राष्ट्रीय नई शिक्षा नीति में आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राइमरी स्कूलों में समाहित करने की व्यवस्था की है। जिसके प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। सरकार की मंशा है कि अगले शिक्षा सत्र से प्राइमरी स्कूलों में प्री-प्राइमरी की क्लास भी शुरू की जाए।
आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राइमरी विद्यालयों में समाहित कर प्री-प्राइमरी क्लास का संचालन करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। आगामी शिक्षा सत्र से इन्हें प्राइमरी विद्यालयों में चलाया जाएगा। इससे आंगनबाड़ी भवनों के न होने की समस्या खत्म हो जाएगी। एक छत के नीचे आंगनबाड़ी केंद्र व विद्यालय दोनों चलेंगे। जल्द आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं बेहतर की जाएंगी।
- सुधीर कुमार, एसडीएम/प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी, बांदा।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00