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बुंदेलखंड में फिर भूकंप के झटके, हमीरपुर में एक की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 12 May 2015 11:53 PM IST
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बुंदेलखंड में मंगलवार को एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। हमीरपुर के मौदहा में भूकंप से निर्माणाधीन शवदाहगृह की छत गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। सुमेरपुर कसबे में क्रय विक्रय सहकारी समिति के जर्जर भवन की दीवार में दरारें पड़ गईं। कई स्थानों पर दीवार फटने की जानकारी मिली है। चित्रकूट में चरखारी मंदिर के गुंबद पर दरार पड़ गई।
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मौसम विभाग ने कई दिनों पूर्व 12 मई को बारिश, आंधी की आशंका जताई थी। मंगलवार को सुबह से बादल और तेज हवाएं चल रही थीं। आंधी के आसार नजर आ रहे थे। फिर भी जनजीवन सामान्य था। मंगलवार को दोपहर 12.37 बजे अचानक धरती हिलने लगी।
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लोगों को समझने में देर न लगी कि यह भूकंप है। बीते 25 अप्रैल को नेपाल में आए जलजले को यादकर लोग जैसे थे वैसे ही घरों, कार्यालयों और फैक्ट्रियों से निकल कर सड़क पर आ गए। स्कूलों में बच्चों को खुले मैदान में लाया गया। कई स्थानों पर लोगों में इस कद्र भय देखने को मिला कि घरों में जाने को तैयार नहीं थे। महज पांच सेकेंड के झटकों ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया।
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झटके थमने के बाद लोगों ने आनन-फानन फोन से एक-दूसरे की खबर ली और भूकंप की जानकारी ली। बताया गया कि बांदा में भूकंप का पैमाना रिएक्टर स्केल पर लगभग 6.9 था। चित्रकूट में मुख्यालय के अलावा राजापुर, पहाड़ी, सरैंया, मानिकपुर, शिवरामपुर, भरतकूप आदि इलाकों में लोग पार्कों और खुली जगहों पर खड़े नजर आए।
ग्रामीणों ने बताया कि भूकंप से चरखारी के प्राचीन मंदिर के गुंबद में दरार पड़ गई। गनीवां कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार पूर्व की अपेक्षा भूकंप की तीव्रता कुछ कम रही। हमीरपुर में मौदहा प्रतिनिधि ने बताया कि कस्बे के फत्तूबाबा मोहल्ला में नगर पालिका परिषद के नवनिर्मित शवदाह गृह की स्लेब खोलते समय भूकंप के झटकों से इमारत भरभराकर ढह गई।
स्लेब खोल रहा उरदना गांव निवासी मजदूर महेश (35) पुत्र रामपाल मलबे में दब गया। साथी मजदूर रामचरन भाग निकला। सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने मलबे को साफ करा महेश को घायलावस्था में बाहर निकाला। लोग उसे सीएचसी ले गए जहां चिकित्साधीक्षक डा.अनिल सचान ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एसडीएम प्रवीणा अग्रवाल ने कहा कि घटना भूकंप के कारण हुई है। सुमेरपुर प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के क्रय विक्रय सहकारी समिति के जर्जर भवन की दीवार में दरारें पड़ गईं। कार्यालय में उस वक्त सचिव जेपी त्रिपाठी बैठे थे। राठ में स्वर्णकार समाज संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सोनी दाऊ ने बताया कि कमरे का पंखा हिलने लगा। जब तक वह कुछ समझ पाते बाजार में हड़कंप मच गया। दुकानों पर बैठे लोग सड़कों पर आ गए।