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Banda News: घाटा होने पर व्यापारी ने यमुना में लगाई छलांग
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तिंदवारी। व्यापार में घाटा होने से निराश फल व्यापारी ने यमुना नदी में छलांग लगा दी। तकरीबन 60 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने पर भी पुलिस उसे तलाश नहीं कर सकी है।
थाना क्षेत्र के संतोषी नगर निवासी नारायण दास गुप्ता (40) ने सोमवार को दोपहर बेंदाघाट स्थित यमुना नदी पुल से छलांग लगा दी। छलांग लगाने से पूर्व उसने पत्नी प्रतिभा गुप्ता को घटना का वीडियो भी भेजा। करीब एक बजे भेजे गए वीडियो को देखकर प्रतिभा ने परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने वीडियो पुलिस को दिखाकर उसे तलाश करने का अनुरोध किया। थाना प्रभारी कौशल सिंह ने दो टीमें गठित कर गोताखोरों की मदद से नारायण दास गुप्ता को नदी में खोजना शुरू किया। करीब 60 घंटे से ज्यादा का समय बीत जाने पर भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
उधर, नारायणदास गुप्ता के चचेरे भाई अविनाश गुप्ता ने बताया कि नारायणदास गुप्ता ने मुंबई में मोबाइल की दुकान खोली थी। व्यापार अच्छा न चलने की वजह से वह इसे बंद कर वर्ष 2015 में छत्तीसगढ़ में फल के थोक व्यापार का काम शुरू कर दिया था। घाटा लगने पर फल का धंधा भी बंद कर वह छह माह पहले तिंदवारी कस्बा स्थित घर आ गया था। तब से वह गुमसुम रहता था। कभी पिता राजेंद्र गुप्ता की बर्तन की दुकान में बैठता था। सोमवार को सुबह 11 बजे स्कूटी से निकल गया। दोपहर एक बजे यमुना नदी में छलांग लगाने का वीडियो भेजा। थाना प्रभारी कौशल सिंह ने बताया कि व्यापारी को खोजने के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। व्यापारी का मोबाइल फोन और स्कूटी पुल के पास मिली है।
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थाना क्षेत्र के संतोषी नगर निवासी नारायण दास गुप्ता (40) ने सोमवार को दोपहर बेंदाघाट स्थित यमुना नदी पुल से छलांग लगा दी। छलांग लगाने से पूर्व उसने पत्नी प्रतिभा गुप्ता को घटना का वीडियो भी भेजा। करीब एक बजे भेजे गए वीडियो को देखकर प्रतिभा ने परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने वीडियो पुलिस को दिखाकर उसे तलाश करने का अनुरोध किया। थाना प्रभारी कौशल सिंह ने दो टीमें गठित कर गोताखोरों की मदद से नारायण दास गुप्ता को नदी में खोजना शुरू किया। करीब 60 घंटे से ज्यादा का समय बीत जाने पर भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
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उधर, नारायणदास गुप्ता के चचेरे भाई अविनाश गुप्ता ने बताया कि नारायणदास गुप्ता ने मुंबई में मोबाइल की दुकान खोली थी। व्यापार अच्छा न चलने की वजह से वह इसे बंद कर वर्ष 2015 में छत्तीसगढ़ में फल के थोक व्यापार का काम शुरू कर दिया था। घाटा लगने पर फल का धंधा भी बंद कर वह छह माह पहले तिंदवारी कस्बा स्थित घर आ गया था। तब से वह गुमसुम रहता था। कभी पिता राजेंद्र गुप्ता की बर्तन की दुकान में बैठता था। सोमवार को सुबह 11 बजे स्कूटी से निकल गया। दोपहर एक बजे यमुना नदी में छलांग लगाने का वीडियो भेजा। थाना प्रभारी कौशल सिंह ने बताया कि व्यापारी को खोजने के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। व्यापारी का मोबाइल फोन और स्कूटी पुल के पास मिली है।
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