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Banda News: डीजल अनियमितता मामले में नई जांच कमेटी ने खंगाले अभिलेख
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फोटो-24-बांदा डिपो में संचालित डीजल विभाग और मौजूद कर्मचारी। अमर उजाला
बांदा। रोडवेज डिपो में 14 हजार लीटर डीजल की अनियमितता के मामले में जांच की दिशा फिर बदल गई है।
पहले जांच अधिकारी के सेवानिवृत्त होने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक चित्रकूटधाम मंडल राम लवट ने चार सदस्यीय नई जांच कमेटी गठित की है। कमेटी ने बुधवार को बांदा डिपो पहुंचकर करीब आठ घंटे तक पड़ताल की। निलंबित लिपिकों, स्टेशन प्रभारियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। टीम ने डीजल से जुड़े अभिलेख भी खंगाले।
नई जांच कमेटी में एआरएम हमीरपुर राम प्रताप साहू, वरिष्ठ लेखाकार बांदा संदीप यादव, कार्यशाला प्रभारी राठ धांसीराम और एआरएम कार्यालय के बुकिंग क्लर्क अभिषेक मिश्रा को शामिल किया गया है। बुधवार को टीम डिपो पहुंची। संबंधित कर्मचारियों को नोटिस भेजकर बयान के लिए बुलाया गया था।
टीम ने निलंबित लिपिकों के साथ स्टेशन प्रभारी सुशीला सचान और आरके वर्मा के बयान दर्ज किए। जूनियर फोरमैन सरोज कुमार समेत दो अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। वहीं निलंबित लिपिक अनिल शुक्ला, सुधीर कुमार और अनिल साहू भी सवाल जवाब हुए।
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अधिकारियों के अनुसार मामला आठ जुलाई को 14 हजार लीटर डीजल लेकर ट्रक के बांदा डिपो पहुंचने के बाद सामने आया था। डिपो में जगह न होने के कारण ट्रक को उसी दिन खाली दिखाया गया था, जबकि अधिकारियों के अनुसार टैंकर नौ जुलाई को खाली कराया गया। इसके बाद डीजल लिपिक अनिल साहू ने क्षेत्रीय प्रबंधक राम लवट से शिकायत कर डीजल में गड़बड़ी की आशंका जताई थी।
प्रारंभिक जांच में डीजल घोटाले की पुष्टि के बजाय अभिलेख और प्रक्रिया में अनियमितता सामने आने की बात कही गई। इसके बाद डीजल विभाग के लिपिक अनिल शुक्ला, सुधीर सिंह और अनिल साहू को निलंबित किया गया। पांच अन्य के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया। इसके बाद स्टेशन प्रभारी सुशीला सचान और आरके वर्मा को निलंबित किया गया जबकि जूनियर फोरमैन सरोज कुमार को आरोप पत्र जारी किया गया।
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जांच अधिकारी के सेवानिवृत्त होने से अटकी थी पड़ताल
प्रकरण की विस्तृत जांच एआरएम वित्त एसके गुप्ता को सौंपी गई थी। हालांकि 31 जुलाई को उनके सेवानिवृत्त होने के बाद जांच की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब नई कमेटी गठित होने के बाद मामले की दोबारा पड़ताल शुरू हुई है। टीम डीजल की आवक-जावक, अभिलेखों और संबंधित प्रक्रियाओं की जांच कर रही है। टीम के दोबारा डिपो पहुंचने की भी संभावना है।
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आरके वर्मा को शासन ने दी अनंतिम बहाली
मामले में निलंबित स्टेशन प्रभारी आरके वर्मा को शासन ने अनंतिम रूप से बहाल कर दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बहाली का जांच पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जांच में यदि उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल उन्हें अनंतिम बहाली दी गई है। मामले में अंतिम स्थिति जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।
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वर्जन
नई जांच कमेटी का गठन किया गया है ताकि सच सामने आ सके। जांच कमेटी ने बुधवार को डिपो में जांच की है। निलंबित कर्मचारी व अन्य कर्मचारियों से भी सवाल जवाब किए हैं। जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी, इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर गड़बड़ी कहां हुई। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
-रामलवट, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज, चित्रकूटधाम मंडल।
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पहले जांच अधिकारी के सेवानिवृत्त होने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक चित्रकूटधाम मंडल राम लवट ने चार सदस्यीय नई जांच कमेटी गठित की है। कमेटी ने बुधवार को बांदा डिपो पहुंचकर करीब आठ घंटे तक पड़ताल की। निलंबित लिपिकों, स्टेशन प्रभारियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। टीम ने डीजल से जुड़े अभिलेख भी खंगाले।
नई जांच कमेटी में एआरएम हमीरपुर राम प्रताप साहू, वरिष्ठ लेखाकार बांदा संदीप यादव, कार्यशाला प्रभारी राठ धांसीराम और एआरएम कार्यालय के बुकिंग क्लर्क अभिषेक मिश्रा को शामिल किया गया है। बुधवार को टीम डिपो पहुंची। संबंधित कर्मचारियों को नोटिस भेजकर बयान के लिए बुलाया गया था।
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टीम ने निलंबित लिपिकों के साथ स्टेशन प्रभारी सुशीला सचान और आरके वर्मा के बयान दर्ज किए। जूनियर फोरमैन सरोज कुमार समेत दो अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। वहीं निलंबित लिपिक अनिल शुक्ला, सुधीर कुमार और अनिल साहू भी सवाल जवाब हुए।
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अधिकारियों के अनुसार मामला आठ जुलाई को 14 हजार लीटर डीजल लेकर ट्रक के बांदा डिपो पहुंचने के बाद सामने आया था। डिपो में जगह न होने के कारण ट्रक को उसी दिन खाली दिखाया गया था, जबकि अधिकारियों के अनुसार टैंकर नौ जुलाई को खाली कराया गया। इसके बाद डीजल लिपिक अनिल साहू ने क्षेत्रीय प्रबंधक राम लवट से शिकायत कर डीजल में गड़बड़ी की आशंका जताई थी।
प्रारंभिक जांच में डीजल घोटाले की पुष्टि के बजाय अभिलेख और प्रक्रिया में अनियमितता सामने आने की बात कही गई। इसके बाद डीजल विभाग के लिपिक अनिल शुक्ला, सुधीर सिंह और अनिल साहू को निलंबित किया गया। पांच अन्य के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया। इसके बाद स्टेशन प्रभारी सुशीला सचान और आरके वर्मा को निलंबित किया गया जबकि जूनियर फोरमैन सरोज कुमार को आरोप पत्र जारी किया गया।
जांच अधिकारी के सेवानिवृत्त होने से अटकी थी पड़ताल
प्रकरण की विस्तृत जांच एआरएम वित्त एसके गुप्ता को सौंपी गई थी। हालांकि 31 जुलाई को उनके सेवानिवृत्त होने के बाद जांच की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब नई कमेटी गठित होने के बाद मामले की दोबारा पड़ताल शुरू हुई है। टीम डीजल की आवक-जावक, अभिलेखों और संबंधित प्रक्रियाओं की जांच कर रही है। टीम के दोबारा डिपो पहुंचने की भी संभावना है।
आरके वर्मा को शासन ने दी अनंतिम बहाली
मामले में निलंबित स्टेशन प्रभारी आरके वर्मा को शासन ने अनंतिम रूप से बहाल कर दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बहाली का जांच पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जांच में यदि उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल उन्हें अनंतिम बहाली दी गई है। मामले में अंतिम स्थिति जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।
वर्जन
नई जांच कमेटी का गठन किया गया है ताकि सच सामने आ सके। जांच कमेटी ने बुधवार को डिपो में जांच की है। निलंबित कर्मचारी व अन्य कर्मचारियों से भी सवाल जवाब किए हैं। जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी, इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर गड़बड़ी कहां हुई। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
-रामलवट, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज, चित्रकूटधाम मंडल।