{"_id":"6ab41261ad321bc5d70a7015","slug":"license-of-hamirpurs-om-medical-agency-cancelled-banda-news-c-12-1-knp1100-1660296-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: हमीरपुर की ओम मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: हमीरपुर की ओम मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस निरस्त
विज्ञापन
बांदा। कोडीनयुक्त सिरप की बरामदगी के मामले में हमीरपुर के टेढ़ा स्थित ओम मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस आखिरकार निरस्त कर दिया गया।
इसी मामले में गिरफ्तार सह आरोपी रोहित पांडेय के पिता के नाम संचालित मेडिकल स्टोर पर कोडीनयुक्त दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई गई है। भविष्य में यहां कोडीनयुक्त दवा या सिरप का कारोबार मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।
ओम मेडिकल एजेंसी के नाम से 30 हजार कोडीनयुक्त सिरप की खेप का बिल काटा गया था। बरामद सिरप की कीमत करीब 60.45 लाख रुपये बताई गई थी। एजेंसी संचालक रवींद्र गुप्ता का नाम पुलिस की विवेचना में भी शामिल है। रवींद्र गुप्ता मामले के मुख्य आरोपी अतर्रा निवासी प्रियांशु गुप्ता उर्फ किशन के जीजा हैं। इसी आधार पर औषधि विभाग ने एजेंसी का लाइसेंस निरस्त किया है।
दो दिन पहले मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता की श्री श्याम मेडिकल एजेंसी और प्रवीण गुप्ता उर्फ लकी की मामाजी मेडिकल एजेंसी के लाइसेंस भी निरस्त किए जा चुके हैं। मामले में चार मेडिकल स्टोर से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने के बाद तीन स्टोर के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
वहीं रोहित पांडेय के पिता के नाम संचालित श्रीराम मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस निरस्त न किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। रोहित को पुलिस ने कोडीनयुक्त सिरप की खेप के साथ गिरफ्तार किया था। विभाग ने स्टोर पर सिर्फ कोडीनयुक्त दवाओं की बिक्री प्रतिबंधित की है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल स्टोर संचालक का मामले में सीधा नाम सामने नहीं आया है।
-- -
रवींद्र की तलाश में कई जिलों में दबिश
कोडीनयुक्त सिरप मामले में नाम सामने आने के बाद पुलिस रवींद्र गुप्ता की तलाश में खाक छान रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसओजी और पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अब तक हमीरपुर, बांदा, महोबा और कानपुर समेत अन्य स्थानों पर संभावित ठिकानों पर छापा मारी की गई है। पुलिस उसके संपर्कों और ठिकानों की भी जानकारी जुटा रही है। रवींद्र की गिरफ्तारी के बाद सिरप की खेप से जुड़े कई अहम तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।
-- -
वर्जन
हमीरपुर के टेढ़ा स्थित ओम मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। यह रवींद्र गुप्ता के नाम संचालित थी और इसी फर्म से कोडीनयुक्त सिरप का बिल काटा गया था। दो आरोपियों के मेडिकल स्टोर के लाइसेंस पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं। श्रीराम मेडिकल एजेंसी पर कोडीनयुक्त दवाओं का कारोबार प्रतिबंधित किया गया है।
-वीरेंद्र कुमार, सहायक आयुक्त औषधि
विज्ञापन
इसी मामले में गिरफ्तार सह आरोपी रोहित पांडेय के पिता के नाम संचालित मेडिकल स्टोर पर कोडीनयुक्त दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई गई है। भविष्य में यहां कोडीनयुक्त दवा या सिरप का कारोबार मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।
ओम मेडिकल एजेंसी के नाम से 30 हजार कोडीनयुक्त सिरप की खेप का बिल काटा गया था। बरामद सिरप की कीमत करीब 60.45 लाख रुपये बताई गई थी। एजेंसी संचालक रवींद्र गुप्ता का नाम पुलिस की विवेचना में भी शामिल है। रवींद्र गुप्ता मामले के मुख्य आरोपी अतर्रा निवासी प्रियांशु गुप्ता उर्फ किशन के जीजा हैं। इसी आधार पर औषधि विभाग ने एजेंसी का लाइसेंस निरस्त किया है।
विज्ञापन
दो दिन पहले मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता की श्री श्याम मेडिकल एजेंसी और प्रवीण गुप्ता उर्फ लकी की मामाजी मेडिकल एजेंसी के लाइसेंस भी निरस्त किए जा चुके हैं। मामले में चार मेडिकल स्टोर से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने के बाद तीन स्टोर के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
वहीं रोहित पांडेय के पिता के नाम संचालित श्रीराम मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस निरस्त न किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। रोहित को पुलिस ने कोडीनयुक्त सिरप की खेप के साथ गिरफ्तार किया था। विभाग ने स्टोर पर सिर्फ कोडीनयुक्त दवाओं की बिक्री प्रतिबंधित की है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल स्टोर संचालक का मामले में सीधा नाम सामने नहीं आया है।
रवींद्र की तलाश में कई जिलों में दबिश
कोडीनयुक्त सिरप मामले में नाम सामने आने के बाद पुलिस रवींद्र गुप्ता की तलाश में खाक छान रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसओजी और पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अब तक हमीरपुर, बांदा, महोबा और कानपुर समेत अन्य स्थानों पर संभावित ठिकानों पर छापा मारी की गई है। पुलिस उसके संपर्कों और ठिकानों की भी जानकारी जुटा रही है। रवींद्र की गिरफ्तारी के बाद सिरप की खेप से जुड़े कई अहम तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।
वर्जन
हमीरपुर के टेढ़ा स्थित ओम मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। यह रवींद्र गुप्ता के नाम संचालित थी और इसी फर्म से कोडीनयुक्त सिरप का बिल काटा गया था। दो आरोपियों के मेडिकल स्टोर के लाइसेंस पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं। श्रीराम मेडिकल एजेंसी पर कोडीनयुक्त दवाओं का कारोबार प्रतिबंधित किया गया है।
-वीरेंद्र कुमार, सहायक आयुक्त औषधि