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चालक की चूक ने चकनाचूर किए दो परिवारों के सपने
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ड्राइवर राकेश का फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : BANDA
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बांदा। ट्रक चालक की जरा सी चूक ने दो परिवारों के घर मातम पैदा कर दिया। दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। पत्नी का सुहाग छिन गया। दूसरे घर में मां ने जवान बेटा खो दिया। शादी कर घर में दुल्हन लाने की तमन्ना पूरी नहीं हो सकी। अपने दो कमाऊ पूत गवां चुके इन परिवारों का कहना है कि वाहन चालकों को सावधानी और सतर्कता से ड्राइविंग करनी चाहिए। राहगीरों को भी अपनी सुरक्षा का पूरा ख्याल रखना चाहिए।
शुक्रवार की रात झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे पर मटौंध थाना क्षेत्र में खैराडा रेलवे क्रासिंग के पास पंचर टायर का पहिया बदलते समय वहां से गुजरे तेज रफ्तार किसी अज्ञात वाहन ने ट्रक चालक राकेश कुमार यादव (38) और क्लीनर बृजेश कुमार (27) को रौंद दिया। दोनों की मौके पर मौत हो गई। यह दोनों क्रमश: अमेठी और सुल्तानपुर जिलों के रहने वाले थे। कबरई (महोबा) से गिट्टी लादकर सुल्तानपुर जा रहे थे।
बांदा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के समय मौजूद दोनों के परिजन बेहद शोक ग्रस्त थे। मृतक ड्राइवर राकेश के भाई पवन कुमार और साला (पत्नी का भाई) वंशराज यादव ने कहा कि राकेश के दो मासूम बच्चों पुत्र शिवम (15) और पुत्री रोशनी (11) अभी भी घर में पापा का इंतजार कर रहे हैं।
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मासूम नहीं समझ पा रहे कि क्या हो गया। उधर, पत्नी सुनीता बदहवास है। बूढ़ी मां जयकला देवी की आंखों से आंसू जारी हैं। उधर, ट्रक क्लीनर मृतक बृजेश की अभी शादी भी नहीं हुई थी। मां ऊषा अपने बेटे के लिए रिश्ते की तलाश में थी। बड़ा भाई मुकेश घर में रहकर मां की देखभाल करता था और बृजेश कमाई लाकर देता था।
नशा या चूक? लगाए जा रहे कयास
बांदा। हाईवे पर ट्रक खड़ा कर पहिया बदलने का खतरा नहीं लेना चाहिए था, लेकिन पता नहीं रात के अंधेरे में कौन सी ऐसी मजबूरी आ गई कि चालक और क्लीनर सड़क पर ही पहिया बदलने लगे। मृतकों के परिजन और राहगीरों का यही कहना है। उधर, कुचलने वाले वाहन के चालक के नशे में होने के कयास लगाए जा रहे हैं। चूक जिसकी भी रही हो पर खामियाजा दो परिवारों को भोगना पड़ रहा है।
ट्रैफिक नियम ही बचा सकते हैं जानलेवा हादसे
बांदा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) और जिला सड़क सुरक्षा समिति सचिव शंकर जी सिंह का कहना है कि यातायात नियमों का पूरी गंभीरता से पालन करना ही सड़क हादसों से घर और परिवार उजड़ने से बचाने का रास्ता है। उन्होंने कहा कि वाहनों पर खास तौर पर पीछे रिफ्लेक्टर टेप जरूर लगे होने चाहिए। ताकि पीछे से आ रहे वाहनों की हेड लाइट में उनकी चमक नजर आए और वाहन की मौजूदगी का अन्य वाहनों को आभास हो। कहा कि परिवहन विभाग की टीम नियमित रूप से वाहनों की चेकिंग करती रहती है।
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शुक्रवार की रात झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे पर मटौंध थाना क्षेत्र में खैराडा रेलवे क्रासिंग के पास पंचर टायर का पहिया बदलते समय वहां से गुजरे तेज रफ्तार किसी अज्ञात वाहन ने ट्रक चालक राकेश कुमार यादव (38) और क्लीनर बृजेश कुमार (27) को रौंद दिया। दोनों की मौके पर मौत हो गई। यह दोनों क्रमश: अमेठी और सुल्तानपुर जिलों के रहने वाले थे। कबरई (महोबा) से गिट्टी लादकर सुल्तानपुर जा रहे थे।
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बांदा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के समय मौजूद दोनों के परिजन बेहद शोक ग्रस्त थे। मृतक ड्राइवर राकेश के भाई पवन कुमार और साला (पत्नी का भाई) वंशराज यादव ने कहा कि राकेश के दो मासूम बच्चों पुत्र शिवम (15) और पुत्री रोशनी (11) अभी भी घर में पापा का इंतजार कर रहे हैं।
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मासूम नहीं समझ पा रहे कि क्या हो गया। उधर, पत्नी सुनीता बदहवास है। बूढ़ी मां जयकला देवी की आंखों से आंसू जारी हैं। उधर, ट्रक क्लीनर मृतक बृजेश की अभी शादी भी नहीं हुई थी। मां ऊषा अपने बेटे के लिए रिश्ते की तलाश में थी। बड़ा भाई मुकेश घर में रहकर मां की देखभाल करता था और बृजेश कमाई लाकर देता था।
नशा या चूक? लगाए जा रहे कयास
बांदा। हाईवे पर ट्रक खड़ा कर पहिया बदलने का खतरा नहीं लेना चाहिए था, लेकिन पता नहीं रात के अंधेरे में कौन सी ऐसी मजबूरी आ गई कि चालक और क्लीनर सड़क पर ही पहिया बदलने लगे। मृतकों के परिजन और राहगीरों का यही कहना है। उधर, कुचलने वाले वाहन के चालक के नशे में होने के कयास लगाए जा रहे हैं। चूक जिसकी भी रही हो पर खामियाजा दो परिवारों को भोगना पड़ रहा है।
ट्रैफिक नियम ही बचा सकते हैं जानलेवा हादसे
बांदा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) और जिला सड़क सुरक्षा समिति सचिव शंकर जी सिंह का कहना है कि यातायात नियमों का पूरी गंभीरता से पालन करना ही सड़क हादसों से घर और परिवार उजड़ने से बचाने का रास्ता है। उन्होंने कहा कि वाहनों पर खास तौर पर पीछे रिफ्लेक्टर टेप जरूर लगे होने चाहिए। ताकि पीछे से आ रहे वाहनों की हेड लाइट में उनकी चमक नजर आए और वाहन की मौजूदगी का अन्य वाहनों को आभास हो। कहा कि परिवहन विभाग की टीम नियमित रूप से वाहनों की चेकिंग करती रहती है।

क्लीनर बृजेश का फाइल फोटो। संवाद - फोटो : BANDA

झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे पर बांदा-महोबा रूट में अंधा मोड़। संवाद - फोटो : BANDA

हादसे में जान गंवाने वाले ट्रक ड्राइवर राकेश का भाई पवन और बहनोई व मौसेरा भाई आदि परिजन। संवाद - फोटो : BANDA