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सीएम की राह में ‘रोड़ा’ बने गरीबों के आशियाने ढहाए
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 27 Apr 2015 11:37 PM IST
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मुख्यमंत्री की राह में प्रशासन को ‘रोड़ा’ नजर आ रहे गरीबों के आशियानों और रोजी-रोटी के ठिकानों पर सोमवार को कहर टूट पड़ा। मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों के जोश से भरे अफसरों ने दर्जनों गरीब परिवारों को बिना कोई मौका दिए झोपड़ी से फुटपाथ पर ला दिया। जेसीबी से उनका सब कुछ धराशायी कर दिया गया। महिलाएं और बच्चे रोते-गिड़गिड़ाते रहे। एक बालिका अपनी झोपड़ी उजड़ने के सदमे में गश खाकर गिर पड़ी। पनपते जनाक्रोश के बाद सपा नेता ने तीखे तेवर अपनाए और अतिक्रमण हटाओ अभियान जहां का तहां ठप करा दिया।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 30 अप्रैल को बांदा शहर आ रहे हैं। यहां वे शहर के मध्य स्थित एक होटल में आयोजित सपा विधायक विशंभर सिंह यादव के बेटे की शादी में शरीक होंगे। मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर पुलिस लाइन हेलीपैड पर उतरेगा।
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वहां से कार द्वारा बलखंडी नाका स्थित मैरिज हाल जाएंगे। प्रशासन ने हेलीपैड से लेकर मैरिज हाल के रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराकर टूटी-फूटी सड़कों पर पैबंद लगाने और रंग-रोगन का काम शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को बिना किसी पूर्व सूचना के विकास भवन के सामने अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू कर दिया गया।
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सड़क के दोनों तरफ झुग्गी-झोपड़ियों में गुजर-बसर कर रहे दर्जनों परिवार के अलावा फोटो काफी, चाय, पान इत्यादि की दुकानें उजाड़ दी गईं। जेसीबी से धड़ाधड़ उन्हें ढहा दिया गया। क्षेत्राधिकारी और कोतवाली प्रभारी समेत कई दरोगा और पुलिस फोर्स ने इतनी दहशत फैला दी कि उजड़ रहे लोग विरोध का साहस नहीं जुटा सके। कुछ एक ने मुंह खोला तो पुलिस की भद्दी भाषा सुननी पड़ी।
इसी बीच सपा जिला महासचिव राजेंद्र यादव वहां आ गए। रोते-गिड़गिड़ाते परिवारों ने महिलाओं और बच्चों समेत उन्हें घेर लिया। प्रशासन की इस जोर-जबर्दस्ती और बगैर किसी बड़े अधिकारी की मौजूदगी में मनमाने ढंग से अतिक्रमण हटाने पर सपा नेता भड़क उठे।
लोगों से बदसुलूकी कर रहे पुलिस उप निरीक्षक राकेश सरोज को जमकर फटकारा। इस बीच प्रशासनिक कोई अफसर मौजूद नहीं था। नगर पालिका के अधिकारी भी नदारद थे। सिर्फ जेसीबी चालक और पुलिस अधिकारी तोड़फोड़ करवा रहे थे।
सपा नेता के तेवर रंग लाए और अतिक्रमण ढहाने का काम फिलहाल रोक दिया गया। अभियान में मौजूद नगर पालिका के सफाई निरीक्षक हरीशंकर निरंजन का कहना था कि मुख्यमंत्री की आने के मद्देनजर अतिक्रमण हटाया जा रहा है।
शादी के अरमान ढहे तो बेहोश हो गई युवती
बांदा। विकास भवन के ठीक सामने फुटपाथ के पीछे झुग्गी-झोपड़ी बनाकर अरसे से रह रहे लाल बहादुर को अतिक्रमण हटाओ अभियान का सबसे बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा। उसकी बेटी ज्योति सोनी की दो दिनों बाद 30 अप्रैल को शादी है। मेहमानों का आना शुरू हो गया था।
इसी बीच पुलिस ने जेसीबी से झोपड़ी ढहा दी। दहेज और गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया। ज्योति देर तक रोने के बाद बेहोश हो गई। उसे पानी के छीटें देकर होश में लाया गया। उजाड़े गए अन्य महिलाओं और बच्चे रोते-बिलखते रहे। इसी तरह सायराबानो व नसीमा झोपड़ी में गुटखा बेचकर गुजर कर रही थीं। उनका भी आशियाना उजड़ गया। फोटो काफी दुकानदार अनिल प्रजापति ने बताया कि दुकान में रखा लगभग 50 हजार रुपये का सामान मलबे में दब गया।