{"_id":"63d41af7c58dae501a0323ac","slug":"don-t-forget-mother-she-is-a-true-gold-medal-governor-banda-news-knp7408029149-2023-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"मत भूलिएगा मां को, सच्चा गोल्ड मेडल है : राज्यपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मत भूलिएगा मां को, सच्चा गोल्ड मेडल है : राज्यपाल
विज्ञापन
शांभवी अवस्थी को चांसलर मेडल व उपाधि प्रदान करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। साथ में पूर्व महानिदे
- फोटो : BANDA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल/कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने 206 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान कीं। इनमें 159 स्नातक और 47 परास्नातक छात्र-छात्राएं हैं। 15 मेधावियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। राज्यपाल ने मेधावियों से कहा कि मां को मत भूलिएगा। सच्चा गोल्ड मेडल मां है। सम्मानित किए गए मेधावियों में कानपुर, हमीरपुर, जालौन, मथुरा, लखनऊ, फर्रुखाबाद, बरेली आदि जिलों के हैं।
शुक्रवार को समारोह की अध्यक्षता कर रहीं राज्यपाल ने कहा कि देश को जी-20 की अध्यक्षता मिलना सौभाग्य की बात है। पहली बार भारत इसकी अध्यक्षता करेगा। राज्यपाल ने कहा कि हरेक छात्र-छात्राओं की प्रगति के पीछे उनके माता-पिता का हाथ होता है। मेडल प्राप्त करने वाले मेधावी घर जाकर अपनी मां को मेडल पहना दें। फिर मां-पिता की आंखों की जो चमक होगी, वह किसी मेडल से कम नहीं होगी।
उन्होंने संस्कार के साथ कर्तव्य मार्ग पर बढ़ते रहने और किसानों व देश की प्रगति में सहयोग की नसीहत दी। कहा कि कर्तव्य करने से अधिकार खुद मिल जाएगा। किसानों की आय बढ़ाने में विश्वविद्यालय समेत मेधावी छात्र-छात्राएं भी सहयोग करें। राज्यपाल ने जलजीवन मिशन के तहत जल संरक्षण का भी संदेश दिया। कार्यक्रम में राज्यपाल ने 40 आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किट और 15 उच्च प्राथमिक विद्यालय, चहितारा के छात्र-छात्राओं को बैग व खेल सामग्री सौंपी।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. नरेंद्र प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति के बारे में बताया। कहा कि 2022-23 से तीन नए परास्नातक पाठ्यक्रम शुरू हो रहे हैं। खाद्य प्रौद्योगिकी व कृषि अभियांत्रिकी में अगले सत्र से स्नातक स्तर की शिक्षा शुरू करने का प्रस्ताव है। मत्स्य महाविद्यालय और पशु चिकित्सा महाविद्यालय का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जा चुका है। बुंदेलखंडी बकरी व जालौनी भेड़ पर भी शोध और संरक्षण की जानकारी दी।
कुलपति ने बताया कि 14 जल संरक्षण संरचनाओं में मत्स्य पालन का इको पार्क व वनस्पति उद्यान बनाए जा रहे हैं। कुलसचिव डॉ. एसके सिंह ने आभार जताया। संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. बीके गुप्ता व डॉ. विज्ञा मिश्रा ने किया। डॉ. शालिनी पुरवार और डॉ. नीतू का भी योगदान रहा। पूर्व कुलपति डॉ. मिल्खा सिंह औलख समेत विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
शुक्रवार को समारोह की अध्यक्षता कर रहीं राज्यपाल ने कहा कि देश को जी-20 की अध्यक्षता मिलना सौभाग्य की बात है। पहली बार भारत इसकी अध्यक्षता करेगा। राज्यपाल ने कहा कि हरेक छात्र-छात्राओं की प्रगति के पीछे उनके माता-पिता का हाथ होता है। मेडल प्राप्त करने वाले मेधावी घर जाकर अपनी मां को मेडल पहना दें। फिर मां-पिता की आंखों की जो चमक होगी, वह किसी मेडल से कम नहीं होगी।
विज्ञापन
उन्होंने संस्कार के साथ कर्तव्य मार्ग पर बढ़ते रहने और किसानों व देश की प्रगति में सहयोग की नसीहत दी। कहा कि कर्तव्य करने से अधिकार खुद मिल जाएगा। किसानों की आय बढ़ाने में विश्वविद्यालय समेत मेधावी छात्र-छात्राएं भी सहयोग करें। राज्यपाल ने जलजीवन मिशन के तहत जल संरक्षण का भी संदेश दिया। कार्यक्रम में राज्यपाल ने 40 आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किट और 15 उच्च प्राथमिक विद्यालय, चहितारा के छात्र-छात्राओं को बैग व खेल सामग्री सौंपी।
विज्ञापन
कुलपति प्रो. नरेंद्र प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति के बारे में बताया। कहा कि 2022-23 से तीन नए परास्नातक पाठ्यक्रम शुरू हो रहे हैं। खाद्य प्रौद्योगिकी व कृषि अभियांत्रिकी में अगले सत्र से स्नातक स्तर की शिक्षा शुरू करने का प्रस्ताव है। मत्स्य महाविद्यालय और पशु चिकित्सा महाविद्यालय का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जा चुका है। बुंदेलखंडी बकरी व जालौनी भेड़ पर भी शोध और संरक्षण की जानकारी दी।
कुलपति ने बताया कि 14 जल संरक्षण संरचनाओं में मत्स्य पालन का इको पार्क व वनस्पति उद्यान बनाए जा रहे हैं। कुलसचिव डॉ. एसके सिंह ने आभार जताया। संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. बीके गुप्ता व डॉ. विज्ञा मिश्रा ने किया। डॉ. शालिनी पुरवार और डॉ. नीतू का भी योगदान रहा। पूर्व कुलपति डॉ. मिल्खा सिंह औलख समेत विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे।