फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   District Panchayat president's petition dismissed in Supreme Court

जिला पंचायत अध्यक्ष की याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज

Mon, 05 Feb 2018 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो , बांदा
अमर उजाला ब्यूरो , बांदा Updated Mon, 05 Feb 2018 11:44 PM IST
विज्ञापन
District Panchayat president's petition dismissed in Supreme Court
निर्मला सिंह - फोटो : अमर उजाला

जिला पंचायत अध्यक्ष निर्मला सिंह को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। 21 सदस्यों द्वारा पारित किए गए अविश्वास प्रस्ताव के विरुद्ध अध्यक्ष द्वारा दायर की गई विशेष अनुमति याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अध्यक्ष ने अधिवक्ता के माध्यम से इस आधार पर स्थगन आदेश प्राप्त किया था कि अविश्वास प्रस्ताव लाने की अवधि दो वर्ष है। लेकिन अपने इस दावे को वह सुप्रीम कोर्ट में कानूनी तौर पर साबित नहीं कर सकीं।

विज्ञापन


सपा की जिला पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध 28 दिसंबर को 16 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस दी थी। 23 जनवरी को इस प्रस्ताव पर बैठक हुई। 30 में से 21 जिला पंचायत सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट डाले। इस पर अगले ही दिन अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने अविश्वास प्रस्ताव संबंधी अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगा दी और 5 फरवरी सुनवाई के लिए तिथि निर्धारित की थी।
विज्ञापन


सोमवार (5 फरवरी) को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ तथा न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर ने सुनवाई की। प्रदेश सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी और वरिष्ठ अधिवक्ता कमलेंद्र मिश्रा ने दलील दी कि अविश्वास प्रस्ताव की समय अवधि शासन ने घटाकर एक वर्ष कर दी थी। जबकि अध्यक्ष के अधिवक्ता दो वर्ष बता रहे थे। अधिवक्ता कमलेंद्र ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश ने अध्यक्ष पद के अधिवक्ता से कहा कि दो साल संबंधी अपने दावे के साक्ष्य/अभिलेख पेश करें। इसके लिए मुख्य न्यायाधीश ने अध्यक्ष के अधिवक्ता को 15 मिनट की मोहलत भी दी। लेकिन अध्यक्ष पक्ष इसके सबूत नहीं पेश कर सका।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिवक्ता कमलेंद्र ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश ने अध्यक्ष पक्ष पर 20 लाख जुर्माने की बात कही, लेकिन उनके अधिवक्ता के अनुरोध पर इसे वापस ले लिया। साथ ही अध्यक्ष की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed