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जिला पंचायत ने मंजूर किया 2738 लाख का व्यय
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 21 Mar 2015 11:39 PM IST
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जिला पंचायत की बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 2738 लाख का व्यय अनुमोदित किया गया। जिला स्तरीय अधिकारियों के गैरहाजिर रहने पर सदस्य खफा हुए।
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शनिवार को कैप्टन बद्री प्रसाद सभागार में बैठक में सदस्य गजेंद्र सिंह पटेल और दलपत सिंह ने नोडल अधिकारियों की गैरहाजिरी और उनके सहायकों द्वारा जानकारी उपलब्ध न कराने पर नाराजगी जताई।
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वर्ष 2014-15 के लिए 2672.25 लाख का पुनरीक्षित बजट और वर्ष 2015-16 के लिए 2738.90 लाख रुपये का व्यय व 2667.70 लाख की अनुमानित आय को मंजूरी दी गई। आगामी वर्ष की कार्य योजना के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। अन्य प्रस्तावों की स्वीकृति के लिए अध्यक्ष बल्देव प्रसाद वर्मा को अधिकृत किया गया।
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इस मौके पर अन्ना प्रथा रोकने का भी प्रस्ताव पास हुआ। विधायक विशंभर सिंह यादव, सदस्य महेंद्र सिंह वर्मा, ममता राजपूत, शांति देवी, आराधना यादव, कलावती, गीता सागर, सीता सिंह, ज्ञानबाबू सोनकर, भानु प्रताप सिंह, धर्मेंद्र सिंह परिहार, कमलेश, फूलारानी, बलवंत सिंह, कुसुमा, लक्ष्मी प्रसाद कुशवाहा, राजकुमार, रामकृपाल समेत ब्लाक प्रमुख मौजूद रहे। विधायक ने सदस्यों को मिलजुलकर विकास करने को कहा।
कई कार्यों में अनियमितता बताई
जिला पंचायत सदस्य भानु प्रताप सिंह, महेंद्र सिंह वर्मा, लक्ष्मी प्रसाद व इशरत रईस ने जिला पंचायत की बैठक में 26 दिसंबर 2014 की कार्रवाई की पुष्टि पर आपत्ति जताई। कहा कि बोर्ड की बैठक में अनुमोदन दिखाकर 18 लाख रुपए के कार्यों के टेंडर प्रकाशित करना गंभीर अनियमितता है।
प्रस्ताव पर बिना हस्ताक्षर व तिथि के पांच लाख रुपए का टेंडर भी गंभीर विषय है। आरोप लगाया कि बिना प्रस्ताव के मिनट बुक में कई प्रस्ताव दर्ज कर दिए गए। 13वें वित्त आयोग की परियोजनाओं में भी अधिकांश सदस्यों के प्रस्ताव मिनट बुक में फर्जी दर्ज किए गए हैं।