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प्रधान बनकर गांव विकास की तमन्ना
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 04 Dec 2015 12:03 AM IST
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बांदा/बदौसा। नरैनी ब्लाक के बरछा (ब) ग्राम पंचायत
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से प्रधान पद के प्रत्याशी मशहूर डांसर (नृत्यकार) शिवपूजन भौजी के चुनाव
प्रचार में सहयोगी नृत्यकारों की टोली ने ग्रामीणों को खूब रिझाया।
उसकी तमन्ना गांव का ऐसा विकास करना है, जैसा उसने अपनी कला के प्रदर्शन के दौरान तमाम मॉडल गांव देखे। शिवपूजन दलित बिरादरी का है और पांच भाइयों में सबसे छोटा है।
गांव के प्राइमरी स्कूल में कक्षा पांच तक पढ़ाई के बाद उसका मन पढ़ने में नहीं लगा। बंटाई पर खेत लेकर मजदूरी करने वाले अपने भाइयों के हाथ बंटाने लगाने लगा।
यहां कड़ी मेहनत के चलते वह काम छोड़कर भजन-कीर्तन मंडली में संगत करने लगा। इसी बीच कार्यक्रमों मेें कुछ कलाकारों से परिचय हुआ तो नृत्यकार बन गया।
शिवपूजन ने बताया कि वह उसकी उम्र 28 साल है। लगभग 10 सालों से उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के तमाम शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों मेें रामलीला व नौटंकी समेत अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नृत्य करता है।
प्रधान का चुनाव क्यों लड़ना पड़ा? इस सवाल पर उसका कहना है कि कार्यक्रमों के दौरान उसने बहुत विकसित गांव देखे।
जहां पढ़ाई के अच्छे साधन, बिजली, पानी, सड़क की सुविधा और खेती-किसानी समेत घरों में लोग खुद का व्यवसाय कर संपन्न हैं। वह भी अपने गांव को ऐसा ही विकसित देखना चाहता है।
उसके साथ चुनाव प्रचार में चित्रकूट, सतना, पन्ना, अजयगढ़ समेत क्षेत्र के नृत्यकारों की टोली गांव में घूम रही है।
उसकी तमन्ना गांव का ऐसा विकास करना है, जैसा उसने अपनी कला के प्रदर्शन के दौरान तमाम मॉडल गांव देखे। शिवपूजन दलित बिरादरी का है और पांच भाइयों में सबसे छोटा है।
गांव के प्राइमरी स्कूल में कक्षा पांच तक पढ़ाई के बाद उसका मन पढ़ने में नहीं लगा। बंटाई पर खेत लेकर मजदूरी करने वाले अपने भाइयों के हाथ बंटाने लगाने लगा।
यहां कड़ी मेहनत के चलते वह काम छोड़कर भजन-कीर्तन मंडली में संगत करने लगा। इसी बीच कार्यक्रमों मेें कुछ कलाकारों से परिचय हुआ तो नृत्यकार बन गया।
शिवपूजन ने बताया कि वह उसकी उम्र 28 साल है। लगभग 10 सालों से उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के तमाम शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों मेें रामलीला व नौटंकी समेत अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नृत्य करता है।
प्रधान का चुनाव क्यों लड़ना पड़ा? इस सवाल पर उसका कहना है कि कार्यक्रमों के दौरान उसने बहुत विकसित गांव देखे।
जहां पढ़ाई के अच्छे साधन, बिजली, पानी, सड़क की सुविधा और खेती-किसानी समेत घरों में लोग खुद का व्यवसाय कर संपन्न हैं। वह भी अपने गांव को ऐसा ही विकसित देखना चाहता है।
उसके साथ चुनाव प्रचार में चित्रकूट, सतना, पन्ना, अजयगढ़ समेत क्षेत्र के नृत्यकारों की टोली गांव में घूम रही है।