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अवसाद व एंजायटी बच्चों के लिए घातक : डॉ. हाशमी
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बांदा। जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम ने शनिवार को सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में मानसिक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की। इसमें छात्राओं को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। कहा कि बच्चों में अवसाद व एंजायटी को हलके में न लें। इससे बच्चा गंभीर बीमारी का शिकार हो सकता है।
क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. रिजवाना हाशमी ने कहा कि मानसिक रोग बच्चों में अवसाद और एंजाइटी के रूप में बहुत ज्यादा फैलते हैं, जिसे लोग साधारण मानते हैं । आगे चलकर यही गंभीर हो जाता है। बच्चों में एंजायटी न हो इसके लिए स्कूल में टीचर व प्रिंसिपल भी अच्छे काउंसलर हो सकते हैं। प्रधानाचार्या अमिता सिंह ने कहा कि बच्चे घर में माता-पिता की बातें स्वीकार करें। शिक्षकों का सम्मान करें। साथ ही विद्यालय में जिन बच्चियों ने टॉप किया है, उनसे प्रेरणा लें।
साइकाइट्रिक नर्स त्रिभुवन नाथ ने बताया कि यदि किसी को मिर्गी या हिस्टीरिया के दौरे आते हैं तो वह जिला चिकित्सालय में दिखा सकता है। यदि अवसाद और एंजायटी होती है। ऑनलाइन 14416 में या फिर जिला चिकित्सालय के मनकक्ष कमरा नंबर चार में भी काउंसलिंग करा सकते हैं। अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी नरेंद्र कुमार मिश्रा व सहायक अनुपम त्रिपाठी ने छात्राओं को पुरस्कृत किया।
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क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. रिजवाना हाशमी ने कहा कि मानसिक रोग बच्चों में अवसाद और एंजाइटी के रूप में बहुत ज्यादा फैलते हैं, जिसे लोग साधारण मानते हैं । आगे चलकर यही गंभीर हो जाता है। बच्चों में एंजायटी न हो इसके लिए स्कूल में टीचर व प्रिंसिपल भी अच्छे काउंसलर हो सकते हैं। प्रधानाचार्या अमिता सिंह ने कहा कि बच्चे घर में माता-पिता की बातें स्वीकार करें। शिक्षकों का सम्मान करें। साथ ही विद्यालय में जिन बच्चियों ने टॉप किया है, उनसे प्रेरणा लें।
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साइकाइट्रिक नर्स त्रिभुवन नाथ ने बताया कि यदि किसी को मिर्गी या हिस्टीरिया के दौरे आते हैं तो वह जिला चिकित्सालय में दिखा सकता है। यदि अवसाद और एंजायटी होती है। ऑनलाइन 14416 में या फिर जिला चिकित्सालय के मनकक्ष कमरा नंबर चार में भी काउंसलिंग करा सकते हैं। अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी नरेंद्र कुमार मिश्रा व सहायक अनुपम त्रिपाठी ने छात्राओं को पुरस्कृत किया।
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