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Banda News: बुखार के बाद किशोरी में हुई डेंगू की पुष्टि
Sat, 26 Aug 2023 01:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 26 Aug 2023 01:18 AM IST
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बांदा। जिले में डेंगू का पहला मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। 15 साल की किशोरी में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। हालांकि किशोरी की हालत ठीक है। जहां वह रह रही है, स्वास्थ्य विभाग उसके घर व आसपास के घरों में डेंगू के लार्वा को लेकर जांच करेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर मरीज के परिजनों के भी रक्त के नमूने जांच को भेजे जा सकते हैं।
बता दें कि मौसम में बदलाव से बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। वहीं मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। आसपास के जिलों में पहले ही डेंगू के मामले आने शुरू हो गए हैं। अब जिले में भी डेंगू की पुष्टि होना शुरू हो गई है। फिजिशियन डॉ. हृदयेश पटेल व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.आरके गुप्ता ने शुक्रवार को 14 मरीजों की डेंगू जांच कराई।
इनमें शहर कोतवाली क्षेत्र के स्टेशन रोड निवासी सलोनी (15) की जांच में डेंगू की पुष्टि की गई। उसे महिला वार्ड में भर्ती कराया गया है। सलोनी के पिता सुशील कुमार ने बताया कि उसे पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिला अस्पताल अधिकारी के अनुसार अस्पताल में डेंगू एलाइजा रीडर से जांच की जा रही है।
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-जिले में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को भी जिला अस्पताल मरीजों की काफी संख्या रही और पैथोलॉजी सेंटर में जांच के लिए मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। यहां 307 मरीजों की जांच की गईं।
- जिला अस्पताल में इन दिनों वायरल फीवर और उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार की ओपीडी में 1351 मरीजों ने अपना पंजीयन कराया। इनमें 500 से ज्यादा मरीज वायरल फीवर और उल्टी दस्त के रहे।
-विटामिन सी युक्त फलों का सेवन करें
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता व फिजीशियन डॉ. हृदयेश पटेल ने बताया कि डेंगू बुखार में ऐसे फलों का सेवन करें, जिनमें विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और इलेक्ट्रोलाइट भरपूर मात्रा में हो। संतरा, नींबू, किवी और अंगूर जैसे फल विटामिन सी का अच्छा स्रोत हैं। अनानास और पपीता में मौजूद एंजाइम पाचन क्रिया में मदद करते हैं। इसके अलावा चिकित्सीय परामर्श से दवाएं कराएं।
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ये घरेलू उपाय कर सकते हैं
- डॉ. हृदयेश पटेल बताते हैं कि चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध न हो तो घर में ताजे पपीते का पत्ता निकालें और उसे टुकड़ों में काट लें। पपीते की पत्ती को तीन चम्मच ठंडे पानी में मिला लें। मिश्रण को पीसकर छान लें और डेंगू बुखार के इलाज के लिए दिन में कम से कम तीन बार पपीते की पत्तियों का सेवन करें। पपीते के पत्ते में विटामिन सी, विटामिन ई, एंटी ऑक्सीडेंट्स और पपेन नामक कंपाउड होता है। जिससे प्रोटीन का डाइजेस्ट करने में मदद मिलती है। बकरी का दूध डेंगू में फायदेमंद होता है। इससे प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ते हैं।
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बता दें कि मौसम में बदलाव से बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। वहीं मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। आसपास के जिलों में पहले ही डेंगू के मामले आने शुरू हो गए हैं। अब जिले में भी डेंगू की पुष्टि होना शुरू हो गई है। फिजिशियन डॉ. हृदयेश पटेल व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.आरके गुप्ता ने शुक्रवार को 14 मरीजों की डेंगू जांच कराई।
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इनमें शहर कोतवाली क्षेत्र के स्टेशन रोड निवासी सलोनी (15) की जांच में डेंगू की पुष्टि की गई। उसे महिला वार्ड में भर्ती कराया गया है। सलोनी के पिता सुशील कुमार ने बताया कि उसे पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिला अस्पताल अधिकारी के अनुसार अस्पताल में डेंगू एलाइजा रीडर से जांच की जा रही है।
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-जिले में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को भी जिला अस्पताल मरीजों की काफी संख्या रही और पैथोलॉजी सेंटर में जांच के लिए मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। यहां 307 मरीजों की जांच की गईं।
- जिला अस्पताल में इन दिनों वायरल फीवर और उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार की ओपीडी में 1351 मरीजों ने अपना पंजीयन कराया। इनमें 500 से ज्यादा मरीज वायरल फीवर और उल्टी दस्त के रहे।
-विटामिन सी युक्त फलों का सेवन करें
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता व फिजीशियन डॉ. हृदयेश पटेल ने बताया कि डेंगू बुखार में ऐसे फलों का सेवन करें, जिनमें विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और इलेक्ट्रोलाइट भरपूर मात्रा में हो। संतरा, नींबू, किवी और अंगूर जैसे फल विटामिन सी का अच्छा स्रोत हैं। अनानास और पपीता में मौजूद एंजाइम पाचन क्रिया में मदद करते हैं। इसके अलावा चिकित्सीय परामर्श से दवाएं कराएं।
ये घरेलू उपाय कर सकते हैं
- डॉ. हृदयेश पटेल बताते हैं कि चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध न हो तो घर में ताजे पपीते का पत्ता निकालें और उसे टुकड़ों में काट लें। पपीते की पत्ती को तीन चम्मच ठंडे पानी में मिला लें। मिश्रण को पीसकर छान लें और डेंगू बुखार के इलाज के लिए दिन में कम से कम तीन बार पपीते की पत्तियों का सेवन करें। पपीते के पत्ते में विटामिन सी, विटामिन ई, एंटी ऑक्सीडेंट्स और पपेन नामक कंपाउड होता है। जिससे प्रोटीन का डाइजेस्ट करने में मदद मिलती है। बकरी का दूध डेंगू में फायदेमंद होता है। इससे प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ते हैं।